सावधान! ऑनलाइन ठग सक्रिय, लिंक पर ऐसे ​क्लिक करने के लिए करते हैं प्रोत्साहित

परिचित बनकर वाट्सअप व मैसेंजर पर लिंक भेज रहा है तो कोई गैस बुकिंग से जालसाजी

By: Surendra

Published: 18 Apr 2020, 10:45 PM IST

शाहपुरा. लॉकडाउन के बीच ठगों ने ऑनलाइन जालसाजी का जाल बिछा दिया है। ठग नए-नए तरीकों से जालसाजी के रास्ते अपना रहे हैं। कोई परिचित बनकर वाट्सअप व मैसेंजर पर लिंक भेज रहा है तो कोई गैस बुकिंग कराने के लिए। ताकि लोग आसानी से जालसाजी का शिकार हो सके।

शाहपुरा इलाके में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। ठगों के जाल में फंसकर कई उपभोक्ता इनके शिकार हो गए, वहीं कुछ उपभोक्ताओं ने तत्काल अपने बैंक खातों को होल्ड करवा दिया। अन्यथा बैंक खातों में जमा राशि चंद मिनटों में उड़ा ली जाती। हालांकि दो उपभोक्ताओं के बैंक खातों में तो चपत भी लगा दी गई। परिचित बनकर रुपए की जरूरत के लिए तो कोई गैस बुकिंग कराने के नाम पर वाट्सअप पर लिंक भेजे जा रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही खाते से रुपए उड़ जाते हैं। गैस बुकिंग के नाम पर दो उपभोक्ताओं से ठगी करने के मामले में सैनिक गैस एजेंसी प्रबंधक ने शाहपुरा थाने में रिपोर्ट भी दी है। शनिवार को शाहपुरा कस्बा निवासी सतर्कता के चलते ठगी का शिकार होने से बच गया। ऑनलाइन ठग ने परिचित बनकर रुपए की जरूरत होने की बात कही और वाट्सअप पर लिंक भेजा। भरोसा दिलाने के लिए पहले तो ठग ने 5 रुपए का और फिर 10 रुपए का क्रेडिट link भेजा। जिसे क्लिक करते ही खाते में राशि आ गई। इसके बाद ठग ने 20 हजार रुपए का डेबिट रिक्वेस्ट लिंक भेज दिया। उपभोक्ता ने सतर्कता दिखाते हुए तत्काल बैंक में जानकारी दी और खाते को होल्ड करवा दिया। अन्यथा बैंक खाते में चपत लग सकती थी।


वेबसाइट पर ठग ने डाल दिए अपने नम्बर

शाहपुरा सैनिक गैस एजेंसी मैनेजर विजय कुमार शर्मा ने बताया कि आरोपित ने जस्ट डायल वेबसाइट पर गैस एजेंसी के नम्बर हटाकर खुद के नम्बर डाल दिए थे। साथ ही उभोक्ताओं को गैस के लिए पेमेंट करने के लिए मोबाइल पर लिंक भी भेजा है। इससे दो उपभोक्ता ठगी का शिकार हो गए थे। हालांकि इस मामले में थाने में मामला दर्ज करवाकर वेब साइट से उक्त नम्बर हटा दिया है।

ठगी का शिकार होने से बचे युवक

ग्राम बिदारा निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी कुछ दिन पहले सतर्कता के चलते ठगी का शिकार होने से बच गया है। उसकी फेसबुक आईडी पर अंकित वर्मा की आईडी को हैक कर साइबर आरोपित ने मैसेंजर पर 2 हजार रुपए देने की मांग की। बुनकर ने तत्काल अंकित से फोन पर बात की तो माजरा सामने आ गया। इसी तरह खोरी निवासी धर्मपाल यादव के पास भी परिचित व्यक्ति बनकर एक ठग ने मैसेंजर पर लिंक भेजा था।

साइबर सेल में करें शिकायत

बैंक कार्मिक सीताराम बुनकर ने बताया कि ऑनलाइन मैसेज या फोन पर जानकारी पूछने पर कोई भी अपने बैंक खाते से संबंधित जानकारी नहीं दें। बैंक से फोन पर इस तरह की कोई जानकारी नहीं पूछी जाती। सबसे पहले बैंक अधिकारियों से संपर्क कर एटीएम और बैंक खाता ब्लॉक कराएं। इसके बाद पुलिस के साइबर सेल में शिकायत करें।

केस-1

8 अप्रेल को शाहपुरा निवासी उपभोक्ता सुरेशचंद यादव के मोबाइल नम्बर पर एक लिंक आया था। उस लिंक पर क्लिक करते ही उसके खाते से 700 रुपए निकल गए।

केस-2
9 अप्रेल को खोरी निवासी अमित सोलंकी के पास भी इसी तरह का एक लिंक आया था। पेमेंट करने के लिए जैसे ही उक्त लिंक पर क्लिक किया उसके खाते से 5 हजार रुपए कट गए।

Surendra
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