एसएचओ के कमरे में मिला एक देसी कट्टा और तीन कारतूस

शाहपुरा थाना प्रभारी की मौत का मामला : एफएसएल ने माना आत्महत्या,
आखिरी बार शाम 5.15 बजे की थी मोबाइल से बात, उसके बाद मिस्डकॉल, कारण का नहीं चला पता

By: Arun sharma

Published: 20 Jul 2018, 11:33 PM IST

जयपुर. कनपटी पर गोली लगने से मृत शाहपुरा थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह के क्वार्टर में पुलिस को एक देसी कट्टा व तीन कारतूस मिले हैं। उनकी गुरुवार शाम 5.15 बजे मोबाइल पर आखिरी बार विभाग के ही किसी व्यक्ति से बात हुई थी। उसके बाद उनके मोबाइल पर मिस्डकॉल हैं। एेसे में आशंका है कि शाम 5.15 बजे ही उन्होंने खुद को गोली मारी। पुलिस ने बताया कि देसी कट्टा व कारतूस कमरे में एक टेबल पर रखे मिले। ये कहां से आए, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। हालांकि अभी गोली मारने के कारणों का पता नहीं चला है। गोली सिर के दूसरी तरफ छेद करते हुए निकल गई। मामले की जांच चंदवाजी थाना प्रभारी राजवीर सिंह को सौंपी है।

कागज पर लिखा मिला ‘मुखबिर कौन’
एफएसएल ने पलंग पर दीवार के सहारे बैठने की पॉजिशन में शव का मुआयना किया। कनपटी पर गोली लगने के बाद उनका हाथ नीचे की तरफ गिरा और रिवॉल्वर हाथ से छूटकर कमर के नीचे दब गई। उनकी अंगुली रिवॉल्वर का ट्रिगर दबाने की तरफ मुड़ी हुई हैं। एक कागज पर ‘इसका मुखबिर कौन’, जैसे शब्द लिखे मिले हैं।

शाम चार बजे ली थी रिवॉल्वर
थाने के मालखाने से गुरुवार शाम करीब चार बजे रिवॉल्वर लेने के बाद एसएचओ क्वार्टर में चले गए थे। रात करीब 7.45 बजे लांगरी खाना लेकर पहुंचा तो कनपटी पर खून निकलने की जानकारी उसने थाने में दी। पुलिस वहां पहुंची और पड़ताल के बाद करीब 9 बजे आला अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

सबको नसीहत, खुद ने ही किया एेसा
आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर 10 जनवरी को पत्रिका में वीरेंद्र सिंह के विचार छापे गए थे। इसमें उन्होंने लोगों से एेसा कदम हरगिज नहीं उठाने की नसीहत दी थी। अब लोगों में चर्चा है कि वे दूसरों को एेसा कदम नहीं उठाने की नसीहत देते थे, लेकिन खुद एेसा कैसे कर सकते हैं।

Arun sharma Reporting
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