किसानों ने फेंकी प्याज की उपज, भावों में आया उछाल

प्याज के बढ़े दामों ने रसोई का बिगाड़ा बजट

 

By: tarunendra chauhan

Published: 28 Oct 2020, 10:49 AM IST

बड़वानी. आसमान छूते प्याज के दाम फिर से लोगों के आंसू निकाल रहे हैं। प्याज के भाव बढऩे से लोगों की रसोई का गणित बिगडऩे लगा है। प्याज की जिस उपज को लॉक डाउन के दौरान किसानों ने फेंकी थी, अब उसके भाव आसमान छुने लगे हैं। वहीं प्याज की फसल में इन दिनों फंगस लगने की समस्या भी आ रही है। जिससे लगता है कि आने वाले दिनों में प्याज के भाव और बढ़ेंगे। शहर में आलू और प्याज अब 50 रुपए प्रतिकिलो तक बिकने लगे है। वहीं सब्जियों के भाव भी 40 से 60 रुपए प्रतिकिलो तक पहुंच गए है। फिलहाल शहर में इंदौर और महाराष्ट्र से लाल व भोरा प्याज आ रहा है।

उधर क्षेत्र में नई प्याज की बोवनी का सिलसिला जारी है। हालांकि इस दौरान प्याज के रोपे के बीज को लेकर किसान परेशान हो रहे है। इस मामले को लेकर भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष मंशाराम पंचोले ने केंद्र सरकार के अधिन बीज कंपनियों की मनमर्जी पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष लोकल कंपनियों का प्याज रोपे का बीज 400 से 500 रुपए प्रतिकिलो था, जो इस बार तीन से चार हजार रुपए प्रतिकिलो तक बिक रहा है। वहीं पंचगंगा पुनाफुसंदी पिछली बार 1500 रुपए किलो बीज मिल रहा था, जो इस बार चार हजार का भाव होने के बावजूद किल्लत बनी हुई है। वहीं ब्लेक में पांच हजार रुपए तक बिक रही है। इसी तरह प्रशांत कंपनी का रोपा गत वर्ष 1300 रुपए प्रतिकिलो था, जो इस बार सात हजार रुपए तक है, लेकिन जिले में यह उपलब्ध नहीं है।

फंगस बिगाड़ रहा हाल
पंचाले ने बताया कि इस बार प्याज फसल में फंगस लगने से खेत के खेत बर्बाद हो रहे है। फंगस लगने से प्याज के पौधे जलेबी आकार के बन रहे है। वही शेष बची प्याज जो नींबू आकार की हुई हैं, उसमें सडऩ लगने लगी है। करीब 60 प्रतिशत प्याज की नुकसानी है। कई किसान रोटावेटर-कल्टीवेटर चलाकर प्याज के रोपे निकालकर अन्य फसलें लगाने को मजबूर है। किसान संघ अध्यक्ष ने कहा कि सरकार के दावों के उलट कंपनियों 500 का बीज पांच हजार रुपए किलो तक बेच रही हैं, लेकिन कोई रोक-टोक नहीं है।

Show More
tarunendra chauhan Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned