लगातार बरसता पानी, अब बनने लगा लोगों की परेशानी

चार दिन से हो रही बारिश में तरबतर हुआ शहर, जगह-जगह भरा पानी, खाली प्लाटो पर भरा पानी, दे रहा मच्छरजनित बीमारियों को न्यौता, 76 प्रतिशत हुई बोवनी, बचे हुए किसान कर रहे बारिश बंद होने का इंतजार

बड़वानी. जिले से एक सप्ताह की देरी से आरंभ हुए मानसून अब तेजी पकड़ रहा है। पिछले चार दिन से रुक-रुक कर कभी तेज तो कभी रिमझिम बारिश से शहर तरबतर हो चुका है। लगातार हो रही बारिश अब के लिए परेशानी का कारण भी बनने लगी है। कई जगह जलजमाव होने से मच्छरजनित बीमारियों को भी न्यौता मिल रहा है। वहीं, बारिश में नालियों से बहकर गंदगी और कीचड़ पसरा पड़ा है। बुधवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार दिन को भी जारी रहा। दिनभर रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही।
बारिश के चलते अस्पताल के 16 पलंग वार्ड में भी स्थिति बिगड़ रही है। 16 पलंग वार्ड में बाहर बरामदे में चारों ओर पानी टपक रहा है। यहां वार्ड सहित बरामदे में भी पलंग लगाकर मरीजों का इलाज किया जाता है। वहीं, डायलिसिस कक्ष में भी दीवारों पर पानी चू रहा है। यहां एक बार पूर्व में गीली दीवार के कारण डायलिसिस मशीन में करंट आने की घटना भी घट चुकी है। वहीं, आयसोलेशन वार्ड के एक कक्ष में भी छत से पानी टपक रहा है। मरीज नहीं होने से इस कक्ष को फिलहाल बंद कर रखा है। बारिश के चलते अस्पताल परिसर में भी कीचड़ और गंदगी होने से मरीजों के परिजनों को आवाजाही की परेशानी भी हो रही है।
एक कक्ष में बैठा रहे सभी क्लास के बच्चों को
नवलपुरा स्थित माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के तीन पुराने कक्षों में छत से पानी टपकने से कक्षों में पानी भर गया है। यहां सुबह माध्यमिक शाला और दोपहर में प्राथमिक शाला लगती है। गुरुवार को शाला के तीन कक्षों में पानी भरा होने से सुबह कक्षा 6टी से 8वीं तक और दोपहर में कक्षा पहलीं से 5वीं तक के विद्यार्थियों को एक ही कक्ष में बिठाना पड़ा। वहीं, शाला के स्टोर रूम में भी पानी टपकने से यहां रखी किताबें व अन्य सामग्री भी खराब होने का डर बना हुआ है। शाला के बाहर परिसर में नालियों से आया कचरा और कीचड़ जमा हुआ है। जिसके कारण विद्यार्थियों को आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
कॉलोनियों में सड़कें खराब, प्लाटों पर जलजमाव
शहर की कॉलोनियों में भी लगातार बारिश के चलते हालात बिगड़े हुए है। मधुबन कॉलोनी, एकता नगर, बालाजी विहार कॉलोनी सहित अन्य कॉलोनियों में पक्की सड़कें नहीं होने से बारिश के चलते कीचड़ हो रहा है। वहीं, कॉलोनियों के खाली प्लाटों पर भी पानी की निकासी नहीं होने से जल जमाव हो रहा है। जिससे मच्छरों के पनपने का खतरा भी बना हुआ है। कॉलोनियों के साथ शहर की पुरानी सड़कों के हाल भी बेहाल है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी जमा होने से राहगीरों को भी आवागमन में परेशानी हो रही है।
बोवनी ने पकड़ी रफ्तार
मानसून की पहली बारिश के साथ ही जिले में बोवनी शुरू हो गई थी। अब तक जिले में खरीफ सीजन की बोवनी का कार्य निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 76 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। पिछले चार दिन से हो रही बारिश से बोवनी के लिए बचे किसान बारिश बंद होने का इंतजार कर रहे है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष कृषि विभाग द्वारा जिले में खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों की बोवनी का लक्ष्य 2 लाख 37 हजार 648 हेक्टेयर निर्धारित किया है। इसके विरुद्ध अब तक 1 लाख 79 हजार 620 हेक्टेयर यानि 76 प्रतिशत बोवनी हो चुकी है। इसमें मूंग की बोवनी निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 540 हेक्टेयर में अधिक हुई हैं
अब तक बोवनी की स्थिति
फसल- लक्ष्य -अब तक
मक्का -63980- 41960
ज्वार- 27950 -21492
बाजरा -5850 -3437
उड़द -7100 -5953
मूंग -5540- 6080
अरहर -4950- 3746
मूंगफली- 9950- 7742
सोयाबीन -30000- 20181
कपास -65600- 54660
आंकड़े हेक्टेयर में

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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