नीलामी में खरीदा वाहन, नम्बर बदल कर पुराने का नए मॉडल में करवा दिया रजिस्ट्रेशन

bhawani singh

Publish: Oct, 12 2017 09:54:22 (IST)

Barmer, Rajasthan, India
नीलामी में खरीदा वाहन, नम्बर बदल कर पुराने का नए मॉडल में करवा दिया रजिस्ट्रेशन

- बाड़मेर में चोरी के वाहनों का हो रहा है फर्जी पंजीयन, नीलाम हुए वाहनों के लगवा रहे हैं नम्बर

 

बाड़मेर। आबकारी अधिकारी कार्यालय से वाहन की नीलामी हुई। उस वाहन के नम्बर एक चोरी के वाहन पर चढ़ गए। बाकायदा इसका पंजीयन हुआ। हैरत वाली बात यह कि वाहन तो पुराने मॉडल का था, लेकिन रजिस्ट्रेशन हुआ नए मॉडल का। यह कारस्तानी किसने, कैसे की? यह जांच का विषय है। इस पूरे मामले में एक को पुलिस ने दबोच लिया और दो गिरफ्त से बाहर है। असल में यह खेल परिवहन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की शह और मिलीभगत से चल रहा है। गुजरात व महाराष्ट्र से वाहन चोरी कर बाड़मेर में बेचा जा रहा है। वर्षों से यह गड़बड़झाला चल रहा है। फर्जी रजिस्ट्रेशन के आरोपितों में से ही एक ने स्वयं के फंसने के अंदेशे पर पुलिस में मामला दिया और उसके बाद इस कारस्तानी का पता चला।

 

यह है पूरा मामला
वर्ष 2008 में शराब से भरी गुजरात नम्बरी स्कॉर्पियों गाड़ी सदर पुलिस ने पकड़ कर आरोपित को गिरफ्तार किया। उसके बाद यह वाहन वर्ष-2009 में आबकारी विभाग की ओर से की गई नीलामी में अमित गोयल ने 1 लाख 75 हजार में खरीदा। तब यह वाहन मॉडल 2002 का था। बाद में उसने यह गाड़ी बेच दी। नवीन रजिस्ट्रेशन नए मॉडल स्कॉर्पियों हॉक में करवा दिया। यह रजिस्ट्रेशन पहले महेन्द्रसिंह के नाम हुआ। उसके बाद फर्जी रजिस्ट्रेशन प्रेमसिंह के नाम करवाया गया।

 

फिर हुआ मामला दर्ज
वर्ष 2016 में प्रेमसिंह को शक हुआ कि महेन्द्रसिंह ने चोरी हुए वाहनों का धोखाधड़ी कर उसके नाम रजिस्टे्रशन करवाया है। इस पर प्रार्थी ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि महेन्द्रसिंह की ओर से उसके नाम एक हाईवा, स्कॉर्पियो व एक बोलेरो वाहन फर्जी तरीके से रजिस्ट्रेशन करवाए है। पुलिस ने जांच में सामने आया कि हाईवा नम्बर आरजे04 जीबी 1936 नम्बर का रजिस्ट्रेशन फर्जी पाया गया। इसमें मेहन्द्रसिंह, प्रेमसिंह ने यातायात एजेंट सोनू उर्फ नरेन्द्र सिंधी के पास जाकर जिला आबकारी अधिकारी उदयपुर के नाम एक फर्जी नीलामी विक्रय पत्र तैयार करवाया। फिर चोरी हुए वाहन के चेसिस व इंजन नम्बर चम्पालाल लुहार से घिसवा कर परिवर्तन करवा दिया। पुलिस ने तीन आरोपितों के खिलाफ जुर्म प्रमाणित माना था। इसमें मामला दर्ज करवाने वाला प्रेमसिंह भी शामिल है।

 

एक रजिस्टे्रशन हुआ था निरस्त

मामला प्रकाश में आने के बाद तत्कालीन जिला परिवहन अधिकारी ने रजिस्ट्रेशन निरस्त कर जांच प्रस्तावित की थी। वहीं वाहन सदर पुलिस के कब्जे में है।


- मामले की जांच करवाई जाएगी

ऐसा मामला मेरे ध्यान में नहीं है। पुराने वाहन पर नए मॉडल का रजिस्टे्रशन हुआ है तो फाइल देखकर नियमानुसार कार्रवाई होगी। - डी.डी.मेघाणी, जिला परिवहन अधिकारी बाड़मेर

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