स्वाइन फ्लू पॉजिटिव, रैफर टू जोधपुर

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By: Mahendra Trivedi

Updated: 07 Jan 2019, 05:45 PM IST

स्वाइन फ्लू पॉजिटिव, रैफर टू जोधपुर
आइसोलेशन वार्ड में नहीं है वेंटिलेटर : पॉजिटिव मरीजों के परिजन की स्क्रीनिंग में हो रही देरी
अस्पताल एक स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए नियम अलग-अलग
बाड़मेर . स्वाइन फ्लू का असर थार में बढ़ता जा रहा है। रोजाना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं। वहीं चिकित्सा विभाग कार्मिकों के गंभीर नहीं होने से सामान्य मरीजों और परिजन में संक्रमण का
खतरा बढ़ गया है। बाड़मेर के राजकीय जिला अस्पताल और एमसीएच यूनिट में स्वाइन फ्लू के पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों को लेकर भी अलग-अलग नियम अपनाए जा रहे हैं।
थार में स्वाइन फ्लू का संक्रमण बड़ों के साथ बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है। सरकारी रेकॉर्ड पिछले पांच दिनों में 8 मरीज पॉजिटिव आए हैं। जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। वहीं गिड़ा क्षेत्र में एक महिला मरीज की मौत हो चुकी है। चिकित्सा विभाग दावा कर रहा है कि स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण है, लेकिन मॉनिटरिंग और स्क्रीनिंग में अभी भी अनदेखी सामने आ रही है। इसके कारण मरीज बढ़ रहे हैं।
खांसी-जुकाम पीडि़त विद्यार्थी प्रार्थना सभा में नहीं होंगे शामिल, कलक्टर के शिक्षा विभाग को निर्देश
बाड़मेर . स्वाइन फ्लू के बढ़ते प्रकोप के बाद रविवार को प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया। जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने खांसी और जुकाम से पीडि़त विद्यार्थियों को प्रार्थना सभा में शामिल नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों के बीच एक-एक मीटर की दूरी रखने का भी कहा है।
बाड़मेर जिले में पिछले पांच दिनों में 8 मरीज पॉजिटिव आए हैं। इसमें से एक महिला मरीज की मौत हो गई। वहीं दो संदिग्ध मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। जिसमें एक 2 साल का बच्चा है।
स्वाइन फ्लू नियंत्रण कक्ष : जिला मुख्यालय पर स्वाइन फ्लू संबंधित जानकारी नियंत्रण कक्ष 02982-231061, 230462 पर सूचना दी जा सकती है।
एमसीएच यूनिट बच्चे को स्वाइन फ्लू, परिजन की नहीं स्क्रीनिंग
जिला अस्पताल परिसर की एमसीएच यूनिट में स्वाइन फ्लू के लिए अलग से बच्चों का वार्ड बनाया हुआ है। इसमें 5 बेड लगे हैं। रविवार को वार्ड में एक बच्चा पॉजिटिव व एक संदिग्ध भर्ती मिला। जालीपा गांव निवासी पॉजिटिव बच्चे की उम्र तीन साल है तथा पिछले चार दिनों से यहां भर्ती है। उसके साथ आए परिजन तक को यह पता नहीं था कि उनके बच्चों को स्वाइन फ्लू है और यह दूसरों में भी फैल सकता है। शुक्रवार को बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लेकिन दूसरे दिन तक बच्चे के माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों की न तो स्क्रीनिंग हुई और ना ही टेमीफ्लू टेबलेट दी गई। यहां संदिग्ध और पॉजिटिव बच्चे दोनों के लिए एक ही वार्ड है। कार्मिकों ने बताया कि उन्होंने बच्चों के परिजन को मॉस्क लगाने को दिए थे। लेकिन वार्ड में परिजन बिना मॉस्क लगाए इधर-उधर घूम रहे थे। इससे अन्य लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया। कार्मिकों का कहना है यहां परिजन को देने के लिए उनके पास टेमीफ्लू उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
आइसोलेशन वार्ड में नहीं लाइफ सपोर्ट सिस्टम
राजकीय जिला अस्पताल में इमरजेंसी के पास ही आइसोलेशन वार्ड बनाया है। इसमें दस बेड लगाए गए हैं। शुक्रवार को एक पॉजिटिव महिला यहां भर्ती थी। लेकिन देर रात 11 बजे उसकी हालात ठीक नहीं होने पर उसे जोधपुर रैफर कर दिया गया। वार्ड के पास इमरजेंसी में टेमीफ्लू दवा उपलब्ध है। वार्ड में ऑक्सीजन की जरूर व्यवस्था है लेकिन यहां वेंटिलेटर नहंीं है। इसके चलते गंभीर मरीज के आने पर उसे रैफर कर दिया जाता है। कार्मिकों का कहना है कि यहां उपचार करते हैं, लेकिन सुधार नहीं होने पर रैफर कर देते हैं। जबकि वार्ड में केवल दवा और ऑक्सीजन के अलावा जीवन रक्षक उपकरण नहीं होना रैफर का सबसे बड़ा कारण सामने आया। कार्मिकों का कहना है यहां पर केवल पॉजिटिव मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। जबकि संदिग्ध मरीज सामान्य वार्डों में भर्ती हैं।
एक जगह सामान्य तो दूसरी जगह अलग भर्ती : एमसीएच यूनिट में जहां स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पॉजिटिव बच्चों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जा रहा है। वहीं राजकीय चिकित्सालय में आइसोलेशन में केवल पॉजिटिव मरीजों को भर्ती कर रहे हैं। वहीं संदिग्ध मरीज को सामान्य वार्ड में भर्ती किया जा रहा है।
बैठक के दौरान पुख्ता प्रबंध के दिए निर्देश
जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता ने रविवार को बैठक में जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति एवं इसकी रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए जाने पर तत्काल संपर्क में आए समस्त व्यक्तियों एवं आसपास रहने लोगों की स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रमुख चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव मितल ने राजकीय चिकित्सालय में आइसोलेशन वार्ड के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मरीजों के संपर्क में आने वाले चिकित्साकर्मियों को भी मास्क, गोगल्स आदि उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला कलक्टर ने प्रमुख चिकित्साधिकारी को आगामी दस दिनों में राजकीय चिकित्सालय में वेंटिलेटर की सुविधा प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
करवाते हैं स्क्रीनिंग
&अस्पताल में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव एक बच्चा भर्ती है। रविवार को पांच मरीजों के सेम्पल जांच के लिए भेजे गए हैं। पॉजिटिव मरीज मिलने पर क्षेत्र में टीम भेजकर स्क्रीनिंग करवाई जाती है।
डॉ. संजीव मित्तल, पीएमओ, राजकीय चिकित्सालय, बाड़मेर

Mahendra Trivedi Reporting
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