बाड़मेर. जहां एक ओर भीषण गर्मी के दौर में आम लोग परेशान हो रहे हैं वहीं इस गर्मी का पारा 40 पार होने पर खेतों में खड़ी बाजरे की फसलों में दाना पकने लगा है। बाजरा की उनालू फसल के लिए किसान को तेज धूप, गर्मी और लू चलने का इंतजार रहता है ताकि दाना पुष्ट वजनदार और बड़ा हो सके तथा उसमें प्राकृतिक पौष्टिकता का भी संश्लेषण हो सके।
ऐसा ही चौहटन उपखंड के गौहड़ का तला सरहद में अंजना पत्नी लक्ष्मण सोलंकी के खेत में लहलहाती बाजरे की फसल का ऐसा ही एक नजारा जिसमें अब बड़े सिट्टों में दाना पकने लगा है। अंजना बताती है कि उसके कृषि कुएं पर किसान करमुराम मेघवाल इस भीषण गर्मी और लू के बीच अपने पसीने से फसल को सींचता है। कोरोना वायरस की आहट होने के साथ ही मार्च के अंतिम सप्ताह में जब देश में लॉकडाउन लागू हुआ, उसी दरम्यान इस किसान ने खेत में बाजरे की फसल बुवाई की, लॉक डाउन के चार चरण पूरे होकर पांचवा चरण लागू होने वाला है। पैंसठ दिनों के इस दौर के बाद लॉक डाउन के पांचवें चरण में इस फसल की कटाई होगी।

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