ओटीपी पूछकर बैंक से उड़ाए रुपए, सायबर सेल ने 24 घंटे में वापस दिलवाए

बच्ची की पढ़ाई के लिए इक_ा कर रखे थे ड्रायवर ने रुपए, रंग ला रही एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया की साइबर जागरुकता की मुहिम

खबर लेखन : मनीष अरोरा
ऑनलाइन खबर : विशाल यादव
बड़वानी. सायबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसके रुपए सायबर सेल ने वापस दिलवाए हैं। बैंक अधिकारी बनकर ठगों ने ड्रायवर से ओटीपी पूछकर उसके बैंक खाते से रुपए निकाल लिए थे। जैसे ही इसकी जानकारी ठगी का शिकार हुए ड्रायवर को लगी, उसने सायबर सेल को इसकी जानकारी दी। सायबर सेल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैंक से रुपया रिफंड करवाया। उल्लेखनीय है कि सायबर ठगी को लेकर एसपी यानचेंग डोलकर भूटिया द्वारा जागरुकता मुहिम चलाई जा रही है। जिसके परिणाम स्वरूप एक व्यक्ति ठगी का शिकार होने से बच गया।
बड़वानी निवासी राहुल पांचाल पेशे से ड्रायवर है। उसने अपनी बच्ची की शिक्षा के लिए अपने बैंक खाते में 10 हजार रुपए जोड़ रखे थे। 5 मार्च को राहुल के फोन पर एक ओटीपी नंबर आया, इसके तुरंत बाद उसे एक व्यक्ति का फोन आया और अपने आप को बैंक अधिकारी बताते हुए उसने राहुल से ओटीपी नंबर मांगा। राहुल ने अपना ओटीपी नंबर बता दिया। इसके कुछ देर बाद राहुल के फोन पर मैसेज आया कि उसके खाते से 10 हजार रुपए निकाले गए है। राहुल ने अपने साथ हुई सायबर ठगी की जानकारी तुरंत सायबर सेल प्रभारी रितेश खत्री को दी। सायबर सेल प्रभारी ने तुरंत ही संबंधित बैंक अधिकारी से चर्चा कर मामले की जानकारी दी और रुपए के ट्रांजेक्शन पर होल्ड लगाने को कहा।
24 घंटे में बैंक में सूचना दे
फंड ट्रांजेक्शन पर होल्ड लगाने के बाद सायबर सेल प्रभारी ने ठगी का शिकार हुए राहुल से बैंक संबंधित सारे कागजात लिए। जिसके बाद बैंक में पुलिसकर्मियों को भेजकर कार्रवाई करवाई। छुट्टियों और बैंक की मेन ब्रांच से सारे कागजात सही पाए जाने पर बुधवार को ठगी का शिकार हुए राहुल के खाते में 10 हजार रुपए वापस आ गए। सायबर सेल प्रभारी रितेश खत्री ने बताया कि बैंक फ्रॉड के 24 घंटे के अंदर बैंक को सूचना दिए जाने पर रुपए रिफंड हो सकते है। इसके लिए तुरंत कार्रवाईकरना चाहिए। सायबर सेल प्रभारी ने बताया कि एसपी वानचेंग डी भूटिया, एएसपी सुनिता रावत के निर्देशन में सायबर सेल ठगी से बचाव और जागरुकता के लिए मुहिम चलाई जा रही है।लोगों को समझाया जा रहा है कि किसी भी अनजान आदमी को अपने बैंक संबंधित कोई भी जानकारी नहीं दी जाए। सायबर सेल की कार्रवाईमें प्रआ सरजू दरोगा, विक्रम किराड़े, आरक्षक अरुण मुजाल्दा, योगेश पाटील का विशेष सहयोग रहा।

मनीष अरोड़ा Bureau Incharge
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