दो घंटे रुकी रक्षामंत्री की दो टूक- कोई दुश्मन नहीं खतरनाक

- रक्षामंत्री ने दो टूक कहा- पाक व चीन में कौन खतरनाक दुश्मन यह चर्चा का विषय ही नहीं, हम ताकतवर - दो घंटे रुकीं उत्तरलाई, एक घंटा अधिकारियों से पश्चि

By: Ratan Singh Dave

Published: 11 Sep 2017, 11:57 AM IST

4.55 बजे पहुंची रक्षामंत्री उत्तरलाई एयर स्टेशन, 5.00 बजे लिया गार्ड ऑफ ऑनर, 5.10 बजे अधिकारियों के साथ मीटिंग, 6.05 पर पहुंची वायुसैनिकों को ब्रीफ करने, 6.40 पर मीडिया से की बात, 7.05 पर बाड़मेर से अहमदाबाद के लिए भरी उड़ान

बाड़मेर. तीन दिन पहले देश की रक्षामंत्री का दायित्व ग्रहण करने वाली रक्षामंत्री निर्मला सीतारामण रविवार को पश्चिमी सीमा के दूरस्थ उत्तलराई वायुसेना स्टेशन पहुंचीं। यहां लगभग दो घंटे रुकने के बाद दो टूक शब्दों में कहा कि कोई दुश्मन खतरनाक नहीं है। हमें वायुसैनिकों और सेना के हर जवान पर गर्व है।
वायुसेवा अधिकारियों ने उन्हें करीब एक घंटे तक सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तरलाई एयर स्टेशन, पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान की स्थिति, 1965 और 1971 के युद्ध में उत्तरलाई वायुसेना के इतिहास और गौरवपूर्ण जीत की जानकारी दी।

रक्षामंत्री ने एयर स्टेशन से एयर कमोडोर बनने और यहां की बढ़ी क्षमता को जानने के साथ ही यहां अब संसाधनों की जरूरतों पर भी खुलकर चर्चा की। शाम करीब पांच बजे यहां पहुंची रक्षामंत्री की एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ, एयर मार्शल डी एस रावत, स्टेशन कमाण्डर उत्तरलाई एयर कमोडोर संजश शर्मा ने अगवानी की। यहां गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, इस दौरान तीन सुखोई विमान आसमान में तेज रफ्तार से निकले। इसके बाद रक्षामंत्री ने वायुसेना के अधिकारियों के साथ चर्चा की।

वायुसैनिकों से कहा मुस्तैद रहें

उन्होंने वायुसैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि तीनों सेनाएं महत्वपूर्ण हैं। एयरफोर्स पर भी गर्व है। प्रधानमंत्री का आदेश है किवायुसैनिकों के साथ जाकर बात करो। गोआ के पास महिलाओं की विंग को हरी झण्डी दिखाकर आ रही हूं। आप लोगांे से मिलकर मदद के सारे प्रयास होंगे। आप हमारी ताकत हो और हम मदद को तैयार हैं। वायुसैनिकों के लिए कुछ भी कमी नहीं रखेंगे।

चाय की चुस्कियों के साथ घर के हाल चाल-

वायुसैनिकों से संबोधन के बाद में रक्षामंत्री यहां चाय के लिए उनके बीच पहुंचीं और उनके हालचाल जाने। इस दौरान वायुसैनिकों ने उन्हें अपनी समस्याओं के बारे में खुलकर बताया। साथ ही उनसे हल्के फुल्के सवाल भी किए जिसका उन्होंने तसल्ली से जवाब दिया। घर परिवार की स्थिति, छुट्टी, हार्ड ड्यूटी, ड्यूटी में गर्व का अनुभव पर भी चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आप लोगों का काम इतना बड़ा है जिसपर देश गर्व करता है। इससे बड़ा काम आप चुन नहीं सकते थे।
और ठहाका लगा व धनुआ आ गए अलग

जिस समय वायुसैनिकों से रक्षामंत्री तसल्ली से बात कर रही थी तो एयर चीफ मार्शल बी एस धनुआ सहित अधिकारी पास में थे। रक्षामंत्री ने चुटकी ली कि आप खड़े हैं तो ये बोलेंगे भी नहीं। इस पर सबकी हंसी फूट गई। धनुआ, इस पर हंसते हुए दूसरी तरफ खड़े सैनिकों के पास चले आए। धनुआ ने भी दूसरी तरफ खड़े वायुसैनिकों से बात की। यहां रक्षामंत्री ने आधा घंटे से ज्यादा ठहर सार्जेंट स्तर के वायुसैनिकों के पास पहुंचकर बात की।

भा गई रक्षामंत्री की साधारण वेशभूषा और साफगोई

वायुसेना के विशेष विमान से रक्षामंत्री उतरी तो उनकी साधारण वेशभूषा ने प्रभावित कर दिया। सामान्य सलवार-कमीज पहनी घरेलू महिला नजर आ रही रक्षामंत्री ने कोई तामझाम नहीं रखा था। वे सरलता के साथ पहुंची और गार्ड ऑफ ऑनर लिया। इसके बाद जब वायुसैनिकांे को संबोधित करने आई तो पास खड़े एयर चीफ मार्शल से चर्चा भी की कि कैसे और क्या विषय रहेगा? यहां वायुसैनिकों के पास पहुंच खुद ही टीबैग लेकर अनौपचारिक तरीके से चाय बनाई। मीडिया से मुखातिब हुईं तो भी उन्होंने कहा कि मुझे केवल तीन दिन हुए है। अभी मैं रक्षा मंत्रालय को समझ रही हूं। विस्तार से जवाब में नहीं जाऊंगी।
कर्नल सोनाराम से की चर्चा-

रक्षामंत्री के यहां पहुंचने पर उनकी अगवानी को सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी पहुंचे। कर्नल ने रक्षामंत्री का यहां आने पर स्वागत किया और उन्होंने यहां से जुड़े रक्षा मंत्रालय संबंधित मुद्दों पर भी बात की।

मैं तो आवाक रह गई-

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह मेरे लिए शब्दों में बताना मुश्किल है। मैं आवाक रह गई। लेकिन जो जिम्मेदारी दी गई है उसको पूरा निभाऊंगी। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझ पर इतना बड़ा विश्वास प्रधानमंत्री ने किया। जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार कदम उठा रही है। राज्य सरकार के साथ बातचीत की जा रही है।
तीनों सेना के चीफ प्रतिदिन 10 बजे आएंगे

रक्षामंत्री ने कहा कि जब मैं दिल्ली में रहूंगी तो प्रतिदिन तीनों सेनाओं के चीफ सुबह 10 बजे आएंगे। उनके साथ मीटिंग होगी। चीफ के उपस्थित नहीं होने पर डिप्टी अधिकारी आएंगे। पंद्रह मिनट की मीटिंग होगी। जरूरत हुई तो समय बढ़ाएंगे। जिन मसलों में प्रधानमंत्री से बात करनी होगी, तुरंत करेंगे। यह तय कर लिया गया है कि समस्याओं का समधान प्रतिदिन होगा और कोई निर्णय लेना होगा तो तुरंत लेंगे। मंगलवार से ही यह व्यवस्था प्रारंभ कर
दी जाएगी।

उत्तरलाई को क्यों चुना

उत्तरलाई पश्चिमी सीमा का महत्वपूर्ण एयर स्टेशन है। 1965 एवं 1971 के युद्ध में यहां अदम्य साहस का परिचय दिया गया है। दस वीर चक्र उत्तरलाई के नाम है। पाकिस्तान से 160 किमी दूर इस एयर स्टेशन है। 1971 में जैसलमेर के लोंगेवाला की तरफ बढ़ी सेना को उत्तरलाई ने हवाई मदद की थी।

पश्चिमी सीमा के इस एयर स्टेशन को मजबूत करने के लिए भी रक्षामंत्री ने वादा किया। उन्होंने कहा कि यहां से दोनों जीत हुई है, यह देश के लिए गौरवपूर्ण है।

रक्षामंत्री ने खेद जताया

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने बंगलौर की वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या को खेद जताया और कहा कि यह घटना नींदनीय है। जांच से पहले कुछ भी कहना ठीक नहीं है कि यह किसने किया? जांच पूरी निष्पक्षता से होगी।

युद्ध पर टिप्पणी नहीं, पर पूरी तैयारी

- रक्षामंत्री ने दो टूक कहा- पाक व चीन में कौन खतरनाक दुश्मन यह चर्चा का विषय ही नहीं, हम ताकतवर
- दो घंटे रुकीं उत्तरलाई, एक घंटा अधिकारियों से पश्चिमी सीमा की स्थिति पर की बात

- वायुसैनिकों की हौसला अफजाई करते हुए कहा- ताकत हो आप, हमें है गर्व
बाड़मेर . रक्षामंत्री बनने के तीन दिन बाद रविवार को पहले दौरे पर सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण उत्तरलाई वायुसेना स्टेशन पहुंची निर्मला सीतारमण ने यहां दो टूक कहा कि युद्ध पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी लेकिन तैयारी में कोई कमी नहीं है। देश की रक्षा के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने अपने इरादे स्पष्ट जताते हुए कहा कि प्रतिदिन तीनों सेनाओं के प्रमुखों से पंद्रह मिनट चर्चा तय की है। रक्षा से संबंधित किसी भी निर्णय को लेने में देरी नहंीं की जाएगी।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में रक्षामंत्री ने 1965 और 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले उत्तरलाई को चुनने का कारण बताया कि यही वह स्टेशन है जहां भारत ने पाकिस्तान को दोनों बार हराया है। यह गौरवपूर्ण स्थान है और अब इसको इतना मजबूत किया जाएगा कि कोई कमी नहीं रहेगी। रक्षामंत्री ने यहां तक कहा कि पाकिस्तान और चीन दोनों में से कौन खतरनाक दुश्मन है यह चर्चा का विषय ही नहीं है, यह तय है कि हम हर समय तैयार और मजबूत हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन ही दिन हुए हैं मंत्रालय को पूरा समझ रही हूं लेकिन इससे पहले महत्वपूर्ण स्थानों का विजिट कर रही हूं। प्रधानमंत्री ने भी एेसा आदेश किया है। खुद को रक्षामंत्री चुने जाने पर आवाक थी लेकिन अब जो जिम्मेदारी दी है उसको निभाऊंगी और देश की सुरक्षा महत्वपूर्ण होगी। जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर कहा कि सरकार बहुत से कदम उठा रही है। राज्य सरकार से तालमेल है। युद्ध होने पर भारत के पास केवल दस दिन के ही संसाधन होने के सवाल पर कहा कि यह एकदम गलत है। यह प्रक्रिया है कि मांग के अनुरूप *****्त्र- शस्त्र खरीदे जाते हैं पर कमी कुछ भी नहीं है। हम ताकतवर हैं। रक्षामंत्री के साथ एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ भी उत्तरलाई पहुंचे।

अधिकारियेां से की चर्चा-

रक्षामंत्री ने करीब एक घंटा उत्तरलाई में एयर चीफ मार्शल की मौजूदगी में वायुसेना के अधिकारियों से बात की और पश्चिमी सीमा पर भारत-पाकिस्तान की स्थिति, 1965 व 1971 के युद्ध के इतिहास को समझा। उन्होंने वायुसैनिकों की हौसला अफजाही करते हुए कहा कि आप हमारी ताकत हो, मदद में कमी नहीं रहेगी। गर्व के साथ हर वक्त तैयार रहें।

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