अनलॉक रिफाइइनरी कार्य: भूमि अवाप्ति प्रक्रिया शुरू

73 किमी क्रूड व 210 किमी पानी पाइप लाइन बिछेगी, 192 गांवों में होगी जमीन अवाप्त
रिफाइनरी ग्राउण्ड रिपोर्ट
- क्रूड के लए 29 गांवों के 1400 खतोदारों की जमीन होगी अवाप्त
- पानी के लिए 163 गांवों में होी जमीन अवाप्ति

By: Ratan Singh Dave

Updated: 01 Jul 2020, 01:00 PM IST


पचपदरा.
प्रदेश का सबसे बड़ा व पश्चिमी राजस्थान का तकदीर माने वाला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पचपदरा रिफाइनरी लॉकडाउन के बाद फिर से अब गति पकडऩे लगा है। रिफाइनरी तक पानी व क्रूड पहुंचाने के लिए बिछाई जाने वाली लाइनों के लिए जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया शुरु की जा चुकी है। एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) से संबंधित जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया संपन्न करने को लेकर सरकार ने एक राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया है। जिन्होंने मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल (एमपीटी) से पचपदरा रिफाइनरी तक क्रूड व जैसलमेर के नाचना से बागुंडी तक पानी की लाइन बिछाने लिए अवाप्त की जाने वाली जमीन की सर्वे प्रक्रिया पूरी कर ली है। नागाणा से रिफाइनरी तक 73 किलोमीटर लंबी क्रूड के लिए 29 गांवों के करीब 1400 खातेदारों की जमीन अवाप्त की जाएगी। वहीं जैसलमेर के नाचना से बागुंडी तक करीब 210 किलोमीटर लंबी पानी की लाइन के लिए 163 गांवों में जमीन अवाप्त की जाएगी। नाचना-बागुंडी लाइन में भूमि अवाप्त किए जाने वाले खातेदारों की रेकर्ड तैयार किया जा रहा है। खातेदारों का रेकर्ड तैयार किए जाने के बाद सभी को भूमि अवाप्ति के नोटिस जारी किए जाएंगे।
20 से 30 मीटर तक चौड़ी होगी लाइनें-
बाड़मेर के नागाणा से क्रुड लाइन की चौड़ाई 20 मीटर व जैसलमेर के नाचना से पानी की लाइन की चौड़ाई 30 मीटर होगी। इंदिरा गांधी नहर परियोजना से रिफाइनरी तक पानी पहुंचाने के लिए नाचना में रिजर्व वाटर स्टोरेज बनाया जा रहा है। वहां से बागुंडी तक लाइन के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा। पानी की लाइन के लिए करीब 30 मीटर चौड़ी जमीन अधिग्रहित की जाएगी। एक अनुमान के मुताबिक 50 क्यूसेक पानी की रोजाना रिफाइनरी में खपत होगी।
मूंदड़ा पाइपलाइन की जमीन दो भागों में होगी अवाप्त-
विदेशों से आयातित क्रूड ऑयल को गुजरात के मूंदड़ा पोर्ट से पचपदरा रिफाइनरी तक पहुंचाने के लिए करीब 500 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इस लाइन की अनुमानित लागत 2000 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई। इस जमीन के अवाप्ति से संबंधित कागजी प्रक्रिया को संपन्न किया जा रहा है। यह पाइप लाइन दो राज्य गुजरात व राजस्थान में बिछाई जाने के कारण जमीन अवाप्ति भी दो भागों में किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बाड़मेर जिले में उत्पादित क्रूड ऑयल में मोम की मात्रा इतनी अधिक है कि 65 डिग्री से कम तापमान पर यह इतना गाढ़ा हो जाता है कि पाइप लाइन में बह नहीं सकता। अभी बाड़मेर का क्रूड गुजरात की जामनगर रिफाइनरी जा रहा है। इसके लिए करीब 720 किलोमीटर लंबी विश्व की सबसे बड़ी हिटिंग पाइप लाइन बिछाई हुइ है। इसमें क्रूड का तापमान स्थिर रहता है। अब सऊदी अरब, इराक, नाइजीरिया, इरान से क्रूड ऑयल का आयात किया जाकर समुद्री जहाजों से पोर्ट तक पहुंचाने के बाद लाइन से रिफाइनरी तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद पचपदरा रिफाइनरी में बाड़मेर के क्रूड ऑयल के साथ विदेशों से आयातित क्रूड ऑयल को मिला कर रिफाइन किया जाएगा।
व्यू- नागाणा, मूंदड़ा व नाचना से रिफाइनरी तक क्रूड व पानी की पाइप लाइनें बिछाने के लिए जमीन अवाप्ति की प्रक्रिया शुरु की। खातेदारों की सूचियां तैयार कर उन्हें अवाप्ति से संबंधित नोटिस दिए जा रहे है। - उगमदान रतनू, सक्षम प्राधिकारी भूमि अवाप्ति एचआरआरएल

Ratan Singh Dave
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