बाड़मेर. पेट्रोल पम्प संचालकों ने शनिवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत बाड़मेर में पेट्रोल पम्प बंद रख कर विरोध जताया। इसके चलते आमजन को परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि शुक्रवार को लोगों को हड़ताल का पता चलने पर कई वाहन चालकों ने पेट्रोल, डीजल भरवा दिया लेकिन अनजान रहे लोग परेशान रहे। पेट्रोल खत्म होने पर दुपहिया वाहन चालक धक्के लगाते हुए वाहन लेकर गए।

मगसिंह राजपुरोहित फिलिंग स्टेशन राणीगांव ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल, डीजल पर वैट ज्यादा है जिसके चलते गुजरात, पंजाब, हरियाणा आदि पड़ोसी राज्यों के मुकाबले यहां दाम अधिक है। इसका असर यह है कि हाइवे पर चलने वाले वाहन विशेषकर बड़े वाहन चालक पड़ोसी राज्यों से डीजल भरवाते हैं, जिस पर हाइवे के पेट्रोल पम्पों का धंधा चौपट हो गया है। स्थिति यह है कि इन पेट्रोल पम्पों पर बिकवाली काफी कम हो चुकी है। इससे पेट्रोल पम्प बंद करने की नौबत आ रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार से मांग है कि पड़ोसी राज्यों से वैट कम किया जाए जिससे कि हमारे यहां दाम कम हो जाएंगे।

दाम कम होने पर ब्रिकी बढ़ेगी तो सरकार को राजस्व हानि नहीं होगी। वहीं, पड़ोसी राज्यों से अवैध तरीके से डीजल, पेट्रोल लाकर हाइवे की होटलों, ढाबों पर बेचा जा रहा है। इस पर भी रोक लगानी चाहिए। सरकार प्रशासन व पुलिस को निर्देश दे कि वे अवैध डीजल, पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करे। इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की गई।

लोगों को उठानी पड़ी परेशानी- पेट्रोल पम्पों की हड़ताल पर आमजन को परेशानी झेलनी पड़ी। विशेषकर दुपहिया वाहन चालक जिन्हें हड़ताल का पता नहीं था, वे पेट्रोल पम्प पहुंचे लेकिन बंद होने पर दिक्कत हुई। कई जने तो वाहन धकेल कर घर तक पहुंचे।

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