’बाड़मेर. कृषि विज्ञान केन्द्र दांता में लघु मुर्गीपालन प्रशिक्षण का उद्घाटन गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर नाबार्ड के डीडीएम डॉ. दिनेश प्रजापत ने कहा कि बदलते परिवेश एवं आज की आवश्यकता अनुसार व्यवसाय के लिए लोगों का पलायन होना एक आम बात है। इसमें भी बाड़मेर जिले की बात करें तो यहां के लोग रोजगार के लिए नजदीकी राज्यों में जाते हैं, क्योंकि अकाल की वजह से इनका यहां गुजरा करना मुश्किल हो जाता है। अच्छी बात यह है की जिले में पशुओ की संख्या आदमियों की संख्या से दुगुनी होने से अकाल के समय इनकी आजीविका का सहारा बन जाती है।

उन्होंने कहा कि बैंक के माध्यम से इन युवाओं को रोजगार प्राप्त करने के लिए पशुपालन में वित्तीय सहायता की जाती है और समय-समय पर इनको ऋण मुहया कराया जाता है जिससे ये अपना आसानी से व्यवसाय चालू कर सके ।

केन्द्र प्रभारी डॉ.विनय कुमार ने कहा कि यहां के युवाओं के लिए यह अच्छा अवसर है कि केन्द्र पर 30 दिवसीय लघु मुर्गीपालक प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है, जिसका पूरा फायदा उठाएं ताकि खेती के साथ-साथ मुर्गीपालन का काम भी शुरू कर सकें।

केन्द्र के पादप सरंक्षण विशेषज्ञ एस.एल.कांटवा ने कहा कि युवाओं को कृषि में बनाए रखने के लिए रोजगार परक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं जिसमें मशरूम उत्पदान, मधुमक्खी पालन, वर्मी कम्पोस्ट, बागवानी आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिए जाय ताकि वो बहार नहीं जाए। प्रशिक्षण प्रभारी एवं पशुपालन विशेषज्ञ बी.एल.डांगी, श्याम दास, बी.आर.मोरवाल. डॉ. सोनाली शर्मा, हंसराज सैन, सुनील राखेचा व रामावतार पारिक ने भी विचार व्यक्त किए।

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