नबआं कार्यकर्ताओं ने सीएम के सामने लहराए काले झंडे, 11 को किया गिरफ्तार

manish arora

Publish: Jan, 14 2018 11:07:26 (IST)

Barwani, Madhya Pradesh, India
नबआं कार्यकर्ताओं ने सीएम के सामने लहराए काले झंडे, 11 को किया गिरफ्तार

अंजड़ में चुनावी सभा के दौरान जमकर हंगामा, चार महिलाओं सहित सात अन्य के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धारा में केस दर्ज

बड़वानी/अंजड़. नगरीय निकाय चुनाव को लेकर दौरे पर आए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के सामने नर्मदा बचाओ आंदोलन ने अंजड़ में चुनावी सभा के दौरान काले और आंदोलन के झंडे लहराए। इसके बाद सभा में हंगामा मच गया। पुलिस ने सभा में झंडे लहराने वाले नर्मदा बचाओ आंदोलन के 11 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। इसमें से चार महिलाएं भी शामिल है। सभी के खिलाफ पुलिस ने प्रतिबंधात्मक धारा 151 के तहत कार्रवाई की।

सुप्रीम कोर्ट डेडलाइन तय की
सरदार सरोवर परियोजना के डूब क्षेत्र में पूर्ण पुनर्वास के लिए सुप्रीम कोर्ट ने डेडलाइन तय की है। इसके बाद से अभी तक डूब प्रभावितों का पुनर्वास करना है। वहां अधूरे निर्माण, मुआवजा और प्लॉट वितरण, अधूरे सर्वे व बड़दा गांव में 70 मकानों के सर्वे नहीं हुए है। ये समस्याएं शनिवार को नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के आगमन पर सभा में पहुंचे, लेकिन सीएम से बात नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई।

सीएम से मिलने की इच्छा जाहिर की
समस्याओं को लेकर कार्यकर्ताओं ने नर्मदा बचाओ के नारे लगाए लगाकर सीएम से मिलने की इच्छा जाहिर की। इसमें सीएम के रोड शो से पूर्व ही बड़दा रोड सब्जी मार्केट के सामने बड़दा के कार्यकर्ता दयाराम यादव, विनोद यादव, पवन यादव, रोहित, कमल मंंडलोई, महेंद्र, राजासिंह मंडलोई, रोहित ठाकुर, रमीबाई, देवकुंवरबाई, रामप्यारी बाई, संगीता बाई सहित अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बड़वानी भेजा गया। वहीं श्रीकृष्ण चौक में सीएम की जनसभा के दौरान कुछ समय के लिए माइक सिस्टम बंद होते ही कार्यकर्ताओं ने नबआं का झंडे और महिलाओं ने काले झंडे दिखाए। इससे पूर्व नर्मदा बचाओ आंदोलन, उनसे से जुड़े कई महिला व पुरुष कार्यकर्ता सभा के दौरान घुमते नजर आए। गिरफ्तार लोगों को सीधे अंजड़ से बड़वानी को भेज दिया गया।

11 पर धारा 151 के तहत केस दर्ज
अंजड़ पुलिस ने 11 कार्यकर्ताओं के खिलाफ धारा 151 के तहत केस दर्ज किया है। इसमें दयाराम यादव, विनोद यादव, पवन यादव, महेंद्र तोमर, हेमेंद्र मंडलोई, रोहित ठाकुर, प्रमेंद्रसिंह मंडलोई, रुकमाबाई, प्यारीबाई, गीताबाई और शिवकुंवर बाई शामिल है। नर्मदा बचाओ आंदोलन नेत्री मेधा पाटकर ने बताया कि सीएम ने 29 जुलाई को 900 करोड़ की घोषणा की थी, जिनका आज तक पालन नहीं है। सीएम के पास चुनाव के लिए समय है, डूब प्रभावितों के लिए समय नहीं है। इतनी दूर आए हैं तो डूब गांवों में भी आकर देखना था। सैकड़ों परिवारों का पुनर्वास बाकी है।

 

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