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बाड़मेर

खरोंच-खरोंच कर निकाल रहे हैै तेलघट रहा उत्पादन…मिल नहीं रही नई सफलता

बाड़मेर-सांचौर बेसिन तेल क्षेत्र से तेल उत्पादन को बढ़ाना कंपनियों के लिए चुनौती बन गया है। 11 नए ब्लॉक पर करीब पांच साल में एक भी बड़ी खोज नहीं हुई है।

बाड़मेरJun 19, 2024 / 08:44 pm

Ratan Singh Dave

बाड़मेर-सांचौर बेसिन तेल क्षेत्र से तेल उत्पादन को बढ़ाना कंपनियों के लिए चुनौती बन गया है। 11 नए ब्लॉक पर करीब पांच साल में एक भी बड़ी खोज नहीं हुई है। इधर मौजूदा तेल भण्डार भी अपनी शीर्ष उत्पादन क्षमता को छू गए है। लिहाजा कंपनी अब रिकवरी रेट को बढ़ाने के लिए तीसरी तकनीक लाई है। इस सबके बावजूद प्रतिदिन तेल उत्पादन 80 हजार बैरल पर है।
बाड़मेर-सांचौर तेल बेसिन में तेल का खजाना मिलने के बाद में सीधा तेल की रिकवरी करीब 30 प्रतिशत तक हुई। इस दौर में कंपनी ने 2.50 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन के आंकड़े को छू लिया। इसके बाद तेल उत्पादन घटने की नौबत आ गई। तेल निकालने के लिए कंपनी अब चट्टानों में फंसे हुए तेल को कुरेद-कुरेदकर निकालने की नौबत पर आ गई है। नई खोज का पांच साल से इंतजार है और मौजूदा तेल के भण्डार से दोहन 80 हजार बैरल प्रतिदिन पर आ गया है। तेल उत्पादन बढ़ाने को लेकर दो साल से चल रही कवायद के बावजूद भी यह बढऩे की बजाय लगातार घट रहा है। 2018-19 से यह लगातार घटता जा रहा है।

तेल निकालने में निकल रहा तेल

– सबसे पहले गर्म इंजेक्शन तकनीक
2018-19 में तेल का उत्पादन 1.50 लाख बैरल प्रतिदिन पर आ गया, जो 2.25 लाख बैरल के अधिकतम उत्पादन से बहुत कम हो गयाा। इस पर कंपनी ने तेल को गर्म(हीट) करने की पद्धति काम में ली। इससे चट्टानों में जमा तेल की रिकवरी रेट 05 प्रतिशत तक बढऩे का दावा कंपनी ने किया, लेकिन तेल का उत्पादन
– पॉलीमर तकनीक
– 2020-21 में तेल का उत्पादन प्रतिदिन 1.25 लाख बैरल पहुंच गया। तब कंपनी ने पॉलीमर तकनीक से रिकवरी रेट 40 प्रतिशत तक बढ़ाने का दावा किया। इसमें पॉलीमर मिलाकर तेल जहां-जहां चट्टानों में चिपका है,वहां से छुड़वाने का तरीका इजाद किया। बावजूूद इसके तेल का उत्पादन नहीं बढ़ा हैै।
– अब तेल 80 हजार बैरल प्रतिदिन और नई तकनीक
2023-24 में बाड़मेर में तेल का प्रतिदिन उत्पादन 80 हजार बैरल पर आ गया है। अब कंपनी अल्काइन सरफेक्टेन पॉलीमर इंजेक्ट की एक और नई तकनीक पर काम प्रारंभ किया है।

क्यों नहीं बढ़ रहा तेल का उत्पादन

– मंगला,भाग्यम, ऐश्वर्या सहित बड़े भण्डार अपने उत्पादन के शीर्ष को छू चुके है
– 11 नए ब्लॉक पर पिछले चार साल से कार्य चल रहा है लेकिन यहां नई खोज नहीं मिली है
– तेल के उत्पादन को बढ़ाने के लिए छोटी खोज का व्यवसायिक दोहन प्रारंभ किया लेकिन वो उत्पादन बढ़ा नहीं पा रहा है

युवा फील्ड मिले तो बढ़े उत्पादन

11 नए ब्लॉक से अब एक मंगला जैसे युवा फील्ड की जरूरत है। तभी पुन: 2.25 लाख बैरल प्रतिदिन उत्पादन छूने की स्थिति बन सकती है। मौजूदा तेल से रिकवरी रेट बढऩे पर भी यह बड़ा आंकड़ा छूना मुश्किल है।

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