धारा 370 हटाने के बाद पाक विस्थापित परिवार परेशान, बंद न हो जाए थार एक्सप्रेस

धारा 370 हटाने के बाद पाक विस्थापित परिवार परेशान, बंद न हो जाए थार एक्सप्रेस

abdul bari | Publish: Aug, 08 2019 01:44:53 AM (IST) Barmer, Barmer, Rajasthan, India

जम्मू-कश्मीर ( jammu kashmir ) से धारा 370 ( Article 370 ) हटाने के बाद पाकिस्तान ने भारत से द्विपक्षीय संबंध तोडऩे की घोषणा की है तो इसका बड़ा असर बाड़मेर में थार एक्सप्रेस ( THAR EXPRESS ) के संचालन को लेकर पड़ सकता है। ( Pak displaced )

बाड़मेर
जम्मू-कश्मीर ( jammu kashmir ) से धारा 370 ( Article 370 ) हटाने के बाद पाकिस्तान ने भारत से द्विपक्षीय संबंध तोडऩे की घोषणा की है तो इसका बड़ा असर बाड़मेर में थार एक्सप्रेस ( thar express ) के संचालन को लेकर पड़ सकता है। भारत पाकिस्तान के बीच 18 फरवरी 2006 से चल रही इस रेल में अब तक 4 लाख से अधिक यात्री दोनों ओर से यात्रा कर चुके हैं। बाड़मेर के एक लाख पाक विस्थापित ( pak displaced ) परिवारों का पाकिस्तान से रोटी-बेटी का रिश्ता ( INDIA PAK RELATION ) है। अब, ये परिवार फिक्र में आ गए हैं।


दरअसल, 1965 के युद्ध से पहले भारत-पाकिस्तान के बीच में रेल का संचालन जोधपुर से कराची तक होता था लेकिन 1965 के युद्ध में रेल पटरियां क्षतिग्रस्त होने और दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थितियां ( stressful situations )
होने से रेलमार्ग को बंद कर दिया गया। 18 फरवरी 2006 को 41 साल बाद इस रेल को पुन: प्रारंभ किया गया।


दोस्ती की रेल

बाड़मेर में 1947 के बाद एक लाख पाक विस्थापित आ चुके हैं। राजस्थान और गुजरात में यह संख्या 8 लाख के करीब है। इतने परिवारों के रिश्तेदार पाकिस्तान में हैं। बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, जालौर, बीकानेर व गुजरात के कच्छ में बसे परिवारों के लिए यह रेल पाकिस्तान आने जाने के लिए एक मात्र साधन रही है। रेल संचालन के बाद रिश्ते फिर से मधुर हुए और बरसों से बिछड़े हुए लोग आपस में मिले। 4 लाख लोगों ने इससे यात्रा की है।

 

हर हफ्ते 700 से 800 भारतीय और पाकिस्तानी इसमें सफर कर रहे हैं। यहां से संचालित होती है रेल जोधपुर के भगत की कोठी से रेल रवाना होती है जो बाड़मेर के मुनाबाव (अंतिम रेलवे स्टेशन ) पहुंचती है। जहां अतंरर्राष्ट्रीय स्तर का रेलवे प्लेटफार्म है। यहां इमीगे्रशन व कस्टम जांच के बाद रेल को रवाना किया जाता है जो बॉर्डर क्रास कर खोखरापार (पाकिस्तान) के रेलवे स्टेशन पहुंचती है। यहां पर पाकिस्तान की ओर से इमीगे्रशन कस्टम जांच की जाती है। यहां से रेल कराची तक जाती है।


ट्रेन समय सारिणी

सप्ताह में एक बार शनिवार को रवाना होकर दोनों ओर रविवार को पहुंचती है। 381 किलोमीटर का सफर 7 घंटे और 05 मिनट में तय करना निर्धारित है लेकिन कस्टम इमीग्रेशन जांच के कारण समय ज्यादा लगता है।


चिंता बढ़ गई है

जम्मू कश्मीर को लेकर भारत का निर्णय साहसिक है। यह भारत का आंतरिक मामला है लेकिन पाकिस्तान थार एक्सप्रेस को बंद करने का निर्णय करता है तो इसका असर पाक विस्थापित परिवारों पर पडेग़ा। इन परिवारों के अपने पाक में हैं, जिनकी फिक्र है।

- डा. बाबूदान, पाक विस्थापित


मुश्किलें बढ़ेगी...

पाकिस्तान में रहने वाले हमारे लोगों पर पहले से ही अत्याचार और ज्यादती है। अब थार एक्सप्रेस बंद होते ही उनकी मुश्किलें बढ़ेगी।

- खीमाराम माली, पाक विस्थापित

 

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