आर्थिक तंगी से जूझते रहे, मजदूरी के साथ पढ़ाई, अब तीन भाई एक साथ बने शिक्षक

आर्थिक तंगी से जूझते रहे, मजदूरी के साथ पढ़ाई, अब तीन भाई एक साथ बने शिक्षक

bhawani singh | Publish: Sep, 05 2018 09:33:20 AM (IST) Barmer, Rajasthan, India

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- बाड़मेर के बायतु भोपजी के रामसरिया के तीन भाइयों का चयन-जज्बे और जुनून से हासिल किया मुकाम

बाड़मेर. परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति और सुविधाओं की कमी के बावजूद किसान के तीन पुत्रों ने मेहनत और संघर्ष कर एक साथ तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होकर मिसाल पेश की है। तीनों भाइयों ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में प्राप्त की थी। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पढ़ाई के साथ मजदूरी भी करते थे। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती रीट-2018 (लेवल द्वितीय ) में हिंदी विषय में बायतु भोपजी क्षेत्र के रामसरिया निवासी निम्बाराम के पुत्र तिलोकराम, पोलाराम व नारणाराम चयनित हुए हैं। एक साथ तीन भाइयों को सफलता मिलने पर परिवार सहित गांव में खुशी का माहौल है।


निजी स्कूल में नौकरी के साथ शिक्षा

तीन भाई बायतु व अन्य निजी स्कूल में नौकरी करते हैं। स्कूल के बाद विद्यार्थियों को कोचिंग भी देते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर होने पर कई बार परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाता था। इस दौरान दोस्त व रिश्तेदारों का सहयोग लिया और सरकारी नौकरी पाने की जिद जारी रखी। तीन में से दो भाई विवाहित हैं। रीट की विज्ञप्ति जारी होने के बाद तीनों ने निजी स्कूलों की नौकरी छोड़ दी और बायतु में किराए पर एक कमरा लेकर पढ़ाई शुरू की। उसके बाद तीन माह तक घर से अलग रहते हुए पढ़ाई की।


आर्थिक तंगी से जूझते रहे

तीनों भाइयों का कहना है कि परिवार में आर्थिक तंगी के हालात रहे हैं। इसके चलते पढ़ाई के साथ मजदूरी कर परिवार का सहयोग करते थे। पैसे नहीं थे, लेकिन हिम्मत और जज्बा ऊंचा था। जिसके बलबूते सफल हुए। हमारे मामा खुमाराम का भी खूब सहयोग रहा।
माता-पिता ने हमेशा आगे बढऩे की ही सीख दी।

- बेटों के सफल होने पर सुकून मिला
आर्थिक स्थितियां ठीक नहीं थी। लेकिन बेटों को पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। खेती-बाड़ी कर दसवीं तक पढ़ाया। उसके बाद बेटों ने मजदूरी के साथ पढ़ाई जारी रखी। आज मुझे सुकून मिला है। - निम्बाराम, पिता

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