कोरोनावायरस: पॉजिटिव मरीज वार्ड और आइसीयू में रख सकेंगे मोबाइल और लेपटॉप

-परिजनों से वीडियो व वॉयस कॉलिंग की सुविधा के लिए दी अनुमति
-समय सीमा की होगी पाबंदी, सेनेटाइज करने की जिम्मेदारी अस्पताल की
-आइसोलेशन और बातचीत नहीं होने से अवसाद के लक्षण भी मरीजों में आए सामने

By: Mahendra Trivedi

Published: 02 Aug 2020, 11:12 AM IST

बाड़मेर. कोरोनावायरस के मरीजों को अब आइसीयू में भी मोबाइल और लेपटॉप साथ रखने की अनुमति मिल गई है। अस्पताल प्रबंधन कोविड-19 के मरीजों को भर्ती करने के दौरान मोबाइल वार्ड में नहीं ले जाने देता था। ऐसे में मरीज अपने परिजनों से लंबे समय तक बात तक नहीं कर पाते थे। अब अनुमति मिलने से मरीजों को काफी सुविधा मिलेगी।
कोविड-19 के मरीज को आइसोलेशन में रखने का प्रोटोकॉल है। इसके साथ ही वार्ड या आईसीयू में भर्ती करने पर वह मोबाइल साथ में नहीं रखने दिया जाता था। ऐसी स्थिति में मरीजों को करीब 14 से अधिक दिनों तक बिना परिजनों से बात करने रहना पड़ता था। ऐसी स्थिति में कई वायरस पीडि़तों को बैचनी सहित कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
अवसाद की स्थिति जैसे लक्षण
लंबे समय तक परिजन व परिचितों से नहीं मिलना और आइसोलेशन में रहने के कारण अवसाद जैसी स्थिति के लक्षण भी मरीजों में उभरने लगे। महामारी से पीडि़त और अकेले रहना व संवादहीनता के चलते मरीज चिंताग्रस्त पाए गए। वहीं कुछ अवसाद के मामले भी सामने आए। इसके लिए चिकित्सा विभाग ने पूर्व में मनोरोग विशेषज्ञों से अवसाद के लक्षणों वाले मरीजों की काउंसलिंग करवाने के भी निर्देश दिए थे।
अब आईसीयू तक मोबाइल की अनुमति
मरीज वार्ड या आइसीयू में वीडियो या वॉयस कॉलिंग के लिए स्मार्ट फोन व लेपटाप-टेबलेट का उपयोग कर सकेगा। लेकिन इसके लिए समय सीमा अस्पताल प्रभारी निर्धारित करेंगे। मरीज के लिए कितनी देर बात करना उसके स्वास्थ्य के लिए ठीक है आदि का विशेष ध्यान रखना होगा।
पीडि़त मरीजों को बातचीत से मिलेगी राहत
मनोरोग विशेषज्ञ बताते हैं कि रोगी की देखभाल तो चिकित्साकर्मी कर लेते हैं। लेकिन उसकी भावनाएं परिजनों और परिचितों से जुड़ी होती है। ऐसे में किसी तरह की पीड़ा में उनसे बातचीत होना बहुत जरूरी है। इसलिए दिन में अगर एक बार भी वीडियो या वॉयस कॉलिंग हो जाए तो मरीज के साथ परिजनों को भी काफी राहत मिलेगी। बातचीत से मरीज के जल्दी स्वस्थ होने की उम्मीद भी बढ़ती है। मानसिक शांति मिलती है।
निदेशालय ने जारी किए आदेश
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग (जन स्वास्थ्य) निदेशक ने प्रदेश के समस्त सीएमएचओ को निर्देश जारी किए है। जिसमें मरीजों को वार्ड व आईसीयू में मोबाइल के उपयोग की अनुमति के निर्देश के साथ ही उसे नियमित रूप से सेनेटाइज करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का कहा है।

Mahendra Trivedi Reporting
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