3 साल बाद भी शुरू नहीं हुई 38 लाख से तैयार मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला

38 लाख की लागत से बनी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला, 3 साल बाद भी मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला नहीं हुई शुरू, वर्ष 2018 में आधुनिक प्रयोगशाला का होना था शुभारंभ

By: vishal yadav

Published: 01 Jul 2019, 10:10 AM IST

बड़वानी/सेंधवा. विकासखंड की एक मात्र मृदा परीक्षण प्रयोगशाला भवन 3 साल पूर्व बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन परीक्षण की मशीनें और स्टाफ नहीं आने से उसका लोकार्पण तक नहीं हुआ है। इससे किसानों को अभी भी अपने खेतों की जमीन की मिट्टी की सेहत जानने के लिए निजी प्रयोगशाला के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यदि ये सुविधा जल्द शुरू होती है, तो विकासखंड के 150 से अधिक गांवों के हजारों किसानों को फायदा मिलेगा।
मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला का भवन निर्माण किया गया है, जो कृषि विभाग के अधीन है। अप्रेल 2018 में आधुनिक प्रयोग शाला तथा तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था के साथ प्रयोगशाला का शुभारंभ होना था। इसके बावजूद अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। तकनीकी यंत्रों व स्टाफ की डिमांड शासन को भेजी जा चुकी है। प्रयोगशाला खुलने के बाद किसानों के आवेदन पर कृषि विशेषज्ञ गांव में जाकर मृदा के नमूने एकत्रित करेंगे तथा उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजेंगे। वे निर्धारित स्थान से ही मिट्टी के नमूने लें, इसके लिए जीपीएस डिवाइस का सहारा लिया जाएगा। प्रयोगशाला की सुविधा मिलती है, तो क्षेत्र के किसानों के लिए अपने खेत की मिट्टी के मिजाज जानने आसानी होगी। पिसनवाल के किसानों ने बताया कि प्रयोगशाला शुरू नहीं होने के कारण मिट्टी का परीक्षण नहीं हो पता है। इससे परेशानी होती है। कई जागरूक किसान खरगोन सहित महाराष्ट्र के अन्य शहरों में स्थित निजी प्रयोगशालाओं में मिट्टी परीक्षण करा रह है।
ऐसे होता है मृदा परीक्षण
कृषि विभाग की प्रयोगशाला में मृदा में मौजूद तत्वों की मात्रा का परीक्षण किया जाता है। इनमें मुख्य तत्व स्फूर, पोटाश, सूक्ष्म तत्व जिंक, कॉपर, मैगनीज एवं आयरन की क्षारीयता, मृदा की अम्लता तथा विद्युत चलाकता जानने की सुविधा है।
डिजीटल मशीनों से होगी जांच
प्रयोगशाला भवन संचालित होने पर इसमें आधुनिक डिजीटल मशीनों से मिट्टी का परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए तकनीकी स्टाफ की भी व्यवस्था की जाएगी। मुख्य तत्व विशेलेषण के लिए सामान्य किसानों से पांच रुपए नमूना शुल्क लिया जाता है। जबकि आदिम जाति व जनजाति के किसानों के लिए तीन रुपए नमूना शुल्क लिया जाता है। इसी प्रकार सूक्ष्म तत्व विश्लेषण कराने के लिए सामान्य किसानों से 40 रुपए तथा अन्य किसानों से 30 रुपए नमूना शुल्क निर्धारित है। मिट्टी की जांच के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड भी उपलब्ध कराया जाता है।
38 लाख से बनी प्रयोगशाला
नगर से करीब 5 किमी दूर मडग़ांव में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला भवन बनकर तैयार है। जिसका निर्माण कार्य पूर्ण एक साल पहले हो चुका है। इस साल से किसानों को सुविधा मिलना थी, लेकिन अभी तक मशीनें तक नहीं आई हैं। प्रयोगशाला की लागत करीब 38 लाख रुपए के करीब है।
जिले में 8 परीक्षण केंद्रों के भवन तैयार सेवा कही भी शुरू नही हुई
कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल जिले के हर ब्लॉक केंद्र के भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन कोई भी परिक्षण केंद्र शुरू नहीं हो पाया है। किसानों को खरगोन जिले के सनावद स्थित निजी प्रयोगशाला जाना पड़ता है। यहां मिट्टी परीक्षण के लिए 2 हजार रुपए तक लगते है।
वर्जन...
परीक्षण प्रयोगशाला को लेकर कुछ मशीनें मिली है, लेकिन फिलहाल केंद्र शुरू कराना संभव नहीं है। वर्तमान में किला परिसर स्थित केंद्र में मिट्टी की जांच की जा रही है।
-एसआर मंडलोई, एसएडीओ कृषि एवं विभाग सेंधवा।

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