PATRIKA LIVE : सीएम का सीधा प्रसारण खत्म होते ही खाली होने लगी कुर्सियां, भूखे लौटे किसान

PATRIKA LIVE : सीएम का सीधा प्रसारण खत्म होते ही खाली होने लगी कुर्सियां, भूखे लौटे किसान

vishal yadav | Publish: Apr, 17 2018 11:42:19 AM (IST) Barwani, Madhya Pradesh, India

7 हजार किसान बुलाने का लक्ष्य, 3 हजार ही पहुंचे, अधिकारी ने कहा आवंटन नहीं मिला, दो घंटे कार्यक्रम के लिए जुटाई लाखों रुपए की व्यवस्थाएं

बड़वानी. शहर के राजघाट रोड स्थित कृषि उपज मंडी में सोमवार दोपहर मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना व उत्पादकता प्रोत्साहन राशि वितरण समारोह आयोजन किया गया। इस दौरान शाजापुर में आयोजित इस का लाइव प्रसारण दिखाने के लिए विशाल एलईडी लगाई गई थी। जिले में करीब 7 हजार किसानों को बुलाने था, लेकिन आवंटन समय पर प्राप्त नहीं होने से करीब 3 हजार किसान ही समारोह में पहुंच सके। इसके अलावा जिले के किसानों को शाजापुर भेजना था, लेकिन वह भी नहीं जा सके।
भोजन तक उपलब्ध नहीं हो सका
जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 12.30 बजे कार्यक्रम शुरू हुआ, लेकिन दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही मुख्यमंत्री का प्रसारण बंद हुआ। किसान कुर्सियां छोड़ अपने-अपने वाहनों में बैठक रवाना हो गए। आयोजन में कई स्थानों से किसान चारपहिया सवारी वाहनों के माध्यम से पहुंचे थे। जिन्हें भोजन तक उपलब्ध नहीं हो सका। वहीं सीएम का प्रसारण बंद होते ही स्थल का तेजी से पेकअप शुरू हो गया। कई किसानों से चर्चा करने पर पता चला कि उन्हें बैठक का कहकर यहां लाया गया था। आयोजन स्थल मंडी परिसर में तीन सेट में सैकड़ों कुर्सियां जमाई गई थी, लेकिन एक ओर कुर्सियां खाली रही। वहीं बड़ी संख्या में कुर्सियां स्टॉक में रखी रही। हालांकि गर्मी से बचाव के लिए कूलर-पंखे की व्यवस्था की गई थी।
खातों में जमा हुई 3 करोड़ से अधिक राशि
शाजापुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री के लैपटॉप पर बटन दबाते ही प्रदेश सहित जिले के किसानों के खातो में आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से राशि का हस्तांतरण किया गया। उप संचालक कृषि बीएस जमरा ने बताया कि किसान सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत जिले के 2441 किसानों के खातो में 3 करोड़ 14 लाख 41 हजार 500 रुपए की राशि ई-पेमेंट के माध्यम से जमा की गई।
किसानों को बांटे प्रमाण-पत्र
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सांसद सुभाष पटेल के अतिथ्य में समर्थन मूल्य पर सर्वाधिक उपज बेचने वाले किसानों को प्रमाण-पत्र का वितरण किए गए। सांसद ने कहा पिछले 15 वर्षों में प्रदेश सहित जिले में कृषि के क्षेत्र में व्यापक बदलाव नजर आने लगा है। पहले जिले में बारिश के आधारित कृषि पर जिले के किसान निर्भर थे। आधुनिक कृषि को भी जिले के कृषक अपना रहे है। वर्तमान में 24 घंटे बिजली मिलने से ग्रामीण लालटेन, चिमनी को भूल गए है। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम खंडेलवाल, जिला पंचायत कृषि स्थाई समिति की अध्यक्ष गीता चौहान, मंडी अध्यक्ष ओम भावसार, क्षेत्र के वरिष्ठ सुभाष जोशी, सुखदेव यादव, अपर कलेक्टर रेखा राठौर सहित अधिकारी और किसान मौजूद थे।
गांव-गांव भी दिखाया जा सकता था सीधा प्रसारण
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण हम्मड़ के कहा कि आयोजन में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई थी। मुख्यमंत्री का सीधा प्रसारण हुआ। साथ ही जो राशि वितरण हुई वह ऑनलाइन हुई हैं, ऐसे में यहां इतनी राशि खर्च करने का औचित्य नहीं था। सीधा प्रसारण तहसील से पंचायत स्तर तक दिखाया जा सकता था और आयोजन पर हुई राशि से किसानों को कुछ सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती थी। वैसे भी वर्तमान में किसान गेहंू कटाई में व्यस्त है। समर्थन मूल्य पर तुलाई में देरी हो रही है। आयोजन के नाम पर यहां किसानों को बुलाना और बिना खाना खिलाए लौटाना समझ से परे है।
वर्जन...
जिले के प्रत्येक ब्लॉक से 1 हजार किसानों को बुलाने का लक्ष्य रखा था। लेकिन आवंटन प्राप्त नहीं होने पर ज्यादा किसानों को नहीं बुलाया जा सका। वहीं किसानों के भोजन की व्यवस्था मंडी में न करते हुए ब्लॉक स्तर पर की थी।
-बीएस जमरा, उप संचालत, कृषि विभाग

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