रामदेव पशु मेले के बाद अब महाशिव रात्रि पशु मेले के आयोजन पर भी संकट


राज्य सरकार की स्वीकृति के इंतजार में पशुपालन विभाग
टूट सकती है पशुपालकों की आस

By: Rakhi Hajela

Published: 10 Feb 2021, 08:15 PM IST

कोविड (Covid) के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे पशुपालकों (Cattle ranchers) की आस नए साल में होने वाले जिन पशु मेलों पर टिकी थी वह टूट सकती है। संभावना है कि नागौर के रामदेव पशु मेले (Ramdev Cattle Fair ) के बाद अब करौली में आयोजित होने वाला महाशिव रात्रि पशु मेला (Mahashiva Night Cattle Fair ) इस बार आयोजित नहीं किया जा सके। हालांकि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है लेकिन विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बाड़मेर के तिलवाड़ा में मार्च में लगने वाले श्री मल्लीनाथ पशु मेले (Shree Mallinath Cattle Fair) से इस वर्ष के पशु मेलों की शुरुआत हो सकेगी। यदि ऐसा होता है तो पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना होगा।
आपको बता दें कि नागौर में 12 फरवरी से बाबा रामदेव पशु मेले का आयोजन होना था लेकिन स्थानीय जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। पशु प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम में सामाजिक दूरी बनाए रखना असंभव बता नागौर में आयोजन होने वाले विश्व प्रसिद्ध श्री रामदेव पशु मेले को ही निरस्त करवा दिया। इसका खुलासा नागौर के अधिकारियों द्वारा पशुपालन विभाग को भिजवाई गई रिपोर्ट में हुआ, जिसके आधार पर संयुक्त शासन सचिव डॉ. वीरेंद्र सिंह ने मेले के आयोजन को निरस्त किया है।
बेनीवाल ने की थी आयोजन की मांग
गौरतलब है कि नागौर के प्रसिद्ध मेले का आयोजन करवाए जाने की नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी मांग की थी। उन्होंने इस संबंध में पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया को पत्र भी लिखा था। उनका कहना था कि जरूरी नहीं है कि मेले में केवल पशु प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम ही करवाए जाएं। मेले का मूल उद्देश्य पशुओं की बिक्री करना होता है लेकिन आर्थिक संकट से जूझ रहे पशुपालकों के साथ मेले के आयोजन पर रोक लगाकर अन्याय किया गया है। कोरोना की आड में पशु मेले के आयोजन को रद्द करना किसानों व पशुपालकों के हितों के खिलाफ है।
1964 से हो रहा था आयोजन
आपको बता दें कि शिवरात्रिपशु मेला करौली में वर्ष 1964 से पशु पालन विभाग की ओर से आयोजित किया जाता रहा है। इस मेले में गौवंश के साथ ऊंट, घोड़े, भैंस और बकरी की आवक होती है। गत वर्ष यह आखिरी मेला था जिसे विभाग ने आयोजित करवाया था। इसके बाद होने वाले मेले कोविड के कारण निरस्त कर दिए गए। गौरतलब है कि पशुपालन विभाग प्रदेश में हर साल 10 पशु मेलों का आयोजित करवाया है। गत वर्ष कोविड के कारण आठ मेले निरस्त किए गए थे। गत वर्ष नागौर का रामदेव पशुमेला और करौली का महाशिव रात्रि मेला ही आयोजित किया गया था।
इन मेलों को किया गया था निरस्त
श्री गोमती सागर पशु मेला, झालारापाटन, झालावाड़
श्रीगोगामेड़ी पशु मेला, गोगामेड़ीए हनुमानगढ़
श्री वीर तेजाजी पशु मेला परबतसर, नागौर
श्री जसवंत प्रदर्शनी और पशु मेला, भरतपुर
श्री कार्तिक पशु मेला,पुष्कर,अजमेर
श्री मल्लीनाथ पशु मेला, तिलवाड़ा, बाड़मेर
श्री बलदेव पशु मेला, मेड़तासिटी, नागौर
इनका कहना है,
हमारे पास नागौर जिला कलेक्टर का पत्र आया था। उन्होंने नागौर में मेले के आयोजन की स्वीकृति नहीं दी। अब महाशिव रात्रि के पर्व पर करौली में पशु मेले का आयोजन होना है। अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। संभावना है कि मार्च में होने वाले मल्लीनाथ मेले से मेलों के आयोजन की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी।
डॉ. राजेश वर्मा उपनिदेशक,विस्तार
पशुपालन विभाग, जयपुर।

Rakhi Hajela Desk
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