मिर्च फसल पर वायरस का अटैक, पौधे उखाड़ रहे किसान

ले के मिर्च किसानों के वायरस को दूर करने के सारे जतन फेल

By: tarunendra chauhan

Published: 07 Sep 2020, 07:38 PM IST

बड़वानी. जिले में मिर्च की फसल पर वायरस के अटैक के बाद कई किसान अपने खेतों से मिर्च के पौधे उखाड़ रहे हैं। वहीं कई किसानों ने मिर्च की फसल के बीच अन्य फसलें लगा दी है। मिर्च पर हुए वायरस के अटैक से फसल बढ़ नहीं पा रही है और पौधों के पत्ते ऊपर तल से पूरी तरह से मूड़ गए हैं। जिले में अधिकांश किसानों के खेतों में फसल के कुछ ऐसे ही हाल बने हुए हैं। फसल पर वायरस के अटैक के बाद किसानों ने इसे संभालने के कई जतन किए, उसके बाद भी वायरस के अटैक को रोक नहीं पाए। सभी जतन करने के बाद किसान थक हारकर मिर्च के पौधों को उखाडऩे में लग गए हैं। किसान संघ की मानें तो जिले में करीब दस हजार हेक्टेयर में मिर्च की फसल लगी हुई है। वहीं विभागीय जानकारी अनुसार जिले में पांच हजार हेक्टेयर में मिर्च की बुआई हुई है।

मिर्च की फसल को तैयार करने में किसानों को बहुत अधिक खर्च करना पड़ता है। किसानों की मानें तो एक एकड़ में मिर्च का रोपा तैयार करने से लेकर मिर्च लगने तक 70 हजार रुपए तक का खर्च करना पड़ता है। इसमें खेती में मल्चिंग लगाने से लेकर बीज लेना, रोपा तैयार करना, दवाईयों का खर्च सम्मिलित है। जिले के किसान 30 हजार से लेकर 8 0 हजार रुपए किलो तक का बीज लेकर मिर्च का रोपा तैयार करते हैं।

किसानों में है नाराजगी
किसान संघ जिलाध्यक्ष मंशाराम पंचोले ने बताया कि जिले में उत्पादित होने वाली मिर्च फसल मप्र सहित अन्य प्रदेशों में परिवहन होती हैं। बारिश की शुरुआत से ही इस फसल में वायरस की समस्या सामने आई थी। इसको लेकर जिम्मेदार विभाग और विशेषज्ञों से सर्वे करने की मांग की थी। कलेक्टोरेट में ज्ञापन सौंपा था। इसमें उद्यानिकी विभाग से सर्वे कर उचित मुआवजा व बीमा क्लेम दिलवाने की मांग की थी, लेकिन जिम्मेदार प्रभावित फसलें देखने खेतों तक नहीं पहुुंचे। राजपुर क्षेत्र के राजाराम कुशवाह ने चार एकड़ और दिलीप रायक ने दो एकड़ में लगाई मिर्च फसल प्रभावित होने पर खेत साफ किया जा रहा है।

tarunendra chauhan Desk
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