नर्मदे हर व नमामी देवी नर्मदे के जयघोष के साथ शुरू हुई पंचकोशी यात्रा

पांच दिनों में 50 से अधिक तटीय गांवों से गुजरेंगे पदयात्री, क्षेत्र की जीवनदायिनी मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए विभिन्न स्थानों के श्रद्धालु महिला-पुरुष राजघाट पहुंचे

By: vishal yadav

Published: 08 Dec 2019, 08:52 PM IST

बड़वानी. क्षेत्र की जीवनदायिनी मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए विभिन्न स्थानों के श्रद्धालु महिला-पुरुष राजघाट पहुंचे। मौका था रविवार को पंचकोशी पदयात्रा प्रारंभ अवसर का। 'त्वदीय पाद पंकजम् नमामी देवी नर्मदे, नर्मदे हर... बम भाले व ओम नम: शिवाय: के जयघोष के साथ हजारों परिक्रमावासियों का कारवां शहर के विभिन्ना मार्गांे से गुजरा। इस दौरान जगह-जगह संगठनों-भक्तों द्वारा पदयात्रियों को पेयजल-चाय व स्वल्पहार उपलब्ध करवाया।
नर्मदांचल पंचकोशी पदयात्रा समिति के तत्वावधान में आयोजित 5 दिवसीय राजघाट-कोटेश्वर नर्मदा पंचकोशी पदयात्रा इस बार सरदार सरोवर बांध परियोजना के चलते राजघाट रोड बेकवॉटर किनारे से प्रारंभ हुई। पांच दिन के बाद 12 दिसंबर को यही आकर यात्रा संपन्न होगी। रविवार सुबह राजघाट रोड पुराने फिल्टर प्लांट के पास श्रद्धालुओं ने स्नान, ध्यान कर पूजन किया। इसके बाद पदयात्री शहर की कृषि मंडी परिसर पहुंचे। यहां प्रसादी ग्रहण व भजन-कीर्तन के बाद पदयात्री नर्मदे हर के जयघोष के साथ हाथ-सिर पर आवश्यक सामग्री के बैग-थैली थाम कोर्ट चौराहा, तिरछी पुलिया होते हुए भवती नाके की ओर रवाना हुए। प्रथम दिन पालिया बसाहट की ओर रवाना होंगे। जहां रात्रि विश्राम के दौरान भजन-कीर्तन होंगे।
पांच दिन में पूर्ण करेंगे 75 किमी पदयात्रा
नर्मदा किनारे से प्रारंभ पदयात्रा बड़वानी व धार जिले के 50 से अधिक तटीय गांवों में पहुंचेगी। इस दैरान करीब 75 किमी आस्था का कारवां गुजरेगा। 12 दिसंबर को राजघाट के पूर्व बेकवॉटर किनारे पहुंचकर यात्रा संपन्न होगी। पदयात्रा में बड़वानी-धार सहित विभिन्न क्षेत्रों के यात्री शामिल हुए।
नाव से नर्मदा पार कर मेधनाथ तीर्थ पहुंचेंगे
9 दिसंबर की सुबह नर्मदा स्नान कर यात्री सौंदुल पुनर्वास मार्ग से भामटा होते हुए जांगरवा में प्रवेश करेंगे। यहां से नाव द्वारा नर्मदा पार कर धार जिले के मेघनाथ तीर्थ पर पहुंचेंगे। यहां आश्रम मंदिर दर्शन कर पिपरीपुरा दुर्गा मंदिर दर्शन कर चंदनखेड़ी होते हुए नवादपुरा कोणदा स्वल्पाहार करेंगे। यहां से चंदनखेड़ी, हेलादड़ होते हुए भंवरिया में पहुंचकर रात्रि विश्राम होगा।
10 दिसंबर को ध्वजा आरती कर धुलसर मार्ग से कटनेरा होते हुए प्राचीन सिद्धक्षेत्र एवं अम्बे मां के दर्शन कर गेबीनाथ मठ आश्रम पहुंचेंगे। जहां स्वामी महंत 108 रामदास त्यागीजी द्वारा स्वल्पाहार कराया जाएगा। यहां से निसरपुर बसाहट मार्ग से कड़माल सांई मंदिर में रात्रि विश्राम होगा।
11 दिसंबर को यात्री कड़माल ग्राम होते हुए देहदला बसाहटपुरा मार्ग से नर्मदा नगर में प्रवेश करेंगे। सड़क मार्ग से सौडल बाबा मंदिर के दर्शन एवं चारभुजा मंदिर में अखंड रामधुन कल्पतरु आश्रम में स्वल्पाहार कर ग्राम मलवाड़ा में रात्रि में रुकेंगे। वहीं अंतिम दिन 12 दिसंबर को पश्चिम दिशा से सौडल बाबा मार्ग नर्मदा पुल से यात्रा ग्राम कसरावद आएंगे। यहां से मुख्य सड़क मार्ग से बड़ा भीलट मंदिर दर्शन कर बीटी आई सड़क मार्ग से मंडी होते हुए राजघाट किनारे पहुंचकर यात्रा का समापन होगा।

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