आए थे तहसीलदार से मिलने और धरना देकर बैठ गए

विधायक के जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने पर मामला हुआ शांत

शाहपुरा।

शाहपुरा तहसील में विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले आमजन के समय पर कार्य नहीं होने और अधिकारियों द्वारा दुव्र्यवहार करने का मामला सामने आया है।

तहसीलदार द्वारा ग्रामीणों के साथ दुव्र्यवहार करने का आरोप लगाते हुए आक्रोशित ग्राम पंचायत चिमनपुरा व आसपास के गांवों के दर्जनों लोग विरोध जताते हुए तहसील परिसर में धरने पर बैठ गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि अतिक्रमण की समस्या को लेकर तहसील में आए थे। जहां तहसीलदार ने सुनवाई करने के बजाय उनके साथ दुव्र्यवहार कर कमरे से बाहर निकाल दिया। दुव्र्यवहार से खफा ग्रामीण करीब ४ घंटे तक तहसील के सामने परिसर में धरने पर बैठे रहे।

ग्रामीणों ने विराटनगर विधायक इन्द्राज गुर्जर को मामले की शिकायत की। जिस पर मौके पर पहुंचे विधायक ने ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद एसडीएम व तहसीलदार से वार्ता कर मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीणों ने शाम को ५ धरना समाप्त किया।

समय पर कार्य नहीं करने का लगाया आरोप
इस दौरान ग्रामीण सीताराम यादव, पूर्व उपसरपंच नरसीराम यादव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष महेन्द्र यादव, पूर्व अध्यक्ष रोहिताश यादव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दशरथ यादव, शंकर यादव, रामफूल पोषवाल, श्रवण मीणा, सुरेश खटाणा, छाजूराम सहित कई धरनार्थियों ने विधायक व एसडीएम के समक्ष तहसील कार्यालय में आमजन के समय पर कार्य नहीं करने और खुलेआम लेनदेन करने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने बताया कि यहां आमजन का कार्य समय पर नहीं किया जाता और कार्यालय में आने पर दुव्र्यवहार किया जाता। इससे लोग परेशान है। उन्होंने तहसीलदार को यहां से हटाने की भी विधायक से मांग की। जिस पर विधायक ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं, एसडीएम नरेन्द्र मीणा ने कहा कि यदि ऐसी शिकायत है तो लिखित में शिकायत दो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

कलक्टर के आदेश पर भी नहीं हो रहा कन्वर्जन
व्यवसायी सुरेश खटाणा ने विधायक को बताया कि उन्होंने पेट्रोल पम्प की भूमि कन्वर्जन के लिए आवेदन किया था। जिस पर कलक्टर से आदेश होने पर भूमि का कन्वर्जन नहीं हो रहा। खटाणा ने तहसील के टीआरए पर बेवजह कार्य को लटकाने का आरोप लगाया।

वहीं, सीताराम व छाजूराम ने बताया कि अतिक्रमण हटाने की कई बार गुहार करने के बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस पर विधायक ने एसडीएम को आमजन की समस्याओं का तत्परता से समाधान करने के निर्देश दिए।

साथ ही विधायक ने इस मामले में जिला कलक्टर से वार्ता कर कार्य में सुधार कराने का आश्वासन देकर लोगों को शंात किया।


7 दिन का दिया अल्टीमेटम


इधर, ग्रामीणों ने 7 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर फिर से धरना-प्रदर्शन करने का अल्टीमेटम दिया। ग्रामीणों ने कहा कि तहसील में कर्मचारियों व अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है। इसमें सुधार की आवश्यकता है। जिस पर विधायक ने कलक्टर से वार्ता कर मामले की जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का भरोसा दिया।

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अतिक्रमण की शिकायत लेकर तहसील में आए ग्रामीणों के साथ तहसीलदार द्वारा दुव्र्यवहार करने की शिकायत मिली थी। जिस पर कलक्टर व एसडीएम से वार्ता की है। एसडीएम से मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी होगा तो कार्रवाई की जाएगी। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए कलक्टर को अवगत कराया जाएगा। -----इन्द्राज गुर्जर, विधायक, विराटनगर

ग्रामीणों ने तहसीलदार के खिलाफ दुव्र्यवहार करने की शिकायत दी है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। ------नरेन्द्र कुमार मीणा, उपखण्ड अधिकारी, शाहपुरा


दुव्र्यवहार करने का आरोप बेबुनियाद है। किसी मामले की शिकायत लेकर एक साथ 20-25 लोग कार्यालय में आए थे। मैंने उनको कहा कि मेरा चेम्बर छोटा है इसलिए ४-५ लोग अन्दर आ जाएं। इस पर कुछ लोगों ने शोर शराबा शुरू कर दिया, तो मैंने ऑफिस की गरिमा बनाए रखने के लिए ही बोला था। दुव्र्यवहार किसी के साथ नहीं किया। समय पर कार्य नहीं होने की शिकायत भी गलत है। सभी का कार्य प्राथमिकता से समय पर किया जाता है। ----संदीप सिंह चौधरी, तहसीलदार, शाहपुरा

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