Change - बारेला समाज ने सीमित की दहेज प्रथा, खत्म होंगी कुप्रथाएं

सम्मेलन में सर्वसम्मति से समाजजन ने लिया निर्णय

By: tarunendra chauhan

Published: 20 Nov 2020, 02:32 PM IST

बड़वानी. विकासखंड पाटी की कृषि उपज मंडी में आदिवासी बारेला समाज ने गुरुवार को बैठक रखी। बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों व दहेज प्रथा को सीमित करने का आह्वान किया गया। समाज सदस्य हरसिंग जमरे ने बताया कि समाज में व्याप्त कुरीतियों को खत्म करने, विवाह में लेने वाले दहेज, को सीमित करने व शिक्षित लड़की होने से अधिक दहेज लेना सहित महिलाओं के अधिकार, परित्याग करने वालों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया। इसमें दहेज सहित अन्य लिए जाने वाले पैसे को समिति किया।

बैठक में पाटी विकासखंड की 45 पंचायत के 110 गांव के पटेल, पुजारा, वारती, पंच-सरपंच, चौकीदार, गांव डाहला शामिल हुए। बैठक में तय किया गया कि शादी में जो अतिरिक्त खर्चा बकरा व शिक्षित लड़की होने दहेज के अलावा अन्य पैसे लेने पर पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया। पटेल संघ ने जो बैठक में निर्णय लिया वही पैसा लेना होगा। आदिवासी बारेला समाज के अलावा कोटवाल व मानकर समाज के लोगों ने भी इसी नियमों का पालन करने का निर्णय लिया।

इसी के तहत दहेज व अन्य पैसे लेंगे। बैठक में मुरा नरगांवे, बलराम, प्रकाश बंडोड, कसरसिंग सोलंकी, भीकला खर्ते, देवराम चौहान, सिलदार पटेल, लखा पटेल सहित सभी ग्राम पंचायत के सरपंच, पटेल, गांव मुखिया, पुजारा सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। वालसिंग सस्ते ने बताया कि दहेज को सीमित कर अतिरिक्त खर्चे पर प्रतिबंध लगाया गया। सीताराम नरगांवे ने बताया कि दहेज 30 हजार , लाग 2 हजार, सांग 1 हजार 50 रुपए, चिड़ाचाक 1 हजार, खुशाली 1 हजार सहित बकरे के नाम लिए जाने पैसे पर प्रतिबंध लगाया गया। ये निर्णय पटेल संघ ने लिया है, जो कि आज से लागू हो गया है। यदि बनाए गए नियमों का उल्लंंघन करते है, तो 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला जाएगा।

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