नहीं दोहराई जाएगी टॉयलेट एक प्रेम कथा की कहानी

शादी से पहले दूल्हा दुल्हन को देना होगा घर मे शौचालय होने का प्रमाणपत्र, शौचालय नहीं होने पर विवाह/निकाह के बाद तीन माह में बनवाना होगा

By: मनीष अरोड़ा

Published: 10 Nov 2017, 03:56 PM IST

बड़वानी. स्वच्छता अभियान पर बनी फिल्म टॉयलेट-एक प्रेमकथा की कहानी अब जिले में नहीं दोहराई जाएगी। फिल्म में नायिका विवाह के बाद ससुराल में शौचालय नहीं होने से मायके लौट जाती है। सामाजिक न्याय विभाग के नए निर्देश से अब शौचालय नहीं होने से विवाहिता को ससुराल नहीं छोडऩा पड़ेगा। विवाह के पूर्व ही दूल्हा-दुल्हन को पता चल जाएगा कि उनके ससुराल में शौचालय है या नहीं। नए निर्देश के अनुसार मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना का लाभ लेने के लिए वर-वधू को विवाह के आवेदन के साथ ही घर में शौचालय होने का प्रमाण-पत्र देना होगा।


कन्यादान विवाह योजना को लेकर एक आदेश किया है जारी
सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग की अपर सचिव अलका श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना को लेकर एक आदेश जारी किया है। जिसके तहत योजन का लाभ लेने वाले वर-वधू परिवारों के घरों में शौचालय निर्मित होकर निरंतर उपयोगरत होना चाहिए। जनपद स्तर पर ग्राम पंचायत और नगरी निकाय क्षेत्र में नगर परिषद, नगर पालिका सीएमओ द्वारा दोनों पक्षों से प्रमाणित करवाया जाएगा। न होने की स्थिति में वर पक्ष के घर में तीन माह के भीतर शौचालय निर्मित कराने का अभिकथन प्राप्त किया जाएगा। सरपंच-सचिव का दायित्व होगा कि उस घर में शौचालय का निर्माण दी गई समयावधि में हो।


आर्थिक स्थिति का भी रखे ध्यान
अपर सचिव ने ये भी स्पष्ट किया है कि कन्यादान योजना का लाभ गरीब वर्ग को दिया जाना है। हो सकता है कि कई परिवार साधनों के अभाव में शौचालय का निर्माण अपने घर में न करा पा रहे हो। ऐसी स्थिति में पंजीयन अधिकारी प्राथमिकता से उसकी पात्रता का परीक्षण करते हुए स्वच्छ भारत मिशन के तहत उसे शौचालय निर्माण की अनुमति देगा। साथ ही ये सुनिश्चित करेगा शौचालय विवाह/निकाह होने के तीन माह के भीतर निर्मित हो जाए। अपर सचिव ने ये भी निर्देश दिए है कि संबंधित हितग्राही का रजिस्टे्रशन कराने के लिए योजना में दिए गए निर्देशों के अतिरिक्त कोई नए दस्तावेज न मांगे जाए।
दिलाएंगे सभी को योजना का लाभ


हितग्राहियों को दिलाया जाएगा लाभ
योजना में शामिल होने वाले सभी हितग्राहियों को लाभ दिलाया जाएगा। अपर सचिव के निर्देशानुसार ही संबंधित निकाय, जनपद को निर्देशों का पालन करने को कहा जाएगा।
-सत्येंद्रङ्क्षसह, डिप्टी कलेक्टर, उपसंचालक सामाजिक न्याय

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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