रिफाइनरी में काम दूसरे भी ठप, वार्ता के बाद भी नहीं बनी बात

- जिला प्रमुख ने कही संघर्ष करने की बात

By: Dilip dave

Updated: 14 Oct 2021, 01:29 AM IST



पचपदरा. पचपदरा के निकट सांभरा गांव में निर्माणाधीन रिफाइनरी के बाहर बुधवार को तीसरे दिन स्थानीय लोगों का धरना जारी रहा। धरने के चलते रिफाइनरी का कामकाज पूरी तरह बंद रहा। धरनास्थल पर सैकड़ों लोग एकत्रित हुए। स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार वार्ता की, लेकिन लोगों की मांगों पर सहमति नहीं बन सकी।
जिला प्रमुख महेन्द्र चौधरी ने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार व ठेकेदारों को योग्यता के अनुसार काम नहीं देना, कंपनी का कसूर है। आप लोग संघर्ष करें, जनप्रतिनिधि के तौर पर हरसंभव मदद की जाएगी। जब तक मांगें नहीं माने तब तक विरोध में डटे रहें।

जिला परिषद सदस्य उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि कंपनियां स्थानीय लोगों के साथ भेदभाव कर रही है। बाहरी श्रमिकों को आवागमन व रहने की सुविधाएं दे रही है, लेकिन स्थानीय लोगों को कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। न मीर मोहम्मद, थानसिंह डोली, अमराराम बेनीवाल, जिला परिषद सदस्य हुकमाराम ने संबोधित किया। जिला प्रमुख ने धरनास्थल ने फोन पर कलक्टर लोकबंधु से बात कर मध्यस्थता करते हुए सुलह करवाने की बात कही।
प्रशासन ने की चर्चा
उपखंड अधिकारी नरेश सोनी, बालोतरा पुलिस उप अधीक्षक धनफूल मीणा, पचपदरा थानाधिकारी प्रदीप डांगा ने रिफाइनरी में एचपीसीएल अधिकारियों से स्थानीय लोगों की मांगों को लेकर चर्चा की। बुधवार रात अतिरिक्त जिला कलक्टर बाड़मेर ओमप्रकाश बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोतरा नितेश आर्य पचपदरा रिफाइनरी पहुंचे। इन्होंने रिफाइनरी कार्यालय में स्थानीय लोगों के प्रतिनिधि मंडल और एचपीसीएल अधिकारियों के साथ बैठक शुरू की। रात करीब 8.30 बजे शुरू हुई बैठक देर रात तक जारी रही। उधर, धरने पर देर रात तक सैकडों लोग डटे हुए थे।

Dilip dave Desk
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned