व्यवस्थाओं में कितना झोल, बारिश ने खोली पोल

व्यवस्थाओं में कितना झोल, बारिश ने खोली पोल
Drainage trough shedding on the streets

Manish Arora | Updated: 25 Jun 2018, 11:16:24 AM (IST) Barwani, Madhya Pradesh, India

नालियों का कचरा सड़कों पर बहा, बसाहट में भराया पानी, जल निकासी नहीं होने से लोग परेशान, बसाहट में रास्ते बने पगडंडी की तरह, घरों के सामने जमा हुआ पानी

बड़वानी. बारिश से निपटने और लोगों को इस मौसम में परेशानी से बचाने की व्यवस्थाओं में कितने झोल है, इसकी पोल शनिवार रात की बरसात ने खोल दी है। शनिवार रात को हुई बरसात ने शहर में की सड़कों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक व्यवस्थाओं को चरमरा दिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत में बसाहट में सामने आई है। यहां जल निकासी नहीं होने के कारण बारिश के पानी में ही बसाहट टापू की शक्ल में बदल गई है। लोगों के घरों के आगे पानी जमा हो गया। इधर शहर में नालियों से गंदगी बहकर सड़कों पर आ गई। नगर पालिका की टीम को सुबह से ही इंतजामों में जुटना पड़ा।
रात में हुई जमकर बारिश
शनिवार रविवार की रात में जमकर बारिश हुृई । इस बारिश के बाद जहां शहर की सड़कों पर गंदगी फैली वहीं शहर से सटी बसाहटों में भी मुश्किलें बढ़ गई। शहर की पानवाड़ी, पालाबाजार, पुरानी पानी की टंकी, दशहरा मैदान के बाद कृष्णा स्टेट, पूजा स्टेट, भारुड मोहल्ला सहित अन्य स्थानों पर नालियां उफान पर आ गई। नालियों के जरिये कचरा और गंदगी भी सड़कों पर फैल गई।सुबह रविवार होने के कारण पाला बाजार से लेकर पानवाड़ी तक गंदगी से लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि सुबह नपा की टीम ने सफाई का जिम्मा संभाला और 11 बजे तक सड़कों पर फैला कचरा और गंदगी को साफ किया।
बसाहट में पानी बना रुकावट
शहर से सटी कुकरा राजघाट और कसरावद बसाहट में बारिश ने लोगों को काफी परेशानी में डाल दिया है। इन दोनों बसाहट में बारिश का पानी इस तरह जमा हो गया है कि बस्ती को टापू की शक्ल दे दी।बस्ती के हर घर के बाहर पानी जमा है। जल निकासी के साधन नहीं होने के कारण लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया।ऐसे में लोगों को आने जाने में भी खासी दिक्कतें हुई। एनबीए कार्यकर्ताओं का आरोप हैकि 08 फरवरी 2017 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया था कि तीन माह में मध्यप्रदेश सरकार पुनर्वास स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएं। लेकिन सरकार ने कोई व्यवस्था नहीं की। नतीजा यह निकला कि पूनर्वास स्थल टापू बनकर रह गए।
एनबीए कार्यकर्ताओं ने लगाए आरोप
एनबीए कार्यकर्ता राहुल सहित अन्य का आरोप है कि बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था करने के लिए भी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को निर्देशित किया गया था। सभी 8 3 पुनर्वास स्थलों बसाहट पानी के निकास की सुव्यवस्था की जानी चाहिए थी। लेकिन शनिवार को हुई बारिश ने सारी व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।कार्यकर्ताओं का कहना है कि बारिश के चलते कसरावद पुनर्वास स्थल पर भग्गु, रघु, केशरबाई बेवा तेरसिंसग, शंकर, सुक्यिा, कालूबाबा, कस्तुरीबाई बेवा नयनसिंग सहित कई लोगों के घरों में पानी भर गया। यहां निर्माणाधीन मकान में भी पानी इतना भर गया कि अंदर भी नहीं जा पा रहे हैं। देवीसिंग पिता दरियाव में पानी भर जाने से 20 क्विंटल गेहंू, 20 क्विंटल चारा, 5 किलो दाल , 20 किलो आटा खराब हो गया।साथ ही दीवारों में भी दरारें आ गई है।इसके अलावा कई लोगों के घरों में पानी भरने से नुकसान हुआ है।

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