व्यापारियों को भी रास आया लॉकडाउन

स्वत: दुकानें रख रहे बंद
- लॉकडाउन की पालना कर खुश है दुकानदार, दोपहर एक बजते ही दुकान बंद

By: Dilip dave

Published: 30 May 2020, 09:33 PM IST


बाड़मेर. भीषण गर्मी के बीच लॉकडाउन की पालना करते व्यापारी भी अब इसके इतने आदी हो गए हैं कि उनको लगता है कि लॉकडाउन सबके लिए अच्छा है। गडरारोड कस्बे में व्यापारी व आमजन मानो लॉकडाउन का अभ्यस्त हो चुका है तभी लोग ना केवल इसकी पालना कर रहे हैं वरन् तय समय से पहले ही लोग घर चले जाते हैं। एेसे में प्रशासन भी राहत की सांस ले रहा है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच केन्द्र सरकार ने २५ मार्च से लॉकडाउन लगाया। इसके बाद चौथे चरण का लॉकडाउन चल रहा है जो रविवार तक है। प्रदेश में चौथे चरण के लॉकडाउन के दौरान सुबह सात से शाम सात बजे तक दुकानें खोलने के आदेश है, लेकिन कस्बे के व्यापारी व आमजन लॉकडाउन को अच्छा मानते हुए आज भी सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक ही दुकानें खोलते व खरीदारी करते हैं। एेसे में एक बजते ही कस्बे की बाजार में सन्नाटा पसर जाता है। स्थिति यह है कि दोपहर एक बजे के बाद कस्बे में सब्जी तक नहीं मिलती। लोग जनता कफ्र्यू की पालना स्वत: कर रहे हैं। यहीं कारण है कि लॉकडाउन की बंदिशें अब आमजन व व्यापारी वर्ग को रासत आ रही है। गर्मी के बीच सबको सुकू  न- थार में इन दिनों गर्मी के तेवर तीखे हैं तो लू के थपेड़े परेशान कर रहे हैं। एेसे में सुबह दस बजते-बजते गर्मी का अहसास होने लगता है। दोपहर एक बजे तो मानो सूरज आग उगल रहा होता है। पहले व्यापारी एक-दूसरे को देखकर दुकानें खुली रखते थे तो दूसरों गांवों आने वाले भी दोपहर बाद घर जाना मुनासिब समझते थे। अब सभी लॉकडाउन के आदी हो चुके हैं, एेसे में इसकी पालना करने से उनको गर्मी में सुकू  न से रहने की आजादी भी मिल रही है। सुकू  न से जीने का सुख- लॉकडाउन के बीच हमें सुकू  न से जीने का सुख मिला है। व्यापारी वर्ग ने स्वेच्छा से दोपहर एक बजे के बाद दुकानें नहीं खोलने का निर्णय किया था, जिसकी पालना कर रहे हैं। दोपहर में चैन की नींद ले पाते हैं।- जयकुमार भूतड़ा, किराणा व्यापारी अब मिलता है आराम- पहले सुबह से शाम तक मजदूरी करते थे। दोपहर एक बजे के बाद बाजार बन्द हो जाने से सभी लोग समय पर खरीदारी करते हैं, एेसे में सब्जियां बिकने का देर रात तक इंतजार नहीं करना पड़ता। हम लोग भी निश्चित होकर आराम करते हैं।- फरसाराम मेघवाल, सब्जी विक्रेता उपभोक्ता की समझदार- व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ता भी समझदार हो गए हैं। वे समय सीमा को ध्यान में रखते हुए खरीदारी करके जल्दी घर लौटना चाहते हैं। - जुगल माहेश्वरी, कपड़ा व्यापारी अनावश्यक भीड़ नहीं आती- पैकिंग मिठाई की बिक्री बढ़ी है, हालांकि व्यापार घटा है। महामारी के डर से अनावश्यक भीड़ नही होती। ग्राहक समय पर खरीदारी करके घर लौटना चाहते हैं।- वीरेन्द्र हलवाई सबके सहयोग से संभव- हमने कोरोना संक्रमण को देखते हुए व्यापारी वर्ग, आमजन के साथ पुलिस-प्रशासन की बैठक कर तय किया था कि गडरारोड में दुकानें सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी। वैसे सरकार ने सुबह सात से शाम छह बजे का वक्त तय किया है फिर भी गडरारोड में सबके सहयोग से अभी तक दोपहर एक बजे बाद बाजार बंद हो जाता है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा कम रहेगा।-सवाईसिंह चारण, नायब तहसीलदार गडरारोड

Dilip dave Desk
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