सरहदी गांव में पानी की पीड़ा और पीने से पीडि़त, जानिए पूरी खबर

- 40 के करीब लोग गांव में पकडे़ हुए हैं खाट, 10 साल से सरकारी हौदी में पेयजल आपूर्ति बंद

 

By: भवानी सिंह

Published: 06 Jun 2018, 12:21 PM IST

2021 तक आएगा नहरी पानी तब तक क्या होगा?

भवानीसिंह राठौड़/ओम माली@बाड़मेर. दो तस्वीरें सामने हैं। एक में पानी को जुतकर खींचा जा रहा है जो बयां करती है कि पानी इनकी जिंदगी में कितना कीमती है। दूसरी तस्वीर इसी पानी की भयावहता को सामने ला रही कि इसे पीने के बाद हाल क्या हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे पादरिया गांव के हालात एेसे ही हैं। यहां सरकारी पेयजल का कोई प्रबंध नहीं है। दस साल पहले बनी एक हौदी सूखी हुई है। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर यहां बेरियां(छोटे कुएं) खोदी हैं जिनमें सुबह दो-तीन घंटे पानी एकत्र होता है। इसके लिए सुबह पूरे गांव में दौड़ लगती है। घर-घर से सदस्य पानी खींचने को जुत जाते हैं। दो-तीन घड़े पानी नसीब होता है जिससे इनकी प्यास बुझती है।

 

भयावह स्थिति
दरअसल जिस पानी के लिए ये लोग इतनी पीड़ा भोग रहे हैं वो इनको जीवनभर के लिए पीडि़त कर रहा है। गांव में चालीस से ज्यादा लोग खाट पकड़े हुए हैं। चिकित्सा महकमे का कहना है कि पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने से यह स्थिति है। जब तक इस पानी को पीना नहीं छोड़ेंगे इसका कोई इलाज नहीं।

 

कब आएगा 2021
जलदाय विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दस साल पहले इस गांव के लिए बनी योजना फेल हो गई है। हौदी में पानी नहीं पहुंच रहा है। अब 2021 तक नर्मदा का पानी आने पर ही इसका समाधान होगा।

 

यह है हालात
फ्लोराइड की वजह से हड्डियां कमजोर होने, दृष्टिबाधित और कमर जकड़ जाने से लोग घर-घर में खाट पकड़े हुए हैं। बच्चे बीमार हैं, जवानों की कमर टेढ़ी हो गई है और बूढ़ों के लिए चलना फिरना मुश्किल।

 

- मेरी आंखों सामने कई लोग खाट पर
करीब दस वर्ष से यहां पोस्टिंग है। यहां मेरी आंखों के सामने करीब 20 लोग चलते फिरते खाट पर आ गए हैं। बताया जाता है कि पानी से ऐसा हो रहा है। - हुकमीचंद कोडेचा, अध्यापक

भवानी सिंह Reporting
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