छात्र संगठन ने रैली निकालकर किया सहायक आयुक्त कार्यालय का घेराव

छात्र संगठन ने रैली निकालकर किया सहायक आयुक्त कार्यालय का घेराव

Rahul Gangwar | Publish: Jul, 14 2018 01:17:44 AM (IST) Barwani, Madhya Pradesh, India

प्रोफाइल के नाम पर नहीं कर सकेंगे परेशान, आदिवासी छात्र संगठन की मांग पर सहायक आयुक्त ने दिए निर्देश

 

 

बड़वानी. नए शिक्षा सत्र शुरू होने के साथ ही ग्रामीण विद्यार्थियों की परेशानियां भी शुरू हो गई है। विद्यार्थियों को स्कूलों में जमा की जाने वाली प्रोफाइल के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। आधार बनाने व अपडेट सहित अन्य दस्तावेजों के लिए कियोस्क के चक्कर लगाना पड़ रहे है। विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कियोस्कों की संख्या कम है। ऐसे में रोजाना शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अलसुबह से विद्यार्थी व पालक कतार लगाने को मजबूर है।
इस समस्यसा के निराकरण के लिए शुक्रवार को आदिवासी छात्र संगठन व जागृत आदिवासी दलित संगठन के बैनर तले विद्यार्थियों व ग्रामीणों ने शहर में रैली निकाली। सहायक आयुक्त कार्यालय का घेराव किया। करीब ढाई घंटे से अधिक समय तक समस्या-मांगों से अवगत कराकर निराकरण के आदेश जारी करने की मांग की। इस दौरान कार्यालय में सहायक आयुक्त विवेक पांडेय के साथ इंदौर संभाग के उपायुक्त गणेश भाबर भी मौजूद थे। संगठन के पदाधिकारियों ने दोनों अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। साथ ही प्रोफाइल के लिए विद्यार्थियों को आ रही परेशानी देखते हुए स्कूल स्तर पर इसकी व्यवस्था की मांग की। सहायक आयुक्त ने आदेश जारी कर विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशान नहीं करने के निर्देश दिए।
आदिवासी संगठनों के तत्वावधान में पुराने कलेक्टोरेट से दोपहर 1 बजे रैली के रूप में विद्यार्थी व समाजजन सहायक आयुक्त कार्यालय पहुंचे। इसके बाद कार्यालय का घेराव कर बैठ गए और उपायुक्त व सहायक आयुक्त से सवाल-जवाब किए।

सूची जारी नहीं हु
विद्यार्थियों ने बताया कि गत माह उनके द्वारा विभाग के संचालित छात्रावासों में नवीन सत्र के लिए प्रवेश के आवेदन जमा किए गए है, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी उसकी प्रवेश सूची नहीं आई है। ऐसे में विद्यार्थियों की एक माह की पढ़ाई बर्बाद हो गई है। विभिन्न हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों में शिक्षकों का अभाव है। सहायक आयुक्त ने कहा कि सोमवार को प्रवेश सूची जारी हो जाएगी।

संशोधन के नाम पर ले रहे २०० रुपए
संगठन की माधुरी बहन व छात्र संगठन के प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश बंडोड ने बताया कि नया शिक्षा सत्र 18 जून से शुरू हो गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थी स्कूल नहीं जा पा रहे। इसका कारण प्रवेश के लिए प्रोफाइल पूरी करने के लिए उन्हें प्रतिदिन कियोस्क के चक्कर लगाने पड़ रहे है। साथ ही आधार बनाने व संशोधन में परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि आधार में संशोधन के नाम पर ग्रामीणों से 200 रुपए तक राशि वसूली जा रही है। शहर में 4 कियोस्क पर प्रतिदिन 20-20 आवेदन लिए जा रहे हैं, जबक विद्यार्थियों की संख्या हजारों में हैं, विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू ही नहीं हो पाई। ग्रामीणों को सुबह 3-4 बजे से कियोस्क पर लाइन में लगना पड़ रहा है। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि प्रोफाइल की कार्रवाई के लिए प्रशासन पास व्यवस्था नहीं हैं, तो शिक्षा सत्र शुरू ही क्यों किया, ये कार्रवाई कराई जानी थी।
&स्कूलों में ही आधार व अन्य व्यवस्था के लिए उच्च स्तर पर प्रस्ताव भेजा गया। इसकी मंजूरी मिलने के बाद स्कूल या संकुल स्तर पर व्यवस्था शुरू कराई जाएगी। विद्यार्थियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
-विवेक कुमार पांडेय, सहायक आयुक्त

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