पुलिस हिरासत में युवक की मौत का मामला: 78 घण्टे बाद 25 लाख रुपए मुआवजा व सरकारी नौकरी पर बनी सहमति

पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में 78 घण्टे बाद यानि चौथे दिन रविवार शाम शव उठाने व पोस्टमार्टम के लिए परिजनों की सहमति बन पाई।

By: kamlesh

Published: 01 Mar 2020, 09:27 PM IST

बाड़मेर। पुलिस हिरासत में युवक की मौत के मामले में 78 घण्टे बाद यानि चौथे दिन रविवार शाम शव उठाने व पोस्टमार्टम के लिए परिजनों की सहमति बन पाई। विधायक मेवाराम जैन व कांग्रेस नेता बाबूलाल नागर के बीच अंतिम दौर में हुई वार्ता में पीडि़त परिवार को 25 लाख रुपए का मुआवजा, मृतक के भाई को सरकारी नौकरी सहित अन्य मांगों पर सहमति बन पाई। पुलिस हिरासत में दलित युवक जितेन्द्र की मौत के मामले में 4 दिन से शव उठाने व पोस्टमार्टम को लेकर गतिरोध बना हुआ था।

राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरना स्थल पर रविवार सुबह राजस्व मंत्री हरीश चौधरी व विधायक मेवाराम जैन दूसरे दिन फिर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकत कर निष्पक्ष जांच के लिए आश्वस्त कर मनाने की कोशिश की, लेकिन परिजन सीबीआई जांच, एक करोड़ का मुआवजा व सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े रहे।

इसके बाद विधायक मेवाराम जैन, कांग्रेस नेता बाबूलाल नागार के बीच प्रतिनिधिमण्डल की अंतिम दौर हुई वार्ता में सहमति बन पाई। इसके बाद प्रतिनिधिमण्डल ने जिला कलक्टर के साथ वार्ता हुई। जहां मृतक के भाई चम्पालाल को नगर परिषद में लगाने का नियुक्ति पत्र जारी किया। इसके अलावा 25 लाख रुपए का मुआवजा देने पर सहमति बन पाई। इसके अलावा भूखण्ड आंवटन की मांग परिजनों ने रखी, इस पर विधायक मेवाराम जैन ने आश्वस्त किया। इसके बाद मेडिकल बोर्ड से न्यायिक मजिस्ट्रेट के निगरानी में पोस्टमार्टम की कार्यवाही शुरू की गई।

मां व पत्नी अस्पताल में भर्ती
राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरनास्थल पर चार दिन से भूखी-प्यासी मृतक की मां सुशीला व पत्नी दुर्गा की रविवार दोपहर में अचानक तबीयत बिगड़ गई। दोनों को राजकीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां मां की स्थिति गंभीर होने पर आसीयू में शिफ्ट किया गया।

भाजपा का प्रदेश स्तरीय दल पहुंचा
भाजपा का प्रदेश स्तरीय दल रविवार सुबह बाड़मेर पहुंचा। दल में जालोर सिरोही सांसद देवजी पटेल, विधायक मदन दिलावर, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र गहलोत एवं राजेंद्रसिंह शेखावत शामिल थे। दल के सदस्य मृतक की कबाड़ी की दुकान, घर, धरनास्थल व ग्रामीण पुलिस थाने पहुंचे। जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई। दल सम्पूर्ण रिपोर्ट बनाकर प्रदेश नेतृत्व को सुपुर्द करेगा। इससे पहले दल के सदस्य मृतक की मां व पत्नी की हालात जानने अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने मुलाकत की। इसके बाद रालोपा विधायक पुखराज गर्ग भी धरनास्थल पहुंचे।

मां ने कहा था मेरे परिवार की सुरक्षा करो
मृतक की मां सुशीला ने रविवार को मीडिया के सामने कहा कि हमे न्याय चाहिए। अब मुकदमा वापस लेने के लिए धमकियां मिल रही है। मेरे बच्चे के फोन पर धमकी देकर कहा जा रहा है कि मुकदमा वापस ले लो, नहीं तो हम तुझे भी मार देंगे। रोते बिलखते हुए मां ने कहा कि मेरे परिवार की सुरक्षा करो।

मोर्चरी के बाहर धरना समाप्त
राजकीय अस्पताल परिसर की मोर्चरी के बाहर चार दिन से धरना जारी रहा। सहमति बनने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। यहां रविवार दिनभर नेताओं का आना-जाना जारी रहा। कानून व्यवस्था संभालने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस व आरएसी के जवान तैनात किए हुए हैं।

यह था पूरा मामला
बाड़मेर शहर के हमीरपुरा निवासी जितेंद्र (27 ) पुत्र ताराचंद को ग्रामीण थाना पुलिस बुधवार को चोरी के पाइप खरीदने के संदेह पर पूछताछ के लिए थाने लेकर आई थी। जहां पूछताछ के बाद बिना गिरफ्तार किए थाने में रखा और अचानक तबीयत बिगडऩे से गुरुवार को उसकी मौत हो गई थी। परिजनों की रिपोर्ट पर थानाधिकारी सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ था।

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