हमदर्दों का अपनापन के अहसासों से छूमंतर हुई ठंड, पत्रिका की मुहिम को दिया धन्यवाद

गरीबों के हमदर्द बनकर सामने आए समाजसेवी, गरीबों को किया कंबल, गर्म कपड़ों का वितरण

By: मनीष अरोड़ा

Published: 10 Nov 2017, 11:33 AM IST

बड़वानी. खुले आसमान के नीचे सर्द रात में बिना किसी संसाधन के सोते बेघर, बेसहाराओं के लिए कुछ लोग हमदर्द बनकर सामने आए। हमदर्दों के अहसासों की गर्मी से इन बेसहाराओं की ठंड भी छूमंतर हो गई। पत्रिका अभियान हमदर्द के तहत जुड़े समाजसेवियों ने गुरुवार रात को सड़क किनारे ओटलों, बस स्टैंड, अस्पताल परिसर, नेहरू उद्यान में सो रहे बेसहाराओं को कंबल औड़ाए। समाजसेवियों ने पत्रिका की इस मुहिम की सराहना करते हुए हमेशा बेघर, बेसहारों का हमदर्द बनने की बात कही।


सदस्यों ने बांटे कंबल
गुरुवार रात 8 बजे पत्रिका हमदर्द के साथी अविजीत आनंद क्लब, रोटरी सदस्य, एसएमएस ग्रुप, इन्हरव्हील सदस्यों ने कंबलों का वितरण किया। डॉ. चक्रेश पहाडिय़ा, नमि पहाडिय़ा, डॉ. तपन पटेल, विशाल अलोरिया, डॉ. रश्मि पाटीदार, डॉ. लखन पाटीदार, शोभित अग्रवाल, रत्नेश पहाडिय़ा, अजीत जैन, रिद्धि जैन आदि कोर्ट चौराहा स्थित नेहरू उद्यान पहुंचे। यहां आठ-दस बेघर सर्द रात में सो रहे थे। जैसे ही हमदर्द साथियों ने सोए हुए लोगों को कंबल औड़ाना शुरू किए, गर्मी का अहसास होते ही लोग उठ गए और हाथ जोड़कर धन्यवाद देने लगे। हमदर्द साथियों ने बताया ये पत्रिका मुहिम के तहत हो रहा है, तो लोगों ने पत्रिका को भी धन्यवाद दिया। डॉ. चक्रेश पहाडिय़ा ने बताया कि हमदर्द अभियान के तहत जहां रात में खुले में बिना चादर, कंबल के सो रहे लोगों को कंबल बांटने का ये अभियान जारी रहेगा। वहीं, गरीब बस्तियों में गरीब बच्चों को भी हमदर्द अभियान के तहत स्वेटर वितरित किए जाएंगे।


आप भी जुड़ सकते हैं अभियान से
पत्रिका अभियान से शहर का हर व्यक्ति जुड़ सकता है। इसके लिए लोग नए, पुराने कंबल, स्वेटर, गर्म कपड़े दान दे सकते है। इन वस्त्रों कंबलों को जरुरतमंदों तक पत्रिका हमदर्द साथियों की मदद से पहुंचाया जाएगा। इसके लिए रोटरी स्कूल के पास रामदेव बाबा मंदिर मार्ग पर स्थित अजीत जैन की गौरव ब्रदर्स पर संपर्क किया जा सकता है।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned