नागलवाड़ी शिखर धाम रोड की घोषणा कर भूले सीएम

सामाजिक कार्यकर्ता ने सीएम को भेजा स्मरण पत्र, शिखर धाम तक डामरीकरण की मांग की

By: मनीष अरोड़ा

Published: 10 Feb 2018, 03:58 PM IST

बड़वानी/सेंधवा. जिले के ग्राम नागलवाड़ी के शिखर पर स्थित भीलट देव मंदिर के लिए मेला स्थल से मंदिर तक 3 किमी पहुंच मार्ग के निर्माण की घोषणा प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा मंदिर परिसर में करीब सवा सात वर्ष पूर्व की गई थी। बावजूद इसके ये घोषणा अभी तक मुर्त रूप नहीं ले सकी है। मुख्यमंत्री को शिकायत के बाद इस पर अब जाकर कागजी कार्रवाई प्रारंभ हुई है।

4 अप्रैल 2017 को सीएम को लिखा था पत्र
इस मामले को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता बीएल जैन ने 4 अप्रैल 2017 को सीएम को पत्र लिखकर सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ कराने की मांग की थी। इस पत्र को मुख्यमंत्री कार्यालय में सीएम मानिट सी 9 पर पंजीबद्ध किया गया। इस पत्र के प्रत्युत्तर में मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग इंदौर द्वारा प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग भोपाल को पत्र प्रेषित कर इसकी प्रतिलिपी जैन को भेजी है। इसमें उल्लेखित है कि मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम नागलवाड़ी में 29 अक्टूबर 2010 को घोषणा क्रमांक ए 1053 द्वारा ग्राम नागलवाड़ी से भीलटदेव बाबा मंदिर की पहाड़ी तक डामरीकरण तथा पहाड़ी पर शिखर तक के मार्ग का सीमेंटीकरण एवं ग्राम पंचायत द्वारा निर्मित सुंदर बगीचे को और सुंदर बनाने हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। इस घोषणा का क्रियांवयन ग्रामीण एवं विकास विभाग द्वारा किया जाना था। इस संबंध में अपर कलेक्टर बड़वानी द्वारा 14 मार्च 2011 अनुसार इस घोषणा को दो भागों में विभाजित कर ग्राम नागलवाड़ी से भीलटदेव बाबा मंदिर की पहाड़ी मेला स्थल तक डामरीकरण कार्य लोक निर्माण विभाग को दिया गया था। इसका निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा लंबाई 3.93 किमी में डामरीकरण कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

3 किमी का मार्ग विभाग की पुस्तिका पर अंकित नहीं
घोषणा अनुसार शेष कार्य मेला स्थल से भीलटदेव बाबा मंदिर की पहाड़ी पर शिखर तक सीसी रोड का निर्माण कार्य ग्रामीण एवं पंचायत विकास विभाग बड़वानी द्वारा किया जाना था, जो आज तक प्रारंभ नहीं किया गया है। इससे घोषणा की पूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है। खास बात है कि 3 किमी का मार्ग विभाग की पुस्तिका पर अंकित नहीं है। मार्ग पर पीएमजीएसव्हाय द्वारा कोई कार्य नहीं कराया गया है। मार्ग की अनुमानित लागत 3 करोड़ रुपए है। वर्ष 2017-18 में जिले की प्लान सिलिंग रुपए 45 करोड़ है। वर्तमान में प्लान सिलिंग राशि 37 करोड़ 14 लाख शेष है। इस प्रकार मुख्य अभियंता द्वारा प्रमुख अभियंता को वस्तुस्थिति से अवगत कराकर धन राशि उपलब्धता की जानकारी प्रेषित कर उचित कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

आस्था का केंद्र है भीलट देव मंदिर
जैन ने कहा कि सतपुड़ा की सुरम्य पहाडिय़ों में बना हुआ भीलट देव का मंदिर केवल मप्र ही नहीं राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात सहित देश के कई क्षेत्रों के लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। प्रतिवर्ष यहां आयोजित होने वाले नागपंचमी के तीन दिवसीय मेले में 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं की उपस्थिति होती है। इस दौरान श्रद्धालुओं को 4 से 5 किमी की लंबी कतार में लगाकर 6 से 8 घंटे में दर्शन होते है। जैन ने कहा कि वर्तमान में शिखरधाम तक पहुंचने के लिए पहाड़ी हिस्से को काटकर कच्ची सड़क का निर्माण किया गया है। ये 3 किमी का हिस्सा घुमावदार है। जहां दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है। इसलिए आम जनता की सुरक्षा के लिए सड़क निर्माण एवं घोषणा अनुरूप बगीचे को सुंदर बनाने का कार्य शीघ्रता से किया जाना चाहिए। इस संबंध में जैन ने मुख्यमंत्री को घोषणा का स्मरण पत्र जारी किया है।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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