कोरोना प्रभाव : घरों में यह ध्यान रखें, अब चिकित्सा विभाग इस नियम में करेगा कार्यवाही

मौसमी बीमारियों के साथ कोरोना फैलने का खतरा

बचाव के लिए प्रशासन करेगा सख्ती और आमजन बरतें सतर्कता

By: Surendra

Published: 26 Jun 2020, 11:11 PM IST

कोटपूतली. क्षेत्र में बारिश का दौर शुरू होने के साथ ही कोरोना के अलावा मच्छरजनित बीमारियां भी बढऩे लगी है। कोरोना के मध्यनजर अस्पतालों में भीड़ नियंत्रित करने के लिए मच्छरजनित बीमारियों पर काबू पाने के लिए अब एपिडेमिक एक्ट के तहत 500 रुपए जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। एपिडेमिक एक्ट के तहत किसी भी घर में टायर, बर्तन व सूखी टंकी में कई दिनों पुराना पानी भरा मिलने पर जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

कोरोना पर काबू पाना मुश्किल

चिकित्सकों का कहना है कि मौसमी बीमारियों को नहीं रोका गया तो कोरोना अधिक फैल सकता है। कचरा व गंदगी के कारण मच्छर अधिक पनपते हैं। कस्बे में नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छर पनपने और इससे डेंगू मलेरिया फैलने का अंदेशा रहता है, लेकिन इस बार कोरोना के कारण अधिक चुनौती है असल में कोरोना का संक्रमण खांसी, जुकाम वाले मरीजों से अधिक फैलता है। मच्छरों के काटने से बुखार के साथ खांसी जुकाम भी होता है। मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए पालिका स्तर भी जागरुकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक फोगिंग की जाएगी। लार्वा को नष्ट करने के लिए दवाओं का छिड़काव भी किया जाएगा।

---एपिडेमिक एक्ट में 500 रुपए का जुर्माना लगाने का प्रावधान है, लेकिन अभी तक क्षेत्र में इस तरह के जुर्माने की कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन अब कोरोना से निपटने की चुनौती है। इसलिए मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए जुर्माना सहित अन्य आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

रामनिवास यादव, बीसीएमएचओ, कोटपूतली

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