दूल्हे आ गए हिन्दुस्तान,दुल्हन बैठी पाकिस्तान

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By: Ratan Singh Dave

Published: 09 Jul 2019, 05:13 PM IST

दूल्हे आ गए हिन्दुस्तान,दुल्हन बैठी पाकिस्तान

- वीजा नहीं मिलने से बारातें लौट रही खाली हाथ
- दुल्हनों को नहीं मिल रहा है वीजा

केस-1 पाकिस्तान के सिणेई गांव में भारत के गिराब (बाड़मेर) का महेन्द्रङ्क्षसह शादी को एक महीने पहले गया था। थार एक्सप्र्रेस से रविवार को लौटा है। महेन्द्र्र की दुल्हन साथ नहीं आई है। शादी रचाने के बाद एक माह तक वीजा का इंतजार किया। भारत सरकार की ओर से दुल्हन का वीजा नहीं मिलने पर वह लौट आया, अब वीजा आने पर दुल्हन भारत आएगी।
केस-2 जैसलमेर के बईया गांव के विक्रमङ्क्षसह और नेपालसिंह की शादी पाकिस्तान के अमरकोट क्षेत्र में हुई। अप्रेल माह में ये दोनों पाकिस्तान गए थे। दोनों दुल्हनों का वीजा नहीं मिला तो ये दोनों भाई लौट आए है। अब वीजा मिले तो दोनों दुल्हन पाकिस्तान से भारत आए।

बाड़मेर पत्रिका.
पुलवामा हमले और एयर स्ट्राइक के बाद में भारत-पाक के रिश्तों में आई सख्ती के बाद अब भारत-पाकिस्तान के बीच में होने वाली रिश्तेदारियों पर भी पाबंदी लगने लगी है। पाकिस्तान जाने वाली बारातें खाली हाथ लौट रही है। दुल्हन का वीजा जारी नहीं होने से उन्हें लाना मुश्किल हो रहा है। पिछले दो महीने में एेसे तीन मामले सामने आ गए है।

रोटी-बेटी का रिश्ता होने से बाड़मेर-जैसलमेर और जोधपुर से पाकिस्तान जाकर ब्याह रचाना यहां आम बात है। शादी के बाद भारत भी दुल्हन को अपनी बहू मानकर वीजा दे देता है और ये परिवार सहित यहां आसानी से रह रहे है लेकिन पुलवामा हमले और एयर स्ट्राइक के बाद गई तीन बारातें खाली हाथ लौटी है, जिनकी जानकारी है। इसके अलावा भी कई परिवार हो सकते है।
क्यों करते है पाकिस्तान में शादी

भारत-पाक बंटवारे के वक्त 1947 में कई हिन्दू परिवार पाकिस्तान रह गए। बंटवारे में विभिन्न जातियों में गौत्र अलग-अलग होने से पाकिस्तान में अधिसंख्यक रह गए और कम लोग भारत में। अब इन परिवारों को शादी के लिए गौत्र के हिसाब से पाकिस्तान से दुल्हन लानी पड़ रही है। दूसरा बंटवारे के बाद भी भारत-पाक में रोटी-बेटी का रिश्ता रहा है। जिन परिवारों में पाकिस्तान से पहले दुल्हनें आ चुकी है वे अपने परिवार की अन्य बेटियों को भी काबिल दूल्हा मिलने पर रिश्तेदारी में भारत शादी करवाने में रुचि ले रही है। जिससे रिश्ते तय हो रहे है। हर साल पंद्रह से बीस दुल्हन आती है।
दोनों देशों की ओर से सख्ती

परिजनों का कहना है कि दोनों देशों की ओर से सख्ती की जा रही है। पाकिस्तान वैसे कम एेतराज करता है, इस बार भारत की ओर से यह दिक्कत ज्यादा आ रही है। भारतीय दूतावास में दुल्हनों के वीजा का जवाब नहीं मिलने पर दूल्हे लौटे है।
भारत पहल करे

भारत और पाकिस्तान में रिश्तेदारियां पीढि़यों से है। इस कारण शादियां होना आम है। भारत सरकार इन मामलों में पैरवी करे और दुल्हनों के वीजा तुरंत उपलब्ध करवाए ताकि उनको भारत आने में आसानी हों। इस तरह की सख्ती से रिश्ते टूटेंगे।
डा. बाबूदान, अध्यक्ष धाट-पारकर वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन

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