बारिश में हो रही देरी ने किसानों की उड़ाई नींद

बारिश में हो रही देरी ने किसानों की उड़ाई नींद

Dilip dave | Publish: Jul, 13 2018 05:52:47 PM (IST) Barmer, Rajasthan, India

पहली बर्षा में बोई फसलें जल रही, बुवाई भी प्रभावित

 

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बालोतरा.
बारिश में होती देरी पर किसानों की रातों की नींद उड़ गई है। एक सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद सैकड़ों किसानों ने बुवाई की थी, लेकिन इसके बाद वर्षा नहीं होने व गर्मी बढऩे से फसलें जलने लगी है। वहीं, अधिकांश गांवों में अभी भी बारिश नहीं होने से धरतीपुत्र खेत जोतने का इंतजार कर रहे हैं। जिले में बारिश का इंतजार लम्बा होता जा रहा है। हालांकि कुछ दिन पहले मानसून की पहली बारिश हुई, लेकिन वह पर्याप्त नहीं थी। एेसे में अच्छी बारिश का अभी भी इंतजार ही है। अभी

दिन में तेज गर्मी व उमस तथा रात में ठण्डी हवाएं चलने किसानों को बारिश होने की संभावना कम दिख रही है। दिन में उमडऩे वाले बादल शाम को हवाएं चलने के साथ उड़ जाते हंै और आमजन व किसान वर्षा की बाट जोते ही रह जाते हंैं। एक पखवाड़े से यह स्थिति होने से किसान व आमजन चिंतित नजर आ रहे हैं।

पहली बुवाई पर भी संकट- एक पखवाड़ा पूर्व जिले के विभिन्न स्थानों बारिश हुई। इस पर किसानों ने 45 हजार हेक्टेयर में बाजरा, 27 हजार हेक्टेयर में मोठ, बाजरा मिश्रित, 7 हजार हेक्टेयर में मंूग, 3 हजार हेक्टेयर में मंूगफली, 2500 हेक्टेयर में मोठ, 700 हेक्टेयर में तिल, 1 हजार हेक्टेयर में ज्वार, 500 हेक्टेयर में हरा चारा, 300 हेक्टेयर में अन्य फसलों की बुवाई की थी। जिले में 87 हजार हेक्टेयर में ये फसलें खड़ी हैं, जो बारिश के अभाव में जल रही है। इससे किसान अधिक चिंतित है।
पेयजल संकट भी- बारिश नहीं होने से गांवों में पेयजल संकट भी खत्म नहीं हुआ है। सूखे तालाब, नाडियों पर पशुपालकों की स्थिति दयनीय हो रखी है। पशुओं के लिए चारा-पानी का प्रबंध करना दिन ब दिन मुश्किल हो रहा है।

फसलें जलने लगी-

क्षेत्र में अच्छी वर्षापर खेतों की जुताई-बुवाई की थी। बीज भी अच्छा अंकुरित हुआ। फसलों को अब पानी की जरूरत है। फसलें जलने लगी है। सप्ताह भर में बारिश नहीं हुई तो फसलें जल जाएगी।-

पेमाराम, कृषक

पेयजल संकट-मार्च की शुरुआत से पूर्व ही तालाब,नाडियों का पानी सूख गया था। गांव में पेयजल आपूर्ति बिगड़ी हुई है। वर्षा में होती देरी पर चारा-पानी का भी संकट पैदा हो रहा है।-
घेवरराम, पशुपालक

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