घर-घर पहुंच रहे शिक्षक, प्रवेशोत्सव की धूम

जुलाई तक चलेगा कार्यक्रम, कोरोना के चलते शिक्षक कर रहे सर्वे

By: Dilip dave

Published: 03 Jul 2021, 12:49 AM IST

बाड़मेर. स्कू  लों में शिक्षण कार्य भले ही नहीं चल रहा है लेकिन शिक्षा विभाग नए सत्र की तैयारी में जुटा हुआ है। सरकारी विद्यालयों में नवप्रवेश के साथ ड्रॉप आउट को जोडऩे की कवायद में शिक्षक जुट गए हैं। प्रवेशोत्सव को लेकर इस बार रैली, बैठकें नहीं होने से वे घर-घर जाकर अभिभावकों से सम्पर्क कर रहे हैं। कोरोना के चलते पिछले दो शिक्षा सत्र से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।

पिछले साल मार्च २०२० में कोरोना के चलते स्कू  ल बंद हो गए जिस पर दसवीं, बारहवीं को छोड़ शेष कक्षाओं को प्रमोट किया गया। इस साल भी मार्च में कोरोना की दूसरी लहर आई और कक्षाओं का संचालन बंद हो गया।

वहीं, छोटी कक्षाओं का संचालन को पिछले साल से बंद ही था। अब दूसरी लहर का असर कुछ कम हुआ तो ७ जून ने नया शिक्षण सत्र शुरू हुआ। नए सत्र के शुरू होते ही सरकारी स्कू  ल में नामांकन बढ़ाने की कवायद आरम्भ हो गई। १५ जून तक स्कू  लों में कक्षावार रजिस्टर, प्रोमट के आधार पर परिणाम, प्रमाण पत्र आदि बनाए गए, जिसके बाद प्रवेशोत्सव की प्रक्रिया शुरू हुई है।

15 जुलाई तक घर-घर सर्वे- हर शिक्षा सत्र में प्रवेशोत्सव के तहत रैली, संगोष्ठी, जागरूकता कार्यक्रम, अभिभावक-शिक्षक सम्मेलन आदि होते हैं, लेकिन इस बार कोरोना के चलते एेसा नहीं हो रहा। इस पर शिक्षक खुद ही अभिभावकों के घर जाकर सर्वे कर रहे हैं। वे नवप्रवेशी बच्चों की सूची बनाने के साथ ड्रॉप आउट बच्चों को भी विद्यालय में जोडऩे की अपील कर रहे हैं।

पौने पांच लाख विद्यार्थी, दस फीसदी का लक्ष्य- वर्तमान में माध्यमिक, उच्च माध्यमिक विद्यालय ६९६ है जिसमें कार्यरत२ लाख १४ हजार विद्यार्थी अध्ययनरत है। वहीं, प्राथमिक शिक्षा के तहत प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, शिक्षाकर्मी विद्यालय ४०९८ है, जिसमें कार्यरत अध्यापक १४०९५ और २ लाख ६० हजार ६०१ विद्यार्थी है। करीब पौने पांच लाख विद्यार्थी जिले में अध्ययनरत है, जिसका दस फीसदी करीब पचास हजार नव प्रवेशित बच्चों को विद्यालय से जोडऩा है। इसको लेकर २३ हजार शिक्षकों को जिम्मा दिया हुआ है।

अधिक से अधिक नामांकन के निर्देश- प्रवेशोत्सव प्रक्रिया चल रही है। १५ जुलाई तक अभियान चलेगा। प्रत्येक शिक्षक को निर्देश दिया गया है कि वे अधिक से अधिक नामांकन सुनिश्चित करें। ड्रॉप आउट बच्चों को पुन: विद्यालय से जोड़े।- कृष्णसिंह महेचा, सीबीईओ बाड़मेर

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