
refinary barmer
बालोतरा.
पचपदरा रिफाइनरी शुभारंभ समारोह आयोजन तैयारियां जोर शोर से जारी है। व्यवस्थाओं में सैकड़ों अधिकारी,कार्मिक व श्रमिक जुटे हुए हैं। अधिकांश कार्य पूर्ण होने पर व्यवस्थाओं को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है।
शनिवार को परिवहन मंत्री यूनुस खान, राज्य मंत्री अमराराम चौधरी, राज्य मंत्री महेन्द्रसिंह राठौड़, भाजपा प्रदेश महामंत्री अभिषेक मटोरिया, प्रदेश मंत्री कैलाश मेघवाल, व्यवसायिक प्रकोष्ठ सह संयोजक गणपत बांठिया ने आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को देखा। यहां चल रहे कार्यों का बारिकी से निरीक्षण किया। उन्होंने संभागीय आयुुक्त रविकुमार सुरपुर, जिला कलक्टर शिवप्रकाश नकाते को आवश्यक निर्देश दिए। सुरक्षा को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस के अधिकारी व जवान डेरा डाले हुए हैं। विशेष सुरक्षा बल ने क्षेत्र को कब्जे में लेकर निगरानी शुरू कर दी है। इस पर अब यहां लोगों को आने नहीं दिया जा रहा है।
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने रिफाइनरी को लेकर लगाया आरोप- गहलोत ने राजनीतिक फायदे में प्रदेश को डूबोया
बाड़मेर पत्रिका.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी ने शनिवार को पत्रकारवार्ता में कहा कि बाड़मेर रिफाइनरी की शुरुआत 2005 में हुई थी। केन्द्र सरकार को उस वक्त हमने रिफाइनरी को लेकर पत्र लिखा था लेकिन केन्द्र में सरकार कांग्रेस की थी। स्वीकृति नहीं दी। उसके बाद कांग्रेस की सरकार आई लेकिन गहलोत चुप बैठे रहे । साढ़े चार साल बाद चुनावी फायदा लेने के लिए उन्होंने आनन-फानन में रिफाइनरी का शिलान्यास करवाया। उस वक्त मुख्यमंत्री ने विधानसभा में पूर्व में हुए एमओयू पर सवाल खड़ा किया था लेकिन सुनवाई नहीं हुई। फिर हमें एमओयू को बदलना पड़ा है। पूर्व में हुआ एमओयू गलत था। रिफाइनरी को लेकर एक्सपर्ट कमेटी बनाई। भाजपा सरकार ने 56 हजार करोड़ की बजाय रिफाइनरी कम्पनी को 40 हजार करोड़ में काम करवाने पर लाए है। इससे 16 हजार करोड़ का फायदा होगा। उन्होंने चुनावी फायदे के सवाल पर कहा कि भाजपा विकास के काम चुनावी फायदे के लिए नहीं करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐसे काम किया है। जिसने लोगों को जाति में बांटने का काम किया है। उन्होंने तीसरे मोर्चा बनाने के सवाल पर कहा कि यह बात े 15 वर्षो से सुन रहा है। यह राजस्थान की जनता बर्दाश्त भी नहीं करेगी।
40 हजार करोड़ का नुकसान किया
उन्होंने गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनावी फायदे के लिए प्रदेश को कर्ज में डुबाया है। रिफाइनरी के नाम पर 40 हजार करोड़ रुपए का नुकसान पहुुंचाया है। उन्होंने बिना जमीन महज चुनावी फायदे के लिए यह सब किया है। प्रदेशवासियों के आर्थिक हितों का कतई ख्याल नहीं रखा।
Published on:
14 Jan 2018 12:01 am
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