कौन है किरायेदार: मकान मालिक अनजान, पुलिस नहीं करती पहचान

- सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बाड़मेर जिला
- बाहरी लोगों का नहीं हो रहा पुलिस सत्यापन

-अधिकांश मकान मालिक नहीं जानते कहां का है किरायेदार

Ratan Dave

February, 1512:07 PM

बाड़मेर. बाड़मेर में बाहर के प्रदेशों के लोगों का आना जाना बढ़ा है। इसके चलते शहर व आसपास में हजारों लोगों रहते भी हैं। जिले में भी कई स्थानों पर बाहर प्रदेशों के लोग रहते हैं। लेकिन पुलिस की ओर से किराए पर रहने वाले लोगों को सत्यापन नहीं किया जाता है।

वहीं अधिकांश मकान मालिक भी किरायेदार की पूरी पहचान से अनजान ही होता है। इसके चलते किसी तरह की घटना होने पर आरोपी की पहचान करना भी मुश्किल हो सकता है।

बाड़मेर शहर में ऐसे कई लोग आकर निवास कर रहे हंै, जिन्हें मकान मालिक भी चेहरे के अलावा कुछ भी नहीं जान रहा है। इतना ही नहीं जिम्मेदार पुलिस महकमा भी अनजान बना हुआ है। यहां एक साल से बाहरी लोगों के पुलिस सत्यापन आवेदन खारिज हो रहे हैं।

बाड़मेर-बालोतरा शहर में करीब 20 हजार किरायेदार निवासरत है। वहीं तेल क्षेत्र व खनन क्षेत्र में 10 हजार से ज्यादा बाहरी प्रदेशों के लोग मजदूरी कर रहे हैं। बाहरी व स्थानीय लोगों पर निगरानी के लिए पुलिस की ओर से गठित बीट प्रणाली मजबूत नहीं है।

एक साल से खारिज हो रहे बाहरी आवेदन

बाड़मेर जिले में पिछले 4 सालों में बमुश्किल 250 बाहरी लोगों का पुलिस सत्यापन हुआ है। जबकि बाहरी लोगों की संख्या हजारों में हैं। गत एक साल से बाहरी लोगों का कोई पुलिस सत्यापन नहीं हो पाया है। यहां बाहरी प्रदेशों के लोग पुलिस सत्यापन के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन पुलिस कार्यालय से यह आवेदन खारिज हो रहे हंै।

सिस्टम पर कोई निगरानी नहीं रख रहा है। आखिर आवेदन क्यों खारिज हुआ? इसका जवाब भी जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों तक के पास नहीं हैं।

मकान मालिक बेफिक्र

विकास के साथ ही शहर में बाहरी लोगों का जमावड़ा बढ़ रहा है। लेकिन कौन किराएदार और बाहरी व्यक्ति कौन है? इसकी पुलिस के पास कोई पहचान नहीं है। इतना ही नहीं मकान मालिक भी बेफिक्र है।

कॉलोनी में नहीं जानते बीट कांस्टेबल

पुलिस की ओर से शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों पर नजर बनाए रखने के लिए बीट प्रणाली लागू है, लेकिन बीट कांस्टेबल थाने से बाहर नहीं निकल पा रहे हंै।

जबकि बीट कांस्टेबल का दायित्व है कि वह बीट क्षेत्र में होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखें। लेकिन स्थिति यह है कि यहां न तो लोग बीट कांस्टेबल को जानते है। वहीं बीट कांस्टेबल भी किसी को नहीं जानता है।

पकड़ा जा चुका है संदिग्ध

सत्यापन नहीं होने के कारण ही पिछले दिनों एक संदिग्ध युवक फर्जी आधार कार्ड से वायुसेना स्टेशन परिसर तक पहुंच गया। हालांकि जांच में उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद सुरक्षा एजेंसिया सतर्क हो गई है।

बाड़मेर जिला: फैक्ट फाइल

- 766 बीट कांस्टेबल
- 25 पुलिस थाने है जिले में

- मकान मालिक की जिम्मेदारी बनती है

बाहरी लोगों का सत्यापन करवाना पहली जिम्मेदारी मकान मालिक की है। पुलिस समय-समय पर निगरानी रखती है। संदिग्ध होने पर उसे गिरफ्तार भी करते हंै। बाहरी लोगों के सत्यापन आवेदन खारिज होने की बात मेरे ध्यान में नहीं है। इसका पता करवाया जाएगा। साथ ही बीट प्रणाली को मजबूत करेंगे।

- शरद चौधरी, जिला पुलिस अधीक्षक बाड़मेर

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