मसालों की फैक्ट्री पर छापा, 200 ग्राम शुद्ध और 800 ग्राम मिलावटी पाउडर व एसेंस से बनाते थे एक किलो लाल मिर्च

masalo me milavat : खाध सुरक्षा विभाग और बस्सी पुलिस ने रविवार देर रात बस्सी रीको औधोगिक क्षेत्र में एक मसाला फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई की।

By: vinod sharma

Updated: 27 Nov 2019, 04:52 PM IST

बस्सी (जयपुर). मोटे मुनाफे के खेल में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खेल रहे हैं। अगर आप बाजार से खुला मसाला खरीद कर खाते हैं तो आपके लिए बुरी खबर है। जो मसाला आप खा रहे हैं वो मिलावटी हो क्योंकि मसालों में मिलावट का खेल शहर में बड़े पैमाने पर चल रहा है। masalo me milavat अभी तक मिलावट के बारे में बड़े शहरों से खबरें आती थीं लेकिन इस बार हम-आपके बीच से मिलावट की बात सामने आई है। अभी तक इसको लेकर चर्चा होती थी, लेकिन जिस तरह की तस्वीरे सामने आई हैं वो हैरान करने वाली हैं।

ब्रांडेड कम्पनी के एक्सपाइरी डेट के मसाले भी मिले...
खाध सुरक्षा विभाग और बस्सी पुलिस ने रविवार देर रात बस्सी रीको औधोगिक क्षेत्र में एक मसाला फैक्ट्री पर छापे की कार्रवाई की। जहां से मिलावटी मसालों के साथ ब्रांडेड कम्पनी के एक्सपाइरी डेट के मसाले भी मिले हैं। टीम मसाला फैक्ट्री के हालत देखकर दंग रह गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मसालों की जांच की तो मिलावट पाई गई। कार्रवाई के दौरान बस्सी एसीपी और थानाधिकारी भी मौजूद रहे।

मसालों में डाला जा रहा रंग...
फैक्ट्री से मिलावटी मसाले तैयार कर बाजार में बेचने के मामले में गिरफ्तार आरोपी हरकेशपाल गुर्जर और गिरीश चन्द यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पुलिस के हौश उड़ गए। हालांकि फैक्ट्री मालिक संतोष गुप्ता निवासी मोहनपुरा बस्सी हाल जनता कॉलोनी जयपुर अभी तक फरार है। masalo me milavat पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को मंगलवार को न्यायालय में पेश किया। जहां से दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।

200 ग्राम मिर्ची व 800 ग्राम मिलावट...
आरोपियों ने बताया कि धनिया में बाजरा मिलाया जा रहा था। मिर्ची व हल्दी में चावल की चापड़ व अरडू का बुरादा मिलाकर मिलावट करते थे। एक किलो मिर्ची में 200 ग्राम मिर्ची व 800 ग्राम मिलावट का सामान होता है और केमिकल से कलर दिया जाता है। मसालों में सिंथेटिक केमिकल व कपड़ा छपाई का कलर मिलाकर काम में लेते थे, जिससे मिर्ची लाल सुरख दिखती थी।

दिन में ताला, रात में होता काम...
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दिन में फैक्ट्री में ताला लगाकर रखा जाता था। रात में मिलावटी मसाले तैयार करते थे। फैक्ट्री मालिक भी रात को ही आता था और सुबह दिन निकलते ही वैन में तैयार माल भरकर निकल जाता था।

मालिक स्वयं ही करता था सप्लाई...
फैक्ट्री मालिक तैयार माल को वैन में भरकर दौसा, जयपुर और आसपास के इलाकों में खुद ही सप्लाई करता था। किसी को मिलावटी मसालों का पता नहीं चले, इसके लिए वह मजदूर भी बाहर के रखता था। masalo me milavat मजदूरों को मिलावटी माल तैयार करने और किसी को यह जानकारी नहीं देने के लिए अलग से पैसे देता था। लोगों को भ्रमित करने के लिए पड़ौसी की फैक्ट्री ले रखी थी। माल सप्लाई करने वाली वैन पड़ौसी की फैक्ट्री में रखता था।

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