जिला मुख्यालय के पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन हुए जर्जर

जिला मुख्यालय के पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन हुए जर्जर

Moola Ram | Publish: Nov, 15 2017 04:40:08 PM (IST) Barmer, Rajasthan, India

बेंटोनाइट लील गया भवन, छात्र खतरे में पढ़ रहे आज भी

बाड़मेर. सीमावर्ती जिला मुख्यालय के पॉलिटेक्निक कॉलेज की बिल्डिंग जर्जर, खण्डहर और खतरनाक हो गई। इसके बावजूद यहां पर करीब डेढ सौ विद्यार्थी पढ़ रहे है। जर्जर बिल्डिंग में हर समय डर रहता है। इसके बावजूद कक्षाएं जर्जर व खण्डहर भवनों में लग रही है।
निकटवर्ती जालिपा रोड़ स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यायल में पांच सालों से विद्यार्थियों को जर्जर बिल्डिंग में बैठना पड़ रहा है। बबूल की झाडियों के बीच यह इमारतें भूत बंगले की तरह रह गई है। कभी भी भरभराकर गिर जाए तो कोई अचरज नहीं होगा। यहां पर बेन्टोनाइट की परत की वजह से भवन जर्जर होकर खत्म हो रहे है। लेकिन इसका समाधान नहीं किया है।

मुड़ गई बिल्डिंग, गिर गई छत
पॉलिटेक्निक महाविद्यालय के अंदर घुसने के बाद एक बार ऐसा लगता है कि यह एक जंगलराज हो गया है। यहां चहूंओर बबूल की झाडिय़ों के बीच बनी इमारतें पूरी तरह जर्जर हो गई। वहीं 1993 में निर्मित बिल्ंिडग पूरी तरह नीचे गिर गई है। जर्जर बिल्ंिडग में कक्षाएं लग रही है। वचर्ष 2014 में 4 करोड़ की लागत से निर्माण हुई बिल्ंिडग में दरारें आ गई है लेकिन हालात यह है कि इस बिल्डिंग का अभी तक उपयोग भी नहीं लिया गया है। यहां खण्डहर भवन धूल फांकने की स्थिति में है।

करोड़ों के संसाधन पड़े है बंद
वर्ष- 1993 में निर्मित भवन में 11 प्रयोगशालाएं सहित अन्य करोड़ो के उपकरण कैद है। यहां पुरानी बिल्डिंग में 11 लैब है। इन पर वर्तमान में धूल जमी है। इनका उपयोग इसलिए नहीं लिया जा रहा है कि मशीन कक्ष को शुरू करने से मशीनों के कंपन से ही भवन गिर न जाए। ऐसे में भय के चलते करोड़ो की मशीनें बंद पड़ी है।

महिला छात्रावास बंद, सुविधा नहीं
पॉलिटेक्निक महाविद्यालय परिसर में सरकार ने एक करोड़ रुपए खर्च कर चार वर्ष पहले महिला छात्रावास का निर्माण करवाया लेकिन महाविद्यायल में एक भी छात्रा का प्रवेश नहीं हुआ है। ऐसे में यह छात्रावास बंद पड़ा है। इधर, लड़कों के लिए 1993 में निर्माण किया गया छात्रावास जर्जर होकर नीचे गिर गया है। ऐसे में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। ं महिला छात्रावास की बिल्डिंग में भी दरारें आ गई है।

खतरा और परेशानी
जर्जर बिल्डिंग में शिक्षण कार्य चलाना पड़ रहा है। करोड़ों की लागात से नई बिल्डिंग में दरारें आ गई है। हर समय खतरा रहता है। लड़कों के लिए छात्रावास नहीं है। महिला छात्रावास की बिल्डिंग खाली पड़ी है। - आरके जैसवाल, प्रधानाचार्य, पॉलिक्टिनक महाविद्यालय

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