25 साल की तपस्या का मिला फल, कापडिय़ा बनीं नपा उपाध्यक्ष

एक वोट से मिली जीत, दो वोट हुए निरस्त, अपील समिति के दो सदस्य निर्विरोध निर्वाचित

By: मनीष अरोड़ा

Published: 10 Feb 2018, 11:14 AM IST

बड़वानी. नपा परिसर का प्रथम सम्मेलन पीठासीन अधिकारी अभयसिंह ओहरिया की मौजूदगी में हुआ। शुक्रवार सुबह 11 बजे से ही सम्मेलन को लेकर गहमा-गहमी शुरू हो गई थी। प्रथम सम्मेलन में उपाध्यक्ष के चुनाव के साथ ही अपील समिति के दो सदस्यों के चुनाव भी संपन्न हुए। कशमकश भरे मुकाबले में कांग्रेस की कुलसुम कापडिय़ा ने एक मत से भाजपा के नंदराम कुशवाह पर अपनी जीत दर्ज की। दो वोट तकनीकि त्रुटी के चलते निरस्त किए गए। वहीं, अपील समिति के दो सदस्यों का निर्विरोध निर्वाचन हुआ।

11 बजे से निर्वाचन प्रक्रिया आरंभ हुई
उपाध्यक्ष पद को लेकर नपा परिसर में सुबह से ही कांग्रेस और भाजपा के पार्षदों सहित नेताओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। 11 बजे से निर्वाचन प्रक्रिया आरंभ हुई। कांग्रेस की ओर से कुलसुम कापडिय़ा का नाम प्रस्तावित किया गया। जिसके बाद उपाध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल पूर्व में उपाध्यक्ष रह चुकी अजीतकौर सलूजा ने अपनी नाराजगी दर्ज कराई। सभी पार्षद अजीतकौर को समझाते रहे, लेकिन वे नहीं मानी। इसके बाद दोपहर में वे नपा परिसर से घर चली गई। वरिष्ठों द्वारा समझाइश के बाद मतदान के पूर्व वे लौटी और मतदान किया।

14 में से 12 वोट मिले
उपाध्यक्ष पद के लिए 24 पार्षदों सहित अध्यक्ष ने मतदान किया। उपाध्यक्ष के लिए हुए निर्वाचन में कुलसुम कापडिय़ा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी नंदराम कुशवाह को 1 वोट से हरा दिया। कुलसुम को 12 वोट व नंदराम को 11 वोट हासिल हुए। इस दौरान नपा की अपील समिति के दो सदस्यों का निर्वाचन भी निर्विरोध तरीके से हुआ। दो पद के लिए दो सदस्य कांग्रेस के पवन यादव व भाजपा के मुकेश जायसवाल ने ही नामांकन फार्म प्रस्तुत किए गए। इस कारण पीठासीन अधिकारी ने उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया। प्रथम सम्मेलन के दौरान निर्वाचन की कार्यवाही होने के बाद सीएमओ राजेंद्र मिश्र ने नपा अध्यक्ष लक्ष्मण चौहान व उपाध्यक्ष कुलसुम कापडिय़ा सहित अपील समिति व पार्षदगणों का स्वागत किया। इस दौरान अफसर सहित कर्मचारी मौजूद थे।

इसलिए था दावा मजबूत
कुलसुम कापडिय़ा परिषद में सबसे वरिष्ठ पार्षद है। वे लगातार पांचवीं बार जीतकर परिषद में पहुंचीं है। इसके पूर्व तीसरी बार पार्षद के रूप में जीतने पर परिषद में उनका उपाध्यक्ष पद का दावा था, लेकिन पार्टी ने अजीतकौर सलूजा को उपाध्यक्ष बनाया था। इस बार भी अजीतकौर सलूजा ने दावेदारी प्रस्तुत की थी, लेकिन पार्टी की बैठक में सभी ने सर्वसम्मति से कुलसुम कापडिय़ा का नाम तय किया था। कुलसुम कापडिय़ा को उपाध्यक्ष पद सौंपकर कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव में बोहरा समाज के वोटों को साधने की भी कोशिश की है। पहली बार बोहरा समाज से नपा उपाध्यक्ष बनने पर कांग्रेस का वोटबैंक मजबूत होगा।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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