बाड़मेर. कोरोना संक्रमण के बीच जब पता चला कि अमूक व्यक्ति को कोरोना है तो लोगों ने दूरी बना ली। वहीं गांव में कोरोना फैलने की आशंका से डर गए तो कफ्र्यू लगने से ग्रामीण घरों में कैद हो गए, लेकिन अब जब वे ही लोग कोरोना से जंग जीत वापस लौट रहे हैं तो लोग फूल माला पहना कर स्वागत कर रहे हैं। सिणधरी के बामणी व शिव के थुंबली में एेसा ही हुआ।
सिणधरी. ग्राम पंचायत बामणी निवासी रामाराम प्रजापत का कोरोना से जंग जीतने पर सीएचसी सिणधरी में स्वागत किया गया। गौरतलब है कि रामाराम ८ मई को मुम्बई से गांव आया था, जहां उसका सैम्पल लिया गया। १० मई को रिपोर्ट आने पर पता चला कि वह कोरोना पॉजिटिव है, जिसके बाद उसे बाड़मेर कोविड सेंटर भेज दिया। वहां २१ दिन तक रहा। गुरुवार को उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने पर वहां से छुट्टी दे दी। बाड़मेर से सिणधरी पहुंचने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिणधरी में ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उम्मेदाराम पटेल के नेतृत्व में रामारामका माल्यार्पण और गुलाल से स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने चिकित्साकर्मियों सहित कोरोना वॉरियर्स की ताली बजा हौसला अफजाई की। इस अवसर पर मितेश यति,गोविंद जीनगर, मगाराम, कमलेश कुमार आदि उपस्थित थे।

शिव. क्षेत्र के आकली ग्राम पंचायत के राजस्व गांव थुंबली निवासी दोनों प्रवासी श्रमिकों की कोविंड 19 की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद दोनों को कोरोना केयर सेंटर से छुट्टी देने के बादगांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। खंड मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम विश्नोई ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व थुंबली निवासी दो प्रवासी श्रमिक कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें जिला मुख्यालय स्थित कोरोना केयर सेंटर भेजा गया था। दोनों की दूसरी रिपोर्ट गुरुवार को निगेटिव आने के बाद कोरोना केयर सेंटर से छुट्टी दे दी। दोनों गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने स्वागत किया।

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