बड़वानी के छोटा बड़दा में जल सत्याग्रह सत्याग्रह पर डूब प्रभावित, गलने लगे हाथ

Rajiv Jain

Publish: Sep, 16 2017 09:16:20 (IST)

Barwani, Madhya Pradesh, India
बड़वानी के छोटा बड़दा में जल सत्याग्रह सत्याग्रह पर डूब प्रभावित, गलने लगे हाथ

डूब प्रभावित मेधा पाटकर के नेतृत्व में छोटा बड़दा में आंदोलन कर रहे हैं। जल सत्याग्रह के 24 घंटे बाद 37 कार्यकर्ताओं के हाथ गलने लगे हैं।

बड़वानी. मध्यप्रदेश के चार जिलों के डूब प्रभावित सरदार सरोवर बांध में पानी भरने पर रोक लगाने की मांग को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन की मेधा पाटकर के नेतृत्व में छोटा बड़दा में आंदोलन कर रहे हैं। जल सत्याग्रह के 24 घंटे बाद शनिवार को पाटकर सहित 37 कार्यकर्ताओं के हाथ गलने लगे हैं। उन्होंने कहा कि आधे-अधूरे बांध का लोकार्पण कर प्रधानमंत्रनरेंद्र मोदी अपने जन्मदिन का जश्न मना रहे हैं, यह नर्मदा घाटी की मौत का जश्न होगा। 17 सितंबर को बांध को भरा हुआ दिखाने के लिए हजारों परिवारों को बिना प्राकृतिक आपदा के डुबोया जा रहा है। एक बांध के लिए हजारों लोगों की जल हत्या हमें मंजूर नहीं है। लगातार 24 घंटे पानी में बैठे रहने के कारण सत्याग्रहियों के हाथ गलना शुरू हो गए है। मेधा पाटकर ने बताया रविवार 12 बजे तक पानी रोकने का इंतजार किया जाएगा, इसके बाद जल सत्याग्रह पर बैठे लोग अपने आप को जल समर्पण कर देंगे।
हालांकि सरदार सरोवर बांध को भरने के लिए खंडवा जिले स्थित इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के 16 टर्बाइन का संचालन शुक्रवार रात 12 बजे से बंद कर दिया। पिछले पांच दिन से इन बांधों से लगातार 1840 घन मीटर प्रति सेकंड की स्पीड से पानी छोड़ा जा रहा था। इस दौरान कुल 99.36 लाख घन मीटर (एमसीएम) पानी छोड़ा गया। इसके बाद शनिवार शाम को बड़वानी और आसपास के इलाकों में नर्मदा में जलस्तर में मामूली गिरावट देखने को मिली। दोपहर 12 बजे तक जलस्तर 128.950 था, जो शाम 6 बजे घटकर 128.900 हो गया। उम्मीद है कि रविवार सुबह तक यह और कम हो जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री गुजरात में बांध का लोकार्पण कर देंगे। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के चार जिले बड़वानी, खरगोन, धार और अलीराजपुर के 192 गांव और एक शहर निसरपुर इस बांध की ऊंचाई बढ़ाकर 138.68 मीटर करने से सरदार सरोवर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहा है।

 

दत्तात्रय मंदिर में आया पानी, राजघाट में चारों ओर पानी
नर्मदा के लगातार बढ़ते जलस्तर से शनिवार दोपहर तक राजघाट पर चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा था। राजघाट स्थित दत्तात्रय मंदिर के अंदर तक पानी पहुंच गया। वहीं, मैदानी इलाके में भी तेजी से पानी फैल रहा है। नर्मदा में मिलने वाले नाले से बैक वाटर खेतों से होते हुए कई किमी दूर तक पहुंच चुका है। राजघाट पहुंच मार्ग पुलिया से भी पानी दो फीट नीचे बह रहा है। पुलिया पर पानी आने के बाद राजघाट जाने का रास्ता भी बंद हो जाएगा।


मौत के मुहाने पर सेल्फी
राजघाट पर पानी फैलने के बाद लोग बड़ी संख्या में यहां देखने के लिए आ रहे है। सोशल मीडिया पर भी सेल्फी डाली जा रही है। वहीं, लोग पुराने फोटो और यादों को भी साझा कर रहे हैं। इस बीच कुछ लोग पानी के अंदर जाकर सेल्फी लेकर अपनी जान को खतरा पैदा कर रहे है। शनिवार सुबह तो तीन युवक दत्तात्रय मंदिर के आगे तक पहुंच गए, जहां से मैदानी क्षेत्र खत्म होकर 20 फीट नीचे घाट है। इस तरह की सेल्फी लेने के लिए यहां रोकने वाला भी कोई नजर नहीं आ रहा है।

 

barwani rajghat and datatray temple
IMAGE CREDIT: patrika

मॉकड्रिल कर बचाया लोगों को
कुकरा में मुस्तैद आपदा प्रबंधन की टीम को कंट्रोल रूम में मॉनिटरिंग कर रहे कलेक्टर का फोन आया कि तत्काल बचाव के लिए ग्राम पिछोड़ी पहुंचे। क्योंकि नर्मदा की बाढ़ के कारण खेत में काम कर रहे कुछ लोग एवं उनके मवेशी बाढ़ के पानी में घिर गए है। चूंकि बाढ़ का पानी तीनों तरफ से फैल गया है। चौथी तरफ 20 फीट ऊंची मिट्टी की सीधी पहाड़ी है। इसलिए आपदा का काम नाव के माध्यम से ही हो सकता है। आपदा प्रबंधन टीम को ये मैसेज सुबह 11 बजे प्राप्त होते ही दो नाव में टीम के सदस्य घटना स्थल की और तेजी से रवाना हुए। एक टीम का नेतृत्व भू-अर्जन अधिकारी अभयसिंह ओहरिया एवं डिप्टी कलेक्टर बीएस कलेश कर रहे थे। वहीं दूसरी टीम का नेतृत्व एसडीईआरएफ के प्लाटून कमांडर टीपीएस तोमर कर रहे थे। दोनों टीमों के सदस्यों ने आधे घंटे के सफर के बाद देखा कि नर्मदा के किनारे स्थित खेत में कुछ महिला-पुरुष तथा उनके पशु मक्का के खेत में काम करने के दौरान पानी बढऩे से फंस गए। टीम के सदस्यों ने जहां महिला पुरुषों को तत्काल अपनी नाव पर चढ़ाकर उनकी जान की रक्षा की। वहीं पशुओं को नाव के माध्यम से एक नीची पहाड़ी के पास पहुंचाकर उपर चढ़ाया। साथ ही ग्रामीणों को भी पहाड़ी पर उतार कर सुरक्षित ग्राम तक पहुंचाया। शनिवार को हुए मॉक ड्रिक के दौरान आपदा प्रबंधन की टीम ने इस बनावटी स्थिति को उत्पन्न कर उसमें किस प्रकार सफलतापूर्वक बचाओ कार्य करेंगे ये जानकारी दी।

sardar sarovar dam and Submurged area in barwani
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