कलेक्टर के नाम 4 पेज का सुसाइड नोट पुल पर छोड़ा, शिक्षक ने नर्मदा में लगाई छलांग

गांव में बन रहे मकान के जमीन विवाद में पड़ोसी कर रहे थे तंग, उसी को लेकर था तनाव, छोटी कसरावद नर्मदा पुल पर मिली बाइक, पर्स, चप्पली व सुसाइड नोट, कूदने से पूर्व दोस्त को फोन लगाकर कहा- मैं नर्मदा कूदने जा रहा हूं

By: vishal yadav

Published: 22 Jun 2020, 12:04 PM IST

बड़वानी. मकान बनाने के दौरान पड़ोसियों से हुए जमीन विवाद में कलेक्टर तक को शिकायत करने के बाद भी जब कोई समाधान नहीं हुआ तो शिक्षक ने चार पेज का सुसाईड नोट लिखा और नर्मदा में छलांग लगा दी। नर्मदा में कूदने से पहले उसने अपने दोस्त को कॉल किया और कूदने की बात कही। शिक्षक की बाईक, पर्स, मोबाइल, चप्पल व सुसाईड नोट इंटकवेल के पास बरामद हुए हैं।
जिले के खेतिया क्षेत्र के ग्राम भातकी का एक 32 वर्षीय शिक्षक कैलाश पिता पंडित पाटील ने रविवार शाम चार बजे छोटी कसरावद स्थित बड़े पुल से नर्मदा में छलांग लगा दी। युवक पुल से धार जिले की ओर बने इंटेकवेल के पास से कूदा। इस पर निसरपुर-धार पुलिस ने उसकी सामग्री जब्त कर सर्चिंग शुरु करवाई। पुल से पुलिस को मिला चार पेज का सुसाइड नोट कलेक्टर बड़वानी के नाम लिखा है। जिसमें मकान बनाने के दौरान पड़ोसियों से विवाद होने पर आहत होकर जीवनलीला समाप्त करने की बात लिखी है। वहीं परिवार से माफी मांग उन्हें इंसाफ मिलने के लिए प्रार्थना की बात कही। कोतवाली के एसआई लखनसिंह बघेल ने बताया कि शाम करीब पांच बजे सूचना मिली कि छोटी कसरावद पुल से कोई युवक कूदा है। चूंकी युवक पुल के धार जिले की ओर बने इंटेकवेल के पास से कूदा है। इसलिए वह क्षेत्र धार जिले में आता है। मौके पर निसरपुर चौकी पुलिस ने आकर युवक की बाइक, पर्स, सुसाईड नोट बरामद कर जांच शुरु की। वहीं एसडीईआरएफ वालों से सर्चिंग शुरु करवाई है।
दोस्त पुल पर पहुंचा, तब तक कूद चुका था
नर्मदा में कूदने वाले के दोस्त भूपेंद्र पिता नामदेव पाटील ने बताया कि वह भातकी का निवासी है और अभी शहर में रह रहा है। शाम चार बजे कैलाश का फोन आया कि वह नर्मदा में कूदने जा रहा है। इस पर वो पुल पर पहुंचे, तब तक वह कूद चुका था। भूपेंद्र ने बताया कि कैलाश खेतिया क्षेत्र के ग्राम बेडिय़ा सहायक शिक्षक वर्ग तीन में पदस्थ था। कुछ समय से उसके मकान निर्माण के दौरान आसपास वालों से विवाद चल रहा था। इसको लेकर वो खासा परेशान था। कैलाश के दो बच्चे भी है।
सुसाइड नोट में लिखा दर्द, परिवार से मांगी माफी
पुलिस ने बताया कि सुसाईड नोट में शिक्षक ने जिक्र किया कि मैं अपना मकान बना रहा हूं, लेकिन पड़ोसी निंबा पिता दगा, वंदना पति निंबा, रीता पिता निंबा, भीका पिता सरदार, सकु पति भीका, विवेक पिता भीका व गोलू पिता निंबा द्वारा रुकावट डाली जा रही है। पत्नी को अपशब्द कहे जाते हैं। इसको लेकर उसने पंचायत में आवेदन देकर सरपंच-सचिव से निराकरण की मांग की थी। इसके बाद सरपंच-सचिव व वरिष्ठ ग्रामीणों ने दोनों पक्षों की जमीन ढाई-ढाई इंच कर समझौता किया था। इसके बावजूद संबंधितों पड़ोसियों द्वारा अपशब्द कहते हुए उनकी पत्नी से मारपीट की। वह घर पहुंचा तो पत्नी बेहोश पड़ी थी। उसे अस्पताल में भर्ती कर एफआईआर दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस ने बयान नहीं लिए। पत्नी की तबीयत अधिक खराब होने पर पुलिस से अनुरोध किया तो उनके द्वारा दूसरे पक्ष को आने की बात कही। 18 जून को एफआईआर के बाद भी पुलिस ने बयान नहीं लिए। वहीं इस दौरान उनके पड़ोसी बार-बार मानसिक रुप से प्रताडि़त कर गलत आरोप लगाकर नौकरी से हटाने की धमकी देने लगे। इसके बाद भीका, सकुबाई और विवेक भीका ने अपने समाज के लोगों को बुलाकर उनके खिलाफ भड़काकर शांति भंग करने का प्रयास किया। साथ ही नीता की पत्नी द्वारा गंभीर आरोप लगाकर उलझाया। इससे उन्हें काफी ठेस पहुंची। युवक ने सुसाइड नोट में लिखा कि कलेक्टर इस मामले को संज्ञान में लें और आरोपितों पर कार्रवाई करें। वहीं उसने लिखा कि उसके दो छोटे बच्चों, पत्नी व माता उन पर निर्भर थे। परिवार से माफी मांग लिखा कि मैं माफी मांगता हूं, आपके बीच नहीं रह पाऊंगा। आपको इंसाफ मिलेगा।

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