अवैध शराब पकड़ी तो धमकाने आ गए शराब माफिया

पुलिस को सूचना देने के बाद भी नहीं आए जिम्मेदार, महिलाएं खुद शराब लेकर पहुंची थाने, दर्ज कराई शिकायत

By: मनीष अरोड़ा

Published: 10 Nov 2017, 11:23 AM IST

बड़वानी. जिले में अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है। जिम्मेदार विभाग आबकारी और पुलिस भी अवैध शराब के कारोबार को रोकने में असफल साबित हो रही है। नर्मदा तटों से पांच किमी तक शराब नहीं बिकने के मुख्यमंत्री निर्देश भी हवा हो रहे है। बुधवार की रात ग्राम भवती की नशा मुक्ति संगठन की महिलाओं ने ग्राम अमलाली से अवैध शराब पकड़ी। इसके बाद शराब माफिया के लोग महिलाओं के घर पहुंच गए और धमकाने लगे। लोगों ने डायल 100 वाहन को भी सूचना दी, लेकिन तीन घंटे तक भी कोई नहीं आया। गुरुवार को महिलाएं खुद ही अवैध शराब की पेटी लेकर थाने पहुंच गई और शराब माफियाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।


सीएम ने भी बनाई है कार्ड
गुरुवार दोपहर को बड़ी संख्या में डूब ग्राम भवती की महिलाएं सरपंच प्रतिनिधि मनोहर बड़ोले के नेतृत्व में कोतवाली थाने पहुंची। महिलाओं के पास एक पेटी देशी शराब की भी थी। महिलाओं ने बताया कि वो सभी भवती ग्राम नशा मुक्ति संगठन की सदस्य भी है। पुलिस अधीक्षक द्वारा उनके कार्ड भी बनाए हुए है। वो ग्राम और आसपास के गांवों में अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए लगातार काम कर रही है। गांव में और आसपास के गांवों में कहीं भी शराब की सरकारी दुकान नहीं है। इसके बाद भी कुछ लोग शराब लाकर बेच रहे है। बुधवार को पास के गांव अमलाली में राधेश्याम बंसीलाल के यहां शराब बिकने की सूचना मिली थी। यहां से एक पेटी देशी शराब की पकड़ी।


घर पहुंच कर धमकाया महिलाओं को
संगठन की कौशलबाई, भंवरबाई, प्रेमबाई आदि ने बताया कि रात को राधेश्याम के लोग उनके घर धमकाने आ गए। इसमें गडा ग्यारसिया, दिनेश गुलिया, गुलिया का दामाद अनिल, राहुल, राकेश, राजू मुलया आदि घर पर आकर धमकाने लगे, हमारी शराब कैसे पकड़ी, अब कभी शराब पकडऩे आए तो अंजाम बहुत बुरा होगा। सरपंच प्रतिनिधि मनोहर बड़ोले ने बताया कि इसकी सूचना पुलिस को भी दी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इसके पहले भी ऐसे हालात बन चुके हैं। पुलिस और आबकारी की मिलीभगत से गांवों में शराब बिक रही है। पुलिस थाने आए तो यहां रिपोर्ट दर्ज नहीं की, सिर्फ आवेदन लेकर रख लिया। कार्रवाई नहीं होने से शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे है। वो कभी भी किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते है। शिकायतकर्ताओं में कंचनबाई, बुधीबाई, द्रोपतीबाई, रतनबाई, शोभाबाई, लीलाबाई, कलाबाई, सीताबाई, गुलाबबाई, सावाबाई, शांताबाई, गंगाबाई, गुलाबबाई सहित संगठन की अन्य महिलाएं शामिल थी।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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