सिकलीगर की पगड़ी निकालकर फेंकने के बाद बाल पकड़कर घसीटते ले गई पुलिस, वर्दी वालों की दादागिरी

देश सहित विदेशों में भी हो रही है पुलिस की निंदा, सिख समाज में है खासा आक्रोश, पुलिस की बर्बरता पर गरमाए सियासी गलियारे, उच्च स्तर से होगी मामले की जांच, पुलिस द्वारा की गई पिटाई की सभी जगह हो रही है आलोचना

By: vishal yadav

Updated: 08 Aug 2020, 12:08 PM IST

बड़वानी/पलसूद. जिले के पलसूदी के सिकलीगर के साथ की गई बर्बरता से पिटाई के मामले ने इतना तुल पकड़ा की राज्य के साथ केंद्रीय नेताओं ने भी इस अपनी प्रतिक्रियाएं ट्वीटर पर दी है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पुलिस द्वारा की गई पिटाई के मामले के बारे में लिखा है कि प्रेमसिंह गं्रथी जो कई सालों से अपनी छोटी सी दुकान चलाकर जीवन यापन कर रहा था। उसे पुलिस ने अमानवीय तरीके से पीटा, पगड़ी उतार दी, बाल पकड़कर सड़क पर बुरी तरह से पिटाई की गई। ऑफिस ऑफ कमलनाथ के इसी ट्वीट पर री-ट्वीट करते हुए लिखा गया है कि ये अत्याचार और गुंंडागर्दी होकर सिख धर्म की पवित्र धार्मिक परंपराओं का अपमना है।
ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जा सकती। उन्होंने सरकार से दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं मामले को लेकर भारत सरकार की यूनियन कैबिनेट मिनिस्टर हरसिमरत कौर बादल ने भी ट्वीट किया है। उस पर मुंख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मारपीट करने वाले एसआई और आरक्षक को निलंबित कर दिया है। सीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है कि सिखों के साथ में ऐसी बर्बरता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने लिखा कि मामले की जांच इंदौर आईजी द्वारा कराई जाएगी और इनके विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा कि उनका हृदय द्रवित है। उन्होंने लिखा कि ऐसी बर्बरता व अराजकता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों को उनके कुकर्मों की सजा मिलेगी। वहीं मामले को लेकर डॉ. नरोत्तम मिश्र ने भी ट्वीट खेद प्रकट किया है। वहीं दोषियों पर कार्रवाई और जांच की बात कही है। इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने मुद्दा बना लिया है।
सोशल मीडिया पर हो रही है पुलिस की आलोचना
सिकलीगर से की गई बर्बरतापूर्ण पिटाई का मामला सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने के बाद हर वर्ग पुलिस की आलोचना कर रहा है। पिटाई करिने वाले वर्दीवालों की दादागिरी को पलसूद के आम लोग चुपचाप खड़े देखते रहे। वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया और विपक्ष ने इस मामले को सिख धर्म की धार्मिक परंपराओं से जोड़ दिया। मामले के बाद पिटाई करने वाले पुलिसकर्मियों के भी अब पसीने छूट रहे हैं। मुख्यमंत्री द्वारा उच्च स्तरीय जांच के आदेश के बाद पिटाई करने वाले पुलिसकर्मी भी सहम गए हैं। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने मारपीट करने वाले एसआई और आरक्षक को निलंबित कर दिया है। अब देखना है ये मामला कहां तक जाएगा और इसके क्या परिणाम सामने आएंगे।
गुरुसिंघ सभा ने की कार्रवाई की मांग
इस मामले को लेकर सिख समाज समाज में खासा आक्रोश है।
पलसूद के ग्रंथी सिख से हुई मारपीट के मामले में गुरु सिंघ सभा ने दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल से देर रात मुलाकात की। इस दौरान इन्होंन एक ज्ञापन भी प्रेमसिंह पटेल को सौंपा है। गुरु सिंघ सभा के अध्यक्ष मनजीतसिंह भाटिया, सचिव जसबीरसिंह गांधी सहित बड़ी संख्या में सिख समाजजन कैबिनेट मंत्री के पास पहुंचे। ज्ञापन में सिख समाजजनों ने बताया कि सिकलीगर बंजारा समाज के प्रेमसिंघ पिता मगनसिंघ पलसूद में गुरुद्वारा में ग्रंथी सिंघ(पुजारी) की सेवा गुरुद्वारा साहिब में निभाते हैं। वहीं दिन में अपने कार्य कर परिवार का गुजारा करते हैं। पलसूद पुलिस ने वाहन का चालान काटने की बात के दौरान प्रेमसिंघ के केश पकड़कर सड़क पर घसीटा और अत्याचार किया। इन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रकार कई बार पुलिसकर्मियों द्वारा सिख सिकलीगर बंजारा समुदाय पर अत्याचार कर परेशान किया जाता है। गुरु सिंघ सभा व सिख समाज ने वीडियो में दिखाई दे रहे दो पुलिसकर्मियों सहित एक महिला पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रंथीजी की बर्बरता पर पूरे विश्व में रोष
इंदौर से आए सतबीरसिंह टूटेजा ने बताया कि सिख समाज के ग्रंथीजी पर हो कार्रवाई हुई है, उसे लेकर इंदौर ही नहीं पूरे विश्व के समाजजनों में रोष है। सबकी यहीं मांग है कि पुलिस वालों पर कठोर कार्रवाई हो। टूटेजा ने कहा कि इस मामले को लेकर एसपी पर भी कार्रवाई होना चाहिए, वहीं पलसूद की एसआई कविता मैडम जिन्होंने ढाई सौ रुपए लेकर सिख समाज के व्यक्ति के साथ ऐसी बर्बरता की उन पर भी कार्रवाई हो। टूटेजा का कहना था कि सिखों पर फर्जी प्रकरण बनाए जा रहे हैं। ओझर में एक फर्जी कट्टे का प्रकरण बनाया है। कार्रवाई नहीं हुई तो हम सीएम हाउस का घेराव करेंगे।
ईधर एसआई ने दी अपनी सफाई
मारपीट करने वाले एसआई सीताराम भटनागर ने बताया कि हमारे द्वारा चालानी कार्रवाई की जा रही थी। इस व्यक्ति के पास बाइक होने पर उसे कागज दिखाने के लिए कहा गया। इस पर वह हमारे साथ दुव्र्यवहार करने लगा। इसी को देखते हुए हमने उसे मेडिकल कराने के लिए गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया। इसके बाद ये वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया गया।
मंत्री पटेल ने की सीएम से चर्चा
गुरु सिंघ सभा के लोग जब कैबिनेट मंत्री के पास पहुंचे तो मंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मोबाईल पर बात कर पूरा घटनाक्रम बताया। कैबिनेट मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि इस मामले में दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है। वहीं उन्होंने बताया कि इसमें जो अन्य दोषी होंंगे, उन पर भी कार्रवाई होगी। इस प्रकार की बर्बरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

vishal yadav Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned