OPD से गायब रहते हैं अधिकांश डॉक्टर, सरकारी अस्पताल में लग रही मरीजों की भीड़

निजी क्लिनीक पर इलाज कराने कतार में लगे रहे मरीज और उनके परिजन, सरकारी अस्पताल के डाक्टर कर रहे हैं प्रायवेट पै्रक्टिस, जिम्मेदारों का नहीं है ध्यान

By: vishal yadav

Updated: 14 Jun 2020, 07:54 PM IST

बड़वानी. सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को इन दिनों खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में आ रहे मरीज यहां घंटों में लाइन में लगकर डाक्टर का इंतजार करते प्रतिदिन देखे जा सकते हैं। वहीं डाक्टर्स के कैबिन खाली पड़े रहते हैं। यहां मरीजों को देखने का जो समय है, तब डॉक्टर यहां दिखाई नहीं देते हैं। पिछले लंबे समय से यहां ऐसा ही चल रहा है।
तय समय पर डॉक्टर अपने कैबिन में नहीं मिलते और मरीज उनके इंतजार में घंटों यहां बैठे रहते हैं। इतना ही नहीं सरकारी अस्पताल के डॉक्टर इन दिनों प्रायवेट प्रैक्टिस में ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर अपने घर पर बनाए प्रायवेट क्लिनिक पर ही ज्यादातर मरीजों का इलाज करने में लगे हुए हैं। ऐसे डॉक्टर्स के क्लिनीक पर भी दिनभर मरीजों की खासी भीड़ जमा रहती है। इसके बाद भी जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। ऐसे में गरीबों को मिलने वाला मुफ्त इलाज उन्हें नहीं मिल पा रहा है। वहीं उन्हें ईलाज के लिए डॉक्टर्स के निजी क्लिनीकों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सरकारी अस्पताल में डाक्टर्स कोरोना के डर से लोगों का दूर से इलाज करते हैं, निजी क्लिनिक पर कोरोना को लेकर डॉक्टर्स इतने नहीं डर रहे हैं। वहां मरीजों को क्लिनिक के भीतर बुलाकर इलाज कर रहे हैं।
निजी लैब पर कराना पड़ रही जांच, लेना पड़ रही महंगी दवाईयां
जिला अस्पताल में डॉक्टर्स के नहीं होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के गरीब मजदूरों को निजी क्लिनिक पर जाकर अपना इलाज कराना पड़ रहा है। यहां ईलाज कराने के बाद लिखी गई जांचों के लिए भी मरीजों को निजी लैब पर जाना पड़ता है। ऐसे में महंगा इलाज कराना इनकी मजबूरी बन गई है। इलाज के बाद डाक्टर्स द्वारा लिखी गई दवाईयों के लिए भी गरीब लोगों को निजी मेडिकल स्टोर्स पर जाकर महंगी दवाईयां लेना पड़ रही है। वहीं सरकारी अस्पताल में डॉक्टर मरीजों का इलाज करें तो लोगों को वहां नि:शुल्क जांच और जेनरिक दवाईयों की सुविधा मिल जाएगी। जिससे उन पर पडऩे वाला आर्थिक बोझ कर हो जाएगा।
कबाड़ कर दी सैनिटाइजर मशीनें
कोरोना संक्रमण के बाद सावधानी बरते और सैनिटाइज करने के लिए जो सैनिटाइज मशीनें जिला अस्पताल को उपलब्ध करवाई गई, वे कबाड़ हो रही हैं। सरकारी से मिली हैंड सैनिटाइज करने की पैडल मशीन अस्तपाल के गार्डन में पड़ी है। इसका कभी उपयोग नहीं किया गया। वहीं सुन्नत मुस्लिम जमात द्वारा पूरी बॉडी को सैनिटाइज करने वाली मशीन में अस्पताल वालों ने कचरे के डिब्बे भर रखें है। संसाधनों के ऐसे हालातों के देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार कैसे अपनी जिम्मेदारियों को निभा रहे हैं।
वर्जन...
जिनकी ड्यूटी रहती है वे तो रहत हैं। हो सकता है कि उस दौरान वार्ड में कॉल पर गए हों। ऐसी कोई शिकायत मिलती है, तो हम दिखवाएंगे। अस्पताल में व्यवस्थाओं के बनाने के लिए पूरे प्रयास करेंगे। पैडल हैंडसैनिटाइजर मशीन को फिट करने के लिए कोई आ नहीं रहा है। उसे जल्द ही फिट करवा देंगे।
-डॉ. आरसी चोयल, सिविल सर्जन बड़वानी

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