थार में तीन साल बाद जमाना, फसलों पर छाया टिड्डी का साया

थार में तीन साल बाद जमाना, फसलों पर छाया टिड्डी का साया
थार में तीन साल बाद जमाना, फसलों पर छाया टिड्डी का साया

Mahendra Trivedi | Updated: 19 Sep 2019, 12:09:23 PM (IST) Barmer, Barmer, Rajasthan, India

-तीन साल लगातार अकाल (drought) के बाद इस बार खेतों (farms) में लहलहा रही है फसलें (crops)
-लगातार टिड्डी का हमला (tiddi attack) बढऩे से किसानों की उड़ी नींद
-सीमावर्ती क्षेत्र सहित फसली इलाकों (crops area) में पहुंचा टिड्डी फाका

बाड़मेर. थार में पूरे तीन साल बाद खेतों में फसलें लहलहा रही है। बाड़मेर-जैसलमेर के कई ऐसे इलाकों में भी इस बार फसलें हुई है, जहां पर कई सालों से अकाल के हालात ही रहे हैं। इस बार हुई अच्छी बरसात से किसानों को उम्मीद है कि जमाना अच्छा होगा और पशुधन के लिए भी चारा खूब हो जाएगा। इस उम्मीद के बीच टिड्डी और फाका के बढ़ते हमलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। टिड्डी व फाका के हमले लगातार हो रहे हैं। ऐसे में फसली इलाकों में फाका पहुंचने से खतरा बढ़ता जा रहा है। हालांकि टिड्डी नियंत्रण संगठन कोशिश कर रहा है। लेकिन बार्डर क्षेत्र के गांवों में आगे बढ़ते टिड्डी दलों से किसानों की नींद उड़ गई है।
थार में मई माह से टिड्डी का हमला शुरू हुआ था, इसका असर नवम्बर-दिसम्बर तक माना जाता है। इसी दौरान फसल की बुवाई और लेने का समय होता है। किसानों को चिंता खाए जा रही है कि कहीं इस बार हुआ जमाना टिड्डी न चट कर जाए। इसलिए रात-दिन खेतों में डेरा डाले किसान फसलों की रखवाली में जुटे हैं।
जैसलमेर-बाड़मेर में टिड्डी के प्रभावित इलाके
बाड़मेर के बॉर्डर क्षेत्र के गांव सुंदरा, रोहिड़ाला, तामलोर, पांचला, मोबी की बेरी सहित कई अन्य क्षेत्र टिड्डी की चपेट में हैं। वहीं जैसलमेर में म्याजलार क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। पूरे क्षेत्र में टिड्डी का हमला लगातार बढ़ रहा है। नियंत्रण करने में भी मुश्किलें पेश आ रही है। जैसलमेर के मोहनगढ़, भादरिया, रामदेवरा, पोकरण, भारेवाला व खेतोलाई क्षेत्र भी टिड्डी से प्रभावित है।
बाड़मेर-जैसलमेर में नियंत्रण की मुश्किलें बढ़ी
फलोदी व आसपास में टिड्डी का हमला बढऩे के कारण बाड़मेर-जैसमलेर की टीमों को नियंत्रण के लिए वहां भेजा गया है। ऐसे में जैसलमेर-बाड़मेर में नियंत्रण का काम प्रभावित हो रहा है। जैसलमेर में मंगलवार को कई स्थानों पर टिड्डी के बड़े हमले लगातार जारी रहे। वहीं बाड़मेर के सुंदरा, रोहिड़ाला आदि क्षेत्रों में टिड्डी फाका बड़ी संख्या में आगे बढ़ता दिखाई दिया। लेकिन एक-दो टीम के भरोसे पर बड़े क्षेत्र में सर्वे और नियंत्रण दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों को कृषि विभाग देगा केमिकल
टिड्डी प्रभावित क्षेत्र के किसानों को नियंत्रण के लिए कृषि विभाग की ओर से सब्सिडी पर केमिकल पाउडर उपलब्ध करवाया जाएगा। केमिकल केवल फसली इलाकों के किसानों को ही दिया जाएगा। इस पर 50 फीसदी की सब्सिडी किसानों को मिलेगी।
हमले लगातार जारी है
पूरे क्षेत्र में टिड्डी और फाका के हमले लगातार जारी है। इस बार फसलें अच्छी है। इसलिए चिंता हो रही है कि कहीं टिड्डी नुकसान न कर दें।
रहमतसिंह, सरपंच सुंदरा, बाड़मेर
बाड़मेर में स्थिति नियंत्रण में
बाड़मेर में स्थिति नियंत्रण में है। अभी सुंदरा व आसपास के क्षेत्रों में टिड्डी व फाका रिपोर्ट हुआ है। जैसलमेर क्षेत्र अभी टिड्डी से अधिक प्रभावित है। फसली क्षेत्र में टिड्डी के पहुंचने की कोई सूचना नहीं है।
केवी चौधरी, प्लांट प्रभारी टिड्डी नियंत्रण संगठन बाड़मेर

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