...और इंतजार करना पड़ेगा

12 लाख की लागत से बन रहे भवन का निर्माण कार्य अटका, मिलना है आयुर्वेद चिकित्सा सुविधा के लिए

By: Gourishankar Jodha

Published: 10 Sep 2020, 11:13 PM IST

सामोद। 15 साल से उपस्वास्थ्य केंद्र के एक छोटे से कमरे में चल रहे नांगल भरड़ा के आयुर्वेद औषधालय के खुद के भवन निर्माण की आस अधूरी साबित हो रही है। हालांकि भवन निर्माण शुरू होने से आधा दर्जन गांवों व दो दर्जन से अधिक ढाणियों के लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा की आस जगी थी, लेकिन अभी इन्हें और इंतजार करना पड़ेगा।
वर्तमान सरपंच की ओर से निर्माण शुरू किया गया, वहां पर जमीन का नियमानुसार पट्टा जारी नहीं होने व नवीन भवन गांव से दूरी होने की शिकायत के चलते कार्य तीन माह से बंद है। भवन 12 लाख की लागत से बन रहा था। इलाके में आयुर्वेद चिकित्सा की पर्याप्त सुविधा नहीं होने की मांग पर विभाग ने भवन निर्माण के लिए 12 लाख रुपए स्वीकृत किए थे।
ऐसे बंद हुआ कार्य
पहले ग्राम पंचायत ने आयुर्वेदिक औषधालय के भवन के लिए 26 मई 2017 को वीर हनुमान मंदिर के रास्ते स्थित संस्कृत स्कूल के पास दो सौ वर्ग मीटर का पट्टा जारी किया। इसके बाद मेडिकल एंड हेल्थ डिपार्टमेंट ने 13 मार्च 2020 को भवन निर्माण के लिए 11 लाख 73 हजार 280 रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की। इस पर निर्माण शुरू कर दिया गया, लेकिन 17 जून को वर्तमान सरपंच ने नियमानुसार पट्टा जारी नहीं करने की बात कहकर निर्माण बंद करवा दिया।
15 साल से छोटे से कमरे में हैं संचालित
उक्त औषधालय 15 सालों से नांगल भरड़ा के उपस्वास्थ्य केंद्र के एक छोटे से कमरे में संचालित है। इससे चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा। साथ ही मरीजों को चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है।
50 हजार की आबादी, फिर भी नहीं कोई सुविधा
ग्राम पंचायत नांगल भरड़ा सहित हाथनोदा, भोपावास, अमरपुरा, विशनपुरा, चारणवास, बरवाड़ा सहित आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांव व दो दर्जन से अधिक ढाणियों के 50 हजार की आबादी है, लेकिन वर्षों से चिकित्सा सुविधा नहीं है। ऐसे में लोगों को आयुर्वेद व अन्य चिकित्सा के लिए 10 किमी दूर चौमूं जाना पड़ता है।

Gourishankar Jodha
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